शराब ठेकेदार आत्महत्या मामला: सीबीआई ने शुरू की जांच; परिवार से की पूछताछ
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के कनाड़िया क्षेत्र के शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना आत्महत्या मामले में सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को भोपाल से पहुंची सीबीआई टीम ने दिनेश मकवाना के घर पहुंचकर परिजनों से पूछताछ की और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच की।
तीन घंटे तक चली पूछताछ
जानकारी के अनुसार सीबीआई के करीब छह अधिकारी मकवाना परिवार के घर पहुंचे। टीम ने लगभग तीन घंटे तक परिवार के अलग-अलग सदस्यों से बातचीत की और घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने दिनेश के कमरे का निरीक्षण किया और उनके जीजा सहित अन्य परिजनों से भी पूछताछ की।
नवंबर 2025 में की थी आत्महत्या
दिनेश मकवाना ने नवंबर 2025 में कथित रूप से जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उन्होंने आबकारी विभाग की तत्कालीन उपायुक्त मंदाकिनी दीक्षित पर 22 लाख रुपए रिश्वत लेने और हर महीने 3 लाख रुपए की मांग करने के आरोप लगाए थे। मकवाना इंदौर क्षेत्र में पांच शराब दुकानों का संचालन करते थे।
मां की तबीयत खराब, बयान नहीं हो सके
सीबीआई अधिकारियों ने दिनेश की मां संतोष बाई मकवाना के बयान दर्ज करने की तैयारी की थी, लेकिन उनकी तबीयत खराब होने के कारण बयान नहीं लिए जा सके। अधिकारियों ने दोबारा आकर बयान दर्ज करने की बात कही है।
पुलिस जांच को लेकर भी पूछे सवाल
सीबीआई ने परिजनों से यह भी जानकारी ली कि अब तक पुलिस जांच में क्या कार्रवाई हुई, कौन-कौन से बयान दर्ज किए गए और जांच किस स्थिति में पहुंची थी। अधिकारियों ने यह सवाल भी पूछा कि यदि दिनेश आबकारी अधिकारियों से परेशान थे, तो उन्होंने उच्च स्तर पर शिकायत क्यों नहीं की।
45 दिन बाद सामने आया था वीडियो
मामले में नया मोड़ तब आया था जब दिनेश की मौत के करीब 45 दिन बाद उनका एक वीडियो सामने आया। वीडियो में उन्होंने आबकारी अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्कालीन उपायुक्त मंदाकिनी दीक्षित को निलंबित किया गया था और मामले की जांच कनाड़िया पुलिस को सौंपी गई थी।
हाईकोर्ट के आदेश पर CBI जांच
पुलिस जांच से असंतुष्ट होकर दिनेश की मां ने 4 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 18 मई को सीबीआई को मामला दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए। इसके बाद सीबीआई ने 22 मई को एफआईआर दर्ज कर आधिकारिक जांच शुरू कर दी।
वित्तीय दस्तावेज भी खंगाले
सीबीआई टीम ने मकवाना परिवार के व्यापार और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों का भी निरीक्षण किया। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी आबकारी विभाग और तत्कालीन अधिकारियों से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
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