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मंदिर चोरीकांड में पुलिस को बड़ी सफलता: जमीन में गाड़कर छिपाई थीं चोरी की मूर्तियां; अब तक इतने आरोपी गिरफ्त में

KHULASA FIRST

संवाददाता

02 जून 2026, 1:38 pm
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मंदिर चोरीकांड में पुलिस को बड़ी सफलता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
एरोड्रम क्षेत्र स्थित जैन मंदिर में हुई बहुचर्चित चोरी की वारदात में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मंदिर से प्राचीन मूर्तियां और धार्मिक सामग्री चोरी कर फरार हुए तीन और आरोपियों को पुलिस ने तेलंगाना से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई कुछ मूर्तियां भी बरामद कर ली गई हैं, जिन्हें जमीन में गाड़कर छिपाया गया था। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। पुलिस अब चोरी की अन्य सामग्री और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।

3 मई की रात हुई थी बड़ी चोरी
गौरतलब है कि 3 मई की रात एरोड्रम क्षेत्र के एक जैन मंदिर में चोरों ने धावा बोलकर मूर्तियां और अन्य धार्मिक सामग्री चोरी कर ली थी। घटना सामने आने के बाद जैन समाज में भारी आक्रोश देखा गया था और पुलिस पर जल्द कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एरोड्रम और तेजाजी नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई थी, जिसने लगातार तकनीकी और मुखबिर तंत्र के जरिए आरोपियों की तलाश शुरू की।

तेलंगाना में छिपे थे आरोपी
पुलिस के अनुसार फरार आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। वे मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में छिपते हुए आखिरकार तेलंगाना पहुंच गए। डीसीपी नरेन्द्र रावत के निर्देशन में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर तेलंगाना के नांदेड़ क्षेत्र में दबिश दी और आरोपी लखन, दीपक चौहान तथा रामबाबू को गिरफ्तार कर लिया।

जमीन में छिपाकर रखी थीं मूर्तियां
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की गई मूर्तियों और अन्य सामान को जमीन में गाड़कर छिपाने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर खुदाई कराई और वहां से चोरी की गई कुछ मूर्तियां बरामद कर लीं। अधिकारियों के अनुसार अभी अन्य सामान की बरामदगी के लिए आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

पहले चार आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
इससे पहले 13 मई को पुलिस ने मामले में ललित चौहान, विशाल केवट, ओमप्रकाश चौहान और गीताबाई मकवाना को गिरफ्तार किया था। इनमें तीन आरोपी खरगोन जिले के निवासी हैं, जबकि एक महिला आरोपी तेजाजी नगर क्षेत्र की रहने वाली बताई गई थी।

पूछताछ से मिला था सुराग
पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान ही पुलिस को फरार साथियों की जानकारी मिली थी। आरोपियों ने बताया था कि चोरी की गई शेष मूर्तियां और मंदिर के कलश सहित अन्य सामग्री उनके फरार साथियों के कब्जे में है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ाई और आखिरकार तीनों आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

सीसीटीवी फुटेज बना अहम सुराग
पूरे मामले की जांच में मंदिर परिसर के सीसीटीवी कैमरे महत्वपूर्ण साबित हुए। चोरी की पूरी वारदात कैमरों में रिकॉर्ड हो गई थी। फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और फिर एक-एक कर पूरे गिरोह तक पहुंच गई।

आगे भी जारी रहेगी जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मामले की जांच जारी है। यह पता लगाया जा रहा है कि चोरी की गई सामग्री को बेचने की क्या योजना थी और क्या गिरोह इससे पहले भी धार्मिक स्थलों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। मंदिर चोरीकांड में लगातार हो रही गिरफ्तारियों को पुलिस बड़ी उपलब्धि मान रही है, वहीं जैन समाज ने भी आरोपियों की गिरफ्तारी और मूर्तियों की बरामदगी पर संतोष व्यक्त किया है।


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