मां की हत्या से अनजान मासूम: अब कर रहा ऐसी जिद; बहन दिला रही दिलासा, टूटा दुखों का पहाड़, आरोपी पति अब भी फरार
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर में पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की नृशंस हत्या ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि दो मासूम बच्चों का बचपन भी एक पल में छीन लिया।
11 जुलाई को हुई इस वारदात के चार दिन बाद भी सात वर्षीय बेटा अव्यक्त अपनी मां के लौटने का इंतजार कर रहा है, जबकि 15 वर्षीय बेटी प्रेक्षा अपने आंसुओं को रोककर छोटे भाई का सहारा बनने की कोशिश कर रही है। मां की मौत का दर्द, पिता पर हत्या का आरोप और भविष्य की अनिश्चितता इन सबके बीच दोनों बच्चों की जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी है।
'मुझे मम्मी के हाथ से ही खाना है'
परिजनों के मुताबिक, सात वर्षीय अव्यक्त अभी भी इस सच्चाई से अनजान है कि उसकी मां अब इस दुनिया में नहीं हैं। जब भी उसे खाने के लिए बुलाया जाता है, वह मासूमियत से एक ही बात कहता है - मुझे मम्मी के हाथ से ही खाना खाना है। वही मुझे रोज खाना खिलाती थीं।
उसकी यह बात सुनकर घर में मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठता है। बच्चे को अब तक यह समझ नहीं आ पाया है कि उसकी मां कभी वापस नहीं आएंगी।
हर आने-जाने वाले में मां को तलाशता है अव्यक्त
घटना के बाद दोनों बच्चे अपनी मौसी पूजा के घर रह रहे हैं। यहां लगातार रिश्तेदार और परिचित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। लेकिन हर नए चेहरे को देखकर अव्यक्त की उम्मीद जाग जाती है। वह मासूमियत से पूछता है सब लोग तो आ गए... लेकिन मेरी मम्मी कहां हैं? वो कब आएंगी?
जब कोई उसके सवाल का जवाब नहीं दे पाता, तो वह कुछ देर तक पूरे घर में मां को ढूंढता है और फिर चुपचाप किसी कोने में जाकर बैठ जाता है। उसकी खामोशी पूरे परिवार को भीतर तक झकझोर देती है।
मुखाग्नि भी दी, लेकिन समझ नहीं पाया मां हमेशा के लिए चली गईं
परिवार की सदस्य मंगला सुनहरी ने बताया कि ओंकारेश्वर में हुए अंतिम संस्कार के दौरान अव्यक्त को गोद में लेकर उसकी मां को मुखाग्नि दिलाई गई थी। हालांकि, इतनी छोटी उम्र होने के कारण वह अब भी यह नहीं समझ पाया कि उसकी मां हमेशा के लिए उसे छोड़कर चली गई हैं।
खून से लथपथ मां का दृश्य आज भी नहीं भूल पा रही प्रेक्षा
दूसरी ओर, 15 वर्षीय प्रेक्षा के मन में उस दिन का भयावह दृश्य आज भी ताजा है। बताया जाता है कि जब उसने घर का दरवाजा खोला, तो सामने उसकी मां खून से लथपथ पड़ी थीं। यह दृश्य उसके मन पर गहरी छाप छोड़ गया है। परिजन बताते हैं कि घटना को याद करते ही वह सिहर उठती है। कई बार उसकी आंखें भर आती हैं, लेकिन वह खुद को संभाल लेती है।
'मैं रोऊंगी नहीं... भाई को संभालना है'
कम उम्र में ही प्रेक्षा ने खुद को मजबूत बनाने का फैसला किया है। रिश्तेदार जब उसे सांत्वना देते हैं तो वह दृढ़ आवाज में कहती है- अब मैं एक भी आंसू नहीं बहाऊंगी। मुझे अपने छोटे भाई को संभालना है। अगर मैं ही टूट गई तो उसे कौन संभालेगा?
उसकी यह बात सुनकर हर कोई भावुक हो जाता है। जिस उम्र में बच्चों को माता-पिता का सहारा चाहिए होता है, उसी उम्र में प्रेक्षा अपने छोटे भाई की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प ले चुकी है।
हत्या का आरोपी पति अब भी पुलिस की पकड़ से दूर
उधर, उर्मिला सैनी की हत्या का आरोपी पति अखिलेश सैनी अब भी फरार है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद वह अपना वाहन स्कूल के पास छोड़कर सेंट पॉल स्कूल क्षेत्र से ऑटो के जरिए रेलवे स्टेशन पहुंचा था।
वहां उसने दिल्ली जाने का टिकट भी बुक कराया, लेकिन कुछ समय बाद उसे रद्द कर दिया। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने जांच को भ्रमित करने के उद्देश्य से ऐसा किया। जांच के दौरान उसके खलघाट क्षेत्र में देखे जाने की भी सूचना मिली है, जिसके बाद पुलिस ने वहां भी तलाश तेज कर दी।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चल रही तलाश
संयोगितागंज थाना प्रभारी केपी यादव के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्य और अन्य सुरागों के आधार पर उसकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
एक परिवार की खुशियां पलभर में बिखर गईं
इस घटना ने केवल एक महिला की जान नहीं ली, बल्कि दो मासूम बच्चों से उनकी मां का साया भी छीन लिया। एक ओर सात साल का बेटा आज भी मां के हाथों से खाना खाने की जिद कर रहा है, तो दूसरी ओर 15 साल की बेटी अपने आंसुओं को छिपाकर भाई का सहारा बनने की कोशिश में जुटी है। परिवार को अब सिर्फ आरोपी की गिरफ्तारी का इंतजार ही नहीं, बल्कि उन दोनों बच्चों के भविष्य की भी गहरी चिंता सता रही है।
संबंधित समाचार

