मुख्यमंत्री हाउस रेंट योजना: एमपी में इन छात्रों को मिलेगा किराया भत्ता; बड़े शहरों में रहने वालों को मिलेगी इतने रुपए तक की मदद
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्यप्रदेश सरकार ने पढ़ाई के लिए अपने घर से दूर रहने वाले छात्रों के लिए मुख्यमंत्री हाउस रेंट योजना शुरू की है। योजना के तहत पात्र छात्रों को शहर की श्रेणी के अनुसार हर महीने 1000 रुपए से 2000 रुपए तक किराया भत्ता दिया जाएगा।
शिक्षा जारी रखने में मदद करना
इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद करना है। यह योजना विशेष रूप से गैर-अधिसूचित, खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश समुदाय के छात्रों के लिए लागू की गई है।
भोपाल-इंदौर समेत 5 शहरों में 2 हजार रुपए
सरकार ने किराया भत्ते की राशि शहर के हिसाब से तय की है।
भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन: 2000 रुपए प्रतिमाह
जिला मुख्यालय स्तर के शहर: 1250 रुपए प्रतिमाह
तहसील, विकासखंड और छोटे कस्बे: 1000 रुपए प्रतिमाह
यदि वास्तविक मकान किराया सरकार द्वारा निर्धारित राशि से अधिक है, तो अतिरिक्त रकम छात्र को स्वयं देनी होगी।
इन छात्रों को मिलेगा लाभ
योजना का लाभ लेने के लिए छात्र को निर्धारित पात्रता पूरी करनी होगी। छात्र गैर-अधिसूचित, खानाबदोश या अर्ध-खानाबदोश समुदाय से होना चाहिए। किसी सरकारी या निजी मान्यता प्राप्त संस्थान में पोस्ट-मैट्रिक या उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम में दाखिला होना जरूरी है।
छात्र को पढ़ाई में नियमित प्रगति बनाए रखनी होगी। किसी शैक्षणिक वर्ष में फेल होने पर पूरा भत्ता रोक दिया जाएगा। छात्र का किराए के मकान में रहना जरूरी है। जिन छात्रों को सरकारी छात्रावास में नि:शुल्क आवास मिला है, वे इस किराया भत्ते के पात्र नहीं होंगे।
MPTAAS पोर्टल से होगा ऑनलाइन आवेदन
योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है। छात्रों को MPTAAS पोर्टल पर पंजीकरण कर आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान मुख्य रूप से आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, वैध किराया समझौता ये दस्तावेज जरूरी होंगे। दस्तावेजों की जांच और पात्रता पूरी होने के बाद योजना के तहत निर्धारित किराया भत्ता दिया जाएगा।
छात्रों को घर से दूर पढ़ाई में मिलेगी राहत
बड़े शहरों में पढ़ाई के लिए आने वाले छात्रों के सामने किराया सबसे बड़ी आर्थिक चुनौतियों में से एक होता है। सरकार की यह सहायता उन्हें कम बजट में आवास उपलब्ध कराने में मदद कर सकती है।
खासकर भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में 2000 रुपए प्रतिमाह की सहायता छात्रों के मासिक खर्च को कम करने में उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि, योजना के तहत मिलने वाली राशि अधिकतम निर्धारित सीमा तक ही होगी और वास्तविक किराया इससे अधिक होने पर अंतर की रकम छात्र को खुद वहन करनी होगी।
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