NEET PG 2026 में बड़े बदलाव: एग्जाम सेंटर पर आधार-बायोमेट्रिक जांच अनिवार्य; फिंगरप्रिंट फेल तो होगा आइरिस स्कैन
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, नई दिल्ली।
NEET PG 2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए इस बार कई अहम बदलाव किए गए हैं। परीक्षा को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया है।
30 अगस्त को आयोजित की जाएगी परीक्षा
इसके साथ ही एग्जाम सिटी आवंटन की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। इस साल NEET PG के लिए 2.7 लाख से ज्यादा मेडिकल ग्रेजुएट्स ने आवेदन किया है। परीक्षा 30 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएगी।
फिंगरप्रिंट नहीं मिला तो आइरिस स्कैन से पहचान
नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्रेशन के समय और परीक्षा वाले दिन उम्मीदवार की पहचान आधार आधारित ऑथेंटिकेशन के जरिए की जाएगी। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन होगा।
अगर किसी अभ्यर्थी का फिंगरप्रिंट मैच नहीं होता है तो उसकी पहचान आइरिस यानी आंखों की पुतली के स्कैन के जरिए की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रतिरूपण और फर्जी अभ्यर्थियों के जरिए परीक्षा दिलाने जैसी गड़बड़ियों को रोकना है।
एग्जाम सिटी चुनने के नियम भी बदले
परीक्षा केंद्र आवंटन में भी बदलाव किया गया है। आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को तीन पसंदीदा राज्यों का चयन करना होगा। इनमें पत्राचार वाला राज्य पहली प्राथमिकता के रूप में चुनना जरूरी होगा। अभ्यर्थियों को परीक्षा शहर की जानकारी एग्जाम से करीब तीन सप्ताह पहले उपलब्ध करा दी जाएगी। इससे उन्हें यात्रा और ठहरने की व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।
180 सवालों के लिए मिलेंगे साढ़े तीन घंटे
NEET PG 2026 में कुल 180 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। इन्हें हल करने के लिए उम्मीदवारों को 210 मिनट यानी 3 घंटे 30 मिनट का समय मिलेगा। परीक्षार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से अधिक मजबूत करने की तैयारी की गई है।
CCTV से लेकर सिग्नल जैमर तक
परीक्षा केंद्रों पर CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक जांच, अभ्यर्थियों की तलाशी और सिग्नल जैमर की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा डायनेमिक कंप्यूटर आवंटन और केंद्रीय व क्षेत्रीय कमांड सेंटर से परीक्षा की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी।
60 हजार से ज्यादा कर्मचारी तैनात
पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी के लिए 60 हजार से अधिक कर्मचारियों को तैनात किए जाने की तैयारी है। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए मल्टी-लेयर एन्क्रिप्शन और निर्धारित समय पर डिजिटल डिक्रिप्शन जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
पेपर लीक की अफवाहों से बचने की अपील
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निष्पक्ष और तकनीक आधारित परीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अभ्यर्थियों से पेपर लीक या परीक्षा से जुड़ी दूसरी अफवाहों पर विश्वास नहीं करने की अपील की गई है।
NBEMS ने प्रतिरूपण, दलालों की गतिविधियों और परीक्षा से जुड़ी अन्य अनियमितताओं की शिकायत के लिए विशेष ईमेल सुविधा भी शुरू की है।
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