खंभे काटे, तार गायब अब वर्क ऑर्डर भी लापता: सरकारी संपत्ति की स्क्रैप साजिश में बिजली विभाग घेरे में; एई का दावा फेल
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जूनी इंदौर के मुराई मोहल्ला में सरकारी बिजली संपत्ति की कथित लूट का मामला अब और गंभीर हो गया है। 1 जून के अंक में मामले को खुलासा फर्स्ट ने प्रमुखता से उठाया था।
जिन खंभों और एल्यूमिनियम तारों को विभागीय कार्रवाई बताकर हटाया गया था, उनके लिए आज तक कोई वैध वर्क ऑर्डर सामने नहीं आया है।
रहवासियों का आरोप है कि करोड़ों की सरकारी संपत्ति नहीं तो कम से कम लाखों के कबाड़ को ठिकाने लगाने का खेल बिजली विभाग के कुछ जिम्मेदार लोगों की सरपरस्ती में खेला गया।
मामला महाप्रबंधक तक पहुंचने के बाद अब विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
थाने में बोले- आदेश है, लेकिन दिखा नहीं पाए
मुराई मोहल्ला के नागरिक आदेश हार्डिया की शिकायत पर रावजी बाजार पुलिस ने सियागंज जोन के एई हिम्मत सिंह चौहान को तलब किया था। थाने में एई ने दावा किया कि खंभे और तार हटाने का काम विभागीय वर्क ऑर्डर के तहत कराया जा रहा है।
उन्होंने सोमवार को वर्क ऑर्डर की प्रति प्रस्तुत करने का आश्वासन भी दिया, लेकिन कोई दस्तावेज सामने नहीं आया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि कार्य वैध था तो मौके पर मौजूद लोगों के पास आदेश की प्रति क्यों नहीं थी? और यदि वर्क ऑर्डर था तो पुलिस के सामने तत्काल प्रस्तुत क्यों नहीं किया गया?
विभागीय संपत्ति को स्टोर में क्यों नहीं जमा किया!
रहवासियों के मुताबिक खंभों को सामान्य तरीके से निकालने के बजाय गैस सिलेंडर के जरिए गैस कटर से चार-चार हिस्सों में काटा गया, जबकि गैस की किल्लत चल रही है।
इतना ही नहीं, अगले दिन फिर लोग पहुंचे और जमीन के भीतर दबे हिस्से को भी काटकर खत्म कर दिया।
स्थानीय लोगों और आदेश हार्डिया का कहना है कि यदि खंभे विभागीय संपत्ति थे और उन्हें स्टोर में जमा करना था तो उन्हें मूल स्वरूप में निकाला जाना चाहिए था।
टुकड़ों में काटने से यह आशंका मजबूत होती है कि उद्देश्य उन्हें कबाड़ के रूप में बेचकर ठिकाने लगाना था।
साठगांठ से हो गया खेल, डीवीआर और बंडल गायब
आदेश हार्डिया जब जाकिर की दुकान पर पहुंचे तो वहां पोल से निकाले गए बिजली के एलुमिनियम के तारों का बड़ा बंडल था जो कि कई किलो वजनी था।
उन्होंने इसकी सूचना रावजी बाजार थाने पर दी तो मौके पर पहुंचे हेड कांस्टेबल मुकेश गायकवाड़ ने कबाड़ी का पक्ष लेते हुए कहा कि तार एक हफ्ते पुराने हैं।
जब गायकवाड़ से कहा गया कि दुकान पर लगे कैमरों की जांच कर लो तो पुलिसकर्मी ने दुकान ने डीवीआर निकाली और शटर गिराकर वहां ताला लगाकर कबाड़ी को साथ ले गया।
बाद में डीवीआर भी गायब हो गई और दुकान खुलवाकर वहां रखे एलुमिनियम के तार के बंडल को भी गायब कर दिया गया। सोचने वाली बात यह है कि पुलिसवाले के कबाड़ी के दुकान पर कब से क्या पड़ा है ये कैसे पता।
बताते हैं पुलिसकर्मी का कबाड़ी से याराना है। थाने पर हफ्ते के हफ्ते शुभलाभ होता है, तभी कबाड़ी बड़े ही आराम से चोरी का माल खरीद पाता है।
लाखों रुपए कीमत का 600 किलो से ज्यादा सरकारी माल गायब!
आदेश हार्डिया ने कल रावजी बाजार पुलिस को लिखित शिकायत करने के अलावा पश्चिमी क्षेत्र विद्युत विभाग (पोलोग्राउंड) के एमडी प्रकाश चौहान को आवेदन कर शिकायत और कार्रवाई की मांग की है।
पोल काटे जाने के दौरान के वीडियो के फुटेज देते हुए दावा किया गया है कि करीब पांच वर्षों से खड़े विद्युत खंभों और एल्युमिनियम केबलों को हटाया गया।
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 600 किलो से अधिक लोहे और एलुमिनियम की सरकारी संपत्ति इस कार्रवाई में प्रभावित हुई है।
यह भी आरोप लगाया है कि घटना के अगले दिन कुछ लोगों को कथित तौर पर इस सामग्री का हिस्सा कबाड़ दुकान में बेचते हुए पकड़ा गया था।
कार्रवाई के निर्देश दिए
मुराई मोहल्ला निवासी आदेश हार्डिया ने पूरे मामले की लिखित शिकायत मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक प्रकाश चौहान को सौंपी।
शिकायत में उच्च स्तरीय जांच, दोषियों पर कार्रवाई और विभागीय मिलीभगत की पड़ताल की मांग की गई है। मामला संज्ञान में आने के बाद महाप्रबंधक ने इसे गंभीर बताते हुए विस्तृत जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कार्यादेश में क्या-क्या होना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी शासकीय सामग्री को हटाने के लिए जारी वर्क ऑर्डर में कार्य के स्थान, हटाई जाने वाली सामग्री का विवरण, खंभों और तारों की संख्या, कार्य अवधि और दिनांक, ठेकेदार एवं कंपनी का नाम, सामग्री को कहां जमा किया जाएगा और कार्य स्वीकृत करने वाले अधिकारी के नाम स्पष्ट रूप से उल्लेख होता है।
यदि ऐसा कोई आदेश जारी हुआ है तो उसमें मुराई मोहल्ला, कनकेश्वर मंदिर क्षेत्र, खंभों की संख्या और सामग्री के परिवहन का पूरा विवरण होना चाहिए।
कौन थे ये लोग? ठेकेदार या कबाड़ी के