खबर
Top News

पहाड़ों पर भक्तों का सैलाब: केदारनाथ-बद्रीनाथ में रिकॉर्ड भीड़; श्रद्धा, सड़कें या रीलों का जादू

Khulasa First

KHULASA FIRST

संवाददाता

02 जून 2026, 9:19 pm
शेयर करें:
पहाड़ों पर भक्तों का सैलाब

40 दिन में 26 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचेे दर्शन के लिए

आस्था पर साइबर ठगों की नजर

खुलासा फर्स्ट...देहरादून।
सुबह के 5 बजे हैं। ऋषिकेश से लेकर श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, चमोली और सोनप्रयाग तक वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं। कहीं श्रद्धालु हाथों में पूजा की थाली लिए आगे बढ़ रहे हैं, तो कहीं युवा केदारनाथ मंदिर की पृष्ठभूमि में रील बनाने के लिए कैमरा सेट कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कई किलोमीटर लंबे जाम दिखाई दे रहे हैं। सवाल उठ रहा हैक्या यह केवल सनातन धर्म के प्रति बढ़ती आस्था का परिणाम है या फिर सोशल मीडिया और रील संस्कृति भी इस भीड़ को नई दिशा दे रही है?

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा इस वर्ष इतिहास रच रही है। यात्रा शुरू होने के महज 40 दिनों के भीतर चारों धामों में 26 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

अकेले केदारनाथ धाम में 39 दिनों के भीतर 10 लाख यात्रियों का आंकड़ा पार हो गया है। यह संख्या केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि बदलते भारत में तीर्थाटन की नई तस्वीर भी पेश करती है।

पहाड़ों पर आस्था का सैलाब, सड़कों पर वाहनों का समुद्र... चारधाम यात्रा मार्गों पर इन दिनों जो दृश्य दिखाई दे रहे हैं, वे पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ चुके हैं।

प्रशासन की तमाम व्यवस्थाओं के बावजूद कई स्थानों पर घंटों जाम लग रहा है। स्थिति यह है कि सुबह शुरू होने वाला ट्रैफिक दबाव देर शाम तक बना रहता है।

यात्रियों की संख्या इतनी अधिक है कि पहाड़ों की सड़कें कई बार अपनी क्षमता से अधिक बोझ झेलती नजर आती हैं। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में कहीं सोनप्रयाग में वाहन रेंगते दिखाई देते हैं तो कहीं बदरीनाथ हाईवे पर गाड़ियों की लंबी कतारें नजर आती हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह भीड़ केवल एक कारण से नहीं, बल्कि कई सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक कारकों के मेल से पैदा हुई है।

ऋषिकेश से शुरू होती है भीड़ की असली कहानी...चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार ऋषिकेश है। यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यात्रा पंजीकरण की अनिवार्यता के कारण कई यात्री ऑनलाइन व्यवस्था पर निर्भर हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग ऑफलाइन पंजीकरण के लिए भी पहुंचते हैं।

यहीं से भीड़ का पहला दबाव दिखाई देने लगता है। लंबी कतारें, वाहन पार्किंग की समस्या और पंजीकरण केंद्रों पर बढ़ती भीड़ कई बार यात्रियों के धैर्य की परीक्षा लेती है। इसके बाद शिवपुरी क्षेत्र में राफ्टिंग और पर्यटन गतिविधियों के कारण ट्रैफिक दबाव और बढ़ जाता है।

सड़कें बेहतर हुईं, लेकिन हिमालय की सीमाएं वही हैं...चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना ने यात्रा को पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम बना दिया है।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और सड़क सुधार परियोजनाओं के कारण अब लोग कम समय में उत्तराखंड पहुंच पा रहे हैं।

पहले जहां चारधाम यात्रा को कठिन और समय लेने वाली माना जाता था, वहीं अब सप्ताहभर की छुट्टी में भी लोग यात्रा पूरी करने की योजना बना लेते हैं। यही कारण है कि यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।