वीडियो देखिए, हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता बिल पास:मुख्यमंत्री बोले- अलग-अलग मजहबी तौल कांटा नहीं चलेगा; कांग्रेस का जोरदार विरोध

खुलासा फर्स्ट की सबसे बड़ी ताकत उसकी विश्वसनीयता

सांसद शंकर लालवानी के निवास पर फटा ‘तिरंगा' फहराने का आरोप

लटूरी देवता की गवाही के बिना अधूरी और खंडित है बाबा केदार की यात्रा

सुप्रीम एक्शन:राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला; टिन्नू यादव की रिमांड में बड़े खुलासे, VVIP गेट से रकम बाहर ले जाने का पुलिस का दावा

323 पेड़ों की बलि देकर बनाएंगे टंकी:गार्डन पर निगम का बुलडोजर; लाखों के सौंदर्यीकरण पर फिरा पानी

छत्तीस घंटे में दूधवाले से लूट का खुलासा:पत्थर मारकर लूटने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार; बाइक और मोबाइल बरामद

नोटरी से खुला निगम खाता:फिर विक्रय हो गई संपत्ति

40 वर्षों से जमे हैं शेवगांवकर दोषी हैं:फिर भी पद नहीं छोड़ रहे

छात्रों के समर्थन में सिंगर ने उठाई आवाज:लाठीचार्ज पर जताई नाराजगी; कहा-छात्रों को मारने में शर्म नहीं आती

सीजेपी आंदोलन पर ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान:बोलीं- जरूरत पड़ी तो खुद प्रदर्शन में जाऊंगी; विपक्ष को दिया एकजुटता का मंत्र

तो इन कारणों से कटा नरोत्तम का पत्ता:अब मुख्यधारा में वापसी मुश्किल

190 पदोन्नत एसडीएम नहीं कर सकेंगे राजस्व के फैसले:भर्ती नियम 1961 के अनुसार दो साल परिवीक्षा अवधि व ट्रेनिंग अनिवार्य

गुरु पूर्णिमा पर मनेगा महर्षि सांदीपनि श्रद्धा पर्व, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव:आयोजन को लेकर की समीक्षा

गांवों से दिल्ली तक आंदोलनों की एक जैसी तस्वीर दिखी

अपॉइंटमेंट के नाम पर महिला से ठगी:APK फाइल डाउनलोड करते ही हैक हुआ मोबाइल; खाते से उड़ाए रुपए

सोशल मीडिया पोस्ट पर सियासी संग्राम:युवक से माफी मंगवाई, कांग्रेस ने थाने का किया घेराव

वीडियो देखिये, कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का राहुल गांधी पर हमला:बोले- सरकार संसद में चर्चा के लिए तैयार; नेता प्रतिपक्ष से ऐसी उम्मीद नहीं

नीट आंदोलन:भंवरकुआं पर 22वें दिन भी डटे छात्र; केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े

‘जय श्री महाकाल’ का उद्घोष कर भक्तों ने ग्रहण की महाप्रसादी
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!