अवैध कॉलोनाइजरों पर जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन: 21 केस में हुए आदेश; 500 करोड़ की जमीन जांच के दायरे में
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले एक महीने से चल रहे अभियान के तहत सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के साथ अब निजी भूमि पर बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित करने वाले भू-स्वामियों और कॉलोनाइजरों पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। इस पर सुनवाई कर प्रारंभिक तौर पर 21 मामलों में 30 से ज्यादा भूस्वामियों के जमीन रिकार्ड में अवैध कॉलोनी का केस प्रचलित होने की बात दर्ज कर दी गई है।
सीएम के निर्देश पर तेज हुई कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने जिलेभर में अवैध कॉलोनियों का सर्वे और चिन्हांकन कराया। एसडीएम स्तर पर तैयार प्रस्तावों को अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य की अदालत में प्रस्तुत किया गया, जहां सुनवाई के बाद संबंधित मामलों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने के आदेश दिए गए।
अब जमीन की खरीदी-बिक्री और प्लॉट बिक्री पर असर
प्रशासन के अनुसार, जिन भूमि अभिलेखों में अवैध कॉलोनी से संबंधित प्रकरण दर्ज किए गए हैं, वहां जांच पूरी होने तक जमीन की खरीदी-बिक्री, प्लॉटिंग और कॉलोनी विकास जैसी गतिविधियां प्रभावित होंगी। इसका उद्देश्य बिना वैधानिक अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर रोक लगाना है।
26 हेक्टेयर से अधिक जमीन जांच के घेरे में
कार्रवाई के दायरे में आई भूमि 26 हेक्टेयर से अधिक है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब ₹500 करोड़ बताई जा रही है। प्रशासन का आरोप है कि इन जमीनों पर बिना आवश्यक अनुमति प्लॉट काटकर बेचे जा रहे थे।
इन क्षेत्रों में हुई कार्रवाई
प्रशासन की कार्रवाई मुख्य रूप से देपालपुर तहसील के कालीबिल्लौद, भिचौली हप्सी, जामन्याखुर्द, असरावद खुर्द, उमरीखेड़ा, मोरोदनेहरू, मिर्जापुर और कैलोदकरताल सहित कई गांवों में की गई है।
कई भू-स्वामी जांच के दायरे में
प्रशासन द्वारा दर्ज किए गए मामलों में कई भू-स्वामियों और रियल एस्टेट से जुड़े लोगों के नाम शामिल हैं। आरोप है कि संबंधित व्यक्तियों ने बिना वैधानिक स्वीकृति के कॉलोनियां विकसित कर प्लॉटों की बिक्री की।
अभियान रहेगा जारी
जिला प्रशासन का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिन स्थानों पर बिना अनुमति प्लॉटिंग या कॉलोनी विकसित किए जाने की शिकायतें मिलेंगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी भूखंड की खरीद से पहले उसकी वैधानिक स्वीकृतियों और दस्तावेजों की जांच अवश्य कर लें।
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