लेकिन दूसरी तरफ हिमालय की भौगोलिक सीमाएं आज भी वही हैं। सड़कें भले चौड़ी हुई हों, लेकिन अनेक स्थानों पर पहाड़ी मार्ग संकरे हैं। तीखे मोड़, सीमित पार्किंग और भारी वाहनों की आवाजाही कई बार ट्रैफिक व्यवस्था को चुनौती दे देती है।

आस्था की शक्ति, जिसने रिकॉर्ड तोड़ दिए...चारधाम यात्रा की मूल आत्मा आज भी सनातन धर्म में निहित है। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं। जीवन में एक बार चारधाम यात्रा करने की इच्छा रखने वाले लाखों लोग हर वर्ष यहां पहुंचते हैं।

कोविड महामारी के बाद देशभर में धार्मिक यात्राओं के प्रति आकर्षण बढ़ा है। लोगों के भीतर आध्यात्मिक अनुभवों और धार्मिक स्थलों के प्रति रुचि पहले की तुलना में अधिक दिखाई दे रही है।

अयोध्या, काशी, उज्जैन और चारधाम जैसे धार्मिक केंद्रों पर बढ़ती भीड़ इसी प्रवृत्ति का संकेत मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि चारधाम में उमड़ रही भीड़ का सबसे बड़ा आधार आज भी श्रद्धा और धार्मिक विश्वास ही है।

लेकिन सोशल मीडिया ने भी बदला खेल...यदि केवल आस्था ही कारण होती, तो शायद यात्रियों की संख्या इतनी तेजी से नहीं बढ़ती। डिजिटल युग में सोशल मीडिया ने तीर्थाटन के स्वरूप को बदल दिया है।

आज केदारनाथ धाम से जुड़ी एक रील लाखों लोगों तक पहुंचती है। मंदिर के पीछे खड़े बर्फाच्छादित पहाड़, हेलीकॉप्टर यात्रा, ट्रैकिंग मार्ग और मनमोहक दृश्य युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं। यूट्यूबर, ट्रैवल ब्लॉगर और कंटेंट क्रिएटर लगातार चारधाम यात्रा से जुड़े वीडियो साझा कर रहे हैं।

इसके प्रभाव से बड़ी संख्या में ऐसे युवा भी यात्रा की ओर आकर्षित हुए हैं जिनका उद्देश्य केवल दर्शन नहीं, बल्कि अनुभव साझा करना और डिजिटल कंटेंट बनाना भी है।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि सोशल मीडिया ने आस्था को कमजोर नहीं किया, बल्कि उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनाया है।

तीर्थाटन से आगे बढ़कर पर्यटन का केंद्र बन रहा है चारधाम...चारधाम यात्रा अब केवल धार्मिक यात्रा नहीं रह गई है। बड़ी संख्या में लोग दर्शन के साथ-साथ आसपास के पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण कर रहे हैं।

पंच केदार, धारी देवी, औली, चोपता, फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब जैसे स्थलों पर भी यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। यानी अब एक ही यात्रा में श्रद्धा, रोमांच, प्रकृति और पर्यटन का मिश्रण दिखाई देता है। यही कारण है कि यात्रा मार्गों और स्थानीय संसाधनों पर दबाव पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ गया है।

सबसे बड़ी चिंता: क्या हिमालय इतनी भीड़ झेल सकता है?...यात्रियों की रिकॉर्ड संख्या जहां धार्मिक पर्यटन की सफलता का संकेत है, वहीं यह कई गंभीर सवाल भी खड़े करती है। क्या पहाड़ों की सड़कें, जल स्रोत, पार्किंग और कचरा प्रबंधन व्यवस्था इतनी बड़ी संख्या को लंबे समय तक संभाल सकती है?

