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एटीएस की बड़ी कार्रवाई: फर्जी पासपोर्ट रैकेट का हुआ खुलासा; 5 अफगान नागरिक गिरफ्तार

KHULASA FIRST

संवाददाता

23 फ़रवरी 2026, 2:44 pm
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एटीएस की बड़ी कार्रवाई

खुलासा फर्स्ट, जबलपुर।
मध्यप्रदेश एटीएस (ऐंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) ने फर्जी पासपोर्ट रैकेट का खुलासा करते हुए कोलकाता से 5 अफगान नागरिकों को गिरफ्तार किया है। रविवार को सभी आरोपियों को जबलपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 25 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार अफगान नागरिकों की पहचान जिया उल रहमान, सुल्तान मोहम्मद, रजा खान, सैयद मोहम्मद और जफर खान के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि ये सभी 2018-19 के दौरान काबुल (अफगानिस्तान) से दिल्ली होते हुए कोलकाता पहुंचे थे। सुल्तान मोहम्मद मेडिकल वीजा पर भारत आया था। बाकी चार अवैध तरीके से भारत में दाखिल हुए थे

ढाई लाख में पासपोर्ट की डील
मध्यप्रदेश एटीएस की जांच में खुलासा हुआ है कि इन आरोपियों ने भारतीय पासपोर्ट बनवाने के लिए जबलपुर में रह रहे मास्टरमाइंड सोहबत खान से प्रति व्यक्ति करीब 2.5 लाख रुपए में सौदा किया था।

आरोपियों ने पासपोर्ट आवेदन में 300 मोतीनाला तालाब सदर, 410 उपरैनगंज और 870 छोटी ओमती जैसे फर्जी पते दर्ज कराए। इन्हीं पतों के आधार पर सत्यापन कराकर पासपोर्ट बनवाए गए।

5 में से 4 पासपोर्ट जारी
5 में से 4 पासपोर्ट जारी हो चुके थे। 3 पासपोर्ट एटीएस ने जब्त कर लिए। 1 पासपोर्ट गलत पते के कारण पासपोर्ट कार्यालय वापस चला गया।

AK-47 वाली फोटो से खुली पोल
इस पूरे नेटवर्क का खुलासा तब हुआ जब मुख्य आरोपी सोहबत खान ने सोशल मीडिया पर AK-47 के साथ फोटो पोस्ट की। इसके बाद एटीएस की जांच शुरू हुई और अगस्त 2025 में सोहबत की गिरफ्तारी हुई।

जांच में सामने आया कि सोहबत 2015 में पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत आया, भोपाल होते हुए जबलपुर पहुंचा और यहां छोटी ओमती क्षेत्र में निकाह कर बस गया। वह बीते 10 साल से जबलपुर में रह रहा था।

अकबर के पासपोर्ट से शुरू हुआ खेल
सोहबत ने सबसे पहले अकबर नामक व्यक्ति का पासपोर्ट बनवाया। दो से ढाई लाख रुपए लिए। गिरोह के सदस्यों ने फर्जी पते और दस्तावेज तैयार किए। सत्यापन के बाद पोस्टमैन को 3 हजार रुपए देकर रास्ते में ही पासपोर्ट हासिल कर लिया।

सरकारी कर्मचारी भी शामिल
इस मामले में पहले ही कोलकाता निवासी मोहम्मद इकबाल और अकबर, जबलपुर निवासी कथित अधिवक्ता चंदन सिंह, वन विभाग कर्मचारी दिनेश गर्ग और महेंद्र कुमार सुखदान को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक इस फर्जी पासपोर्ट रैकेट में कुल 11 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

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