खुदी सड़क और खुला चेंबर: रोज गिरकर घायल हो रहे लोग; पानी की लाइन के नाम पर रोड खोदकर छोड़ी, निगम अफसरों की लापरवाही से हो रहे हादसे
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
एमआर-10 चौराहे के पास वीणा नगर में खुदी सड़क और चेंबर के कारण लोगों की जान जोखिम में पड़ गई है। वार्ड 22 के इस इलाके में रहने वाले लोगों ने बताया कि कुछ समय पहले पानी की पाइप लाइन डालने के लिए सड़क खोदी गई थी।
लाइन डालने के बाद रोड ठीक नहीं किया गया और न फिर से उसी जगह पर गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया। बारिश का पानी भरने से रास्ते पर जलभराव हो गया है, जिससे गड्ढा और सड़क के बीच खुला चैंबर किसी को दिखाई नहीं दे रहा है। कई दिनों से बाइक और स्कूटी चालक इसमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
बार-बार शिकायत करने के बाद भी नहीं हुआ समाधान
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निगम अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत व मनमानी के कारण क्षेत्र में विकास के नाम पर मुसीबत खड़ी हो गई है। नाली और चैंबर का काम अधूरा रहने से गंदा और बारिश का पानी मुख्य रास्ते पर भरा हुआ है।
रात के वक्त अंधेरा होने और पानी भरा रहने के कारण गड्ढा और खुला ढक्कन नजर नहीं आता, जिससे हर वक्त बड़े हादसे का डर बना रहता है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी निगम के अधिकारी आंखें मूंदें बैठे हैं।
लोगों की जान से कर रहे खिलवाड़
वार्ड 22 कांग्रेसी पार्षद राजू भदौरिया ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि वीणा नगर में लाइन डालने के नाम पर बेतरतीब खुदाई कर जनता को हादसों में धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि निगम के गैर-जिम्मेदार अफसर और ठेकेदार मिलकर लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
बार-बार चेतावनी के बाद भी खोदी गई सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई और न ही खुला चेंबर बंद किया गया। भदोरिया ने चेतावनी दी है कि यदि निगम प्रशासन ने जल्द सुधार नहीं किया और गड्ढे नहीं भरे, तो रहवासियों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
दूसरी ओर, क्षेत्र में लगातार हो रहे हादसों और जलभराव के बावजूद नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंगल और निगम का प्रशासनिक अमला मूकदर्शक बना हुआ है। लगातार शिकायतों के बाद भी निगम आयुक्त क्षितिज सिंगल ने इस गंभीर जनसमस्या पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया और न ही मौके पर राहत कार्य शुरू कराया।
अधिकारियों की इसी लापरवाही के कारण वीणा नगर में स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। रहवासियों की मांग है कि किसी बड़े नुकसान से पहले पानी निकासी की व्यवस्था की जाए, सड़क को ठीक किया जाए और खुले चेंबर को तुरंत ढंका जाए।
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