चारधाम यात्रा में पहले यात्रियों की संख्या पर कुछ सीमा निर्धारित थी, लेकिन अब प्रतिबंध कम होने के कारण बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। सरकार को यात्रा मार्गों और धामों की कैरीइंग कैपेसिटी यानी वहन क्षमता का वैज्ञानिक आकलन कर उसी अनुरूप प्रबंधन करना चाहिए।

विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यदि भीड़ प्रबंधन और पर्यावरणीय संतुलन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।

आस्था बनाम रीलबाजी नहीं, बदलते दौर की कहानी...चारधाम यात्रा में उमड़ रही भीड़ को केवल “आस्था’ या केवल “रीलबाजी’ कहकर नहीं समझा जा सकता। यह बदलते भारत की सामाजिक, धार्मिक और डिजिटल तस्वीर का संयुक्त परिणाम है।

एक ओर करोड़ों लोगों की अटूट श्रद्धा है, दूसरी ओर बेहतर सड़कें, बढ़ती आर्थिक क्षमता, सोशल मीडिया का प्रभाव और धार्मिक पर्यटन का विस्तार। यही सभी कारण मिलकर चारधाम यात्रा को नए रिकॉर्ड तक पहुंचा रहे हैं।

143 फर्जी वेबसाइटें और सैकड़ों व्हाट्सएप नंबरों का इस्तेमाल; STF ने डेढ़ महीने की जांच के बाद किया खुलासा...
बाबा केदार और बद्री विशाल के दर्शन की चाह लेकर उत्तराखंड पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था पर इन दिनों साइबर ठगों की बुरी नजर पड़ गई है। हेलिकॉप्टर टिकट, VIP दर्शन और तत्काल बुकिंग का झांसा देकर देशभर के श्रद्धालुओं से लाखों रुपये की ठगी की जा रही थी।

उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने ऐसे ही एक संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बिहार के नालंदा जिले से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह कोई सामान्य ठगी नहीं, बल्कि एक सुव्यवस्थित साइबर नेटवर्क था, जो चारधाम यात्रा की बढ़ती लोकप्रियता और श्रद्धालुओं की जल्द दर्शन की इच्छा का फायदा उठाकर उन्हें अपने जाल में फंसा रहा था।

आस्था को बनाया कमाई का जरिया... चारधाम यात्रा के दौरान सबसे अधिक मांग केदारनाथ हेलिकॉप्टर सेवा और VIP दर्शन व्यवस्थाओं की रहती है। सीमित सीटों और भारी मांग के कारण अनेक श्रद्धालु वैकल्पिक माध्यमों की तलाश करते हैं।

साइबर ठगों ने इसी मनोविज्ञान को अपना हथियार बना लिया। गिरोह के सदस्य खुद को अधिकृत हेलिकॉप्टर सेवा एजेंट या ट्रैवल ऑपरेटर बताकर सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से लोगों से संपर्क करते थे।

श्रद्धालुओं को भरोसा दिलाया जाता था कि उनके पास विशेष कोटा, तत्काल टिकट या VIP दर्शन की सुविधा उपलब्ध है। दर्शन की जल्दी और टिकट मिलने की उम्मीद में लोग उनके झांसे में आ जाते थे और कुछ ही मिनटों में अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते थे।

डेढ़ महीने तक चला डिजिटल ऑपरेशन...एसटीएफ की चारधाम यात्रा एंटी हेली फ्रॉड सेल ने इस नेटवर्क तक पहुंचने के लिए करीब डेढ़ महीने तक लगातार तकनीकी निगरानी और डिजिटल जांच की। साइबर विशेषज्ञों ने संदिग्ध वेबसाइटों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन लेनदेन की परत-दर-परत जांच की।

जांच के दौरान 143 संदिग्ध यूआरएल और फर्जी वेबसाइटों का पता चला। इसके अलावा 27 सक्रिय व्हाट्सएप नंबरों की पहचान की गई, जिनका इस्तेमाल यात्रियों से संपर्क करने और भुगतान लेने के लिए किया जा रहा था।

एसटीएफ अब तक 300 से अधिक फर्जी सोशल मीडिया लिंक और 100 से ज्यादा संदिग्ध व्हाट्सएप नंबरों को ब्लॉक करा चुकी है। चारधाम यात्रा से जुड़ी साइबर ठगी के 134 से अधिक मामले भी सामने आ चुके हैं।

असली वेबसाइट जैसी दिखती थीं नकली साइटें...ठगी का सबसे खतरनाक पहलू यह था कि आरोपियों ने ऐसी वेबसाइटें तैयार की थीं जो पहली नजर में पूरी तरह असली लगती थीं। जांच में सामने आया कि कई वेबसाइटों के नाम और डिजाइन अधिकृत पोर्टलों से बेहद मिलते-जुलते थे।

यूआरएल में मामूली बदलाव करके यात्रियों को भ्रमित किया जाता था। इतना ही नहीं, गूगल पर विज्ञापन देकर इन वेबसाइटों को सर्च परिणामों में ऊपर दिखाया जाता था ताकि लोग उन्हें आधिकारिक वेबसाइट समझ बैठें।

एक बार वेबसाइट पर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं को व्हाट्सएप कॉल या चैट के माध्यम से जोड़ा जाता था। फिर उन्हें QR कोड भेजकर भुगतान कराया जाता था। रकम खाते में पहुंचते ही ठग संपर्क तोड़ देते थे।

‘म्यूल अकाउंट’ के जरिए गायब हो जाती थी रकम...साइबर अपराधियों ने ठगी की रकम को छिपाने के लिए भी पूरा नेटवर्क तैयार कर रखा था। अलग-अलग लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे, जिन्हें साइबर अपराध की भाषा में ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है। पीड़ितों से वसूली गई रकम पहले इन खातों में जमा कराई जाती थी और फिर तत्काल ATM के माध्यम से निकाल ली जाती थी।

जांच एजेंसियों के अनुसार गिरोह में शामिल विभिन्न सदस्यों को 15 से 25 प्रतिशत तक कमीशन दिया जाता था। व्हाट्सएप चैट, बैंक खातों की जानकारी, ATM कार्ड और QR कोड के आदान-प्रदान से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्य भी पुलिस के हाथ लगे हैं। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर भी आरोपियों के खातों से जुड़ी अनेक शिकायतें पहले से दर्ज थीं।

संबंधित समाचार

PNB की करेंसी चेस्ट में मिले 17 करोड़ के नकली नोट
Top News

PNB की करेंसी चेस्ट में मिले 17 करोड़ के नकली नोट:जयपुर भेजी रकम में 4.30 लाख रुपए कम मिलने से खुलासा; 3 बैंक अधिकारी सस्पेंड

1 minute ago
कॉलेज घेराव के दौरान NSUI-ABVP कार्यकर्ता भिड़े
Top News

कॉलेज घेराव के दौरान NSUI-ABVP कार्यकर्ता भिड़े:झड़प में 4 महिला पुलिसकर्मी घायल; कैंपस में बढ़ाई गई सुरक्षा

3 minutes ago
रक्षाबंधन पर सुरक्षा में जुटी शक्ति मोबाइल टीमों का सम्मान
Top News

रक्षाबंधन पर सुरक्षा में जुटी शक्ति मोबाइल टीमों का सम्मान:पुलिस कमिश्नर ने पुलिसकर्मियों को दिए प्रशस्ति पत्र और नगद पुरस्कार

30 minutes ago
सीएम मोहन यादव ने मेधावी विद्यार्थियों के खातों में ट्रांसफर किए इतने करोड़
Top News

सीएम मोहन यादव ने मेधावी विद्यार्थियों के खातों में ट्रांसफर किए इतने करोड़:यूनिफॉर्म-किताबों के बाद अब लैपटॉप; जल्द मिलेगी स्कूटी

36 minutes ago
मुख्यमंत्री के सलाहकार बनाए गए रिटायर्ड IPS
Top News

मुख्यमंत्री के सलाहकार बनाए गए रिटायर्ड IPS:रिटायरमेंट के अगले ही दिन मिली बड़ी जिम्मेदारी; दिल्ली में होगी तैनाती

44 minutes ago
शिक्षा विभाग का लेखापाल निलंबित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
Top News

शिक्षा विभाग का लेखापाल निलंबित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस:सीएम हेल्प लाइन और जनसुनवाई के लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान करने के सख्त निर्देश

about 1 hour ago
सफर के बीच कन्फर्म टिकट कैंसिल
Top News

सफर के बीच कन्फर्म टिकट कैंसिल:चार में से दो टिकट अचानक रद्द होने का दावा; आरक्षित बर्थ पर बिना रिजर्वेशन यात्रियों के बैठने का भी आरोप

about 1 hour ago
राहुल गांधी पर एफआईआर और खड़गे के अपमान पर भड़की कांग्रेस
Top News

राहुल गांधी पर एफआईआर और खड़गे के अपमान पर भड़की कांग्रेस:प्रदर्शन के दौरान रीना बौरासी सेतिया ने जलाई मनु स्मृति

about 1 hour ago
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
Top News

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला:आंदोलन से जुड़ी सभी FIR की रद्द; अब CJP नहीं करेगी मार्च

about 1 hour ago
बार-बार दिए नोटिस दरकिनार करने पर चला नगर निगम का बुलडोजर
Top News

बार-बार दिए नोटिस दरकिनार करने पर चला नगर निगम का बुलडोजर:नेताजी सुभाष मार्ग पर तानी गई दो मंजिला अवैध इमारत पर कार्रवाई; पुलिस बल की मौजूदगी में हटाया गया निर्माण

about 1 hour ago
पाक की बचकानी हरकत
Top News

पाक की बचकानी हरकत:SCO समिट की ग्रुप फोटो से प्रधानमंत्री मोदी समेत 5 नेताओं को हटाया

about 1 hour ago
पुलिस जनसुनवाई में आई 96 शिकायतें
Top News

पुलिस जनसुनवाई में आई 96 शिकायतें:पारिवारिक विवाद से साइबर फ्रॉड तक; पुलिस कमिश्नर ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

about 1 hour ago
पूर्व सीएम का अपनी ही पार्टी पर निशाना
Top News

पूर्व सीएम का अपनी ही पार्टी पर निशाना:बोले; ‘मेरे बयानों को निजी राय बताकर छोड़ दिया जाता था’

about 2 hours ago
भक्तों ने कतार में लगकर उत्साह से ग्रहण की महाप्रसादी
Top News

भक्तों ने कतार में लगकर उत्साह से ग्रहण की महाप्रसादी

about 2 hours ago
भीषण सड़क हादसा
Top News

भीषण सड़क हादसा:रक्षाबंधन के बाद घर लौट रहा परिवार हादसे का शिकार; दो बाइकों की भिड़ंत में 4 की मौत

about 2 hours ago
नाईजीरियन महिला तस्कर की निशानदेही पर मुंबई पहुंची 6 सदस्यीय टीम
Top News

नाईजीरियन महिला तस्कर की निशानदेही पर मुंबई पहुंची 6 सदस्यीय टीम:डीलर की तलाश

about 2 hours ago
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
Top News

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला:उज्जैन बायपास; इंदौर-उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन और हरिफाटक ROB का निर्माण अब आगे बढ़ सकेगा

about 2 hours ago
बहस के बजाय फोटो और वीडियो से चालान
Top News

बहस के बजाय फोटो और वीडियो से चालान:यातायात पुलिस ने बदला तरीका; घंटाघर पर बनाए 100 से ज्यादा चालान, ड्रोन से भी की गई निगरानी

about 2 hours ago
पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट
Top News

पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट:8 बच्चों सहित 11 लोगों की मौत; मालिक एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार, 9 पुलिसकर्मी सस्पेंड

about 2 hours ago
नाइजीरियन ड्रग्स पैडलर रिमांड पर
Top News

नाइजीरियन ड्रग्स पैडलर रिमांड पर:पूछताछ के लिए पुलिस आरोपी को मुंबई ले जाएगी; बहन की भूमिका भी जांच के घेरे में

about 2 hours ago

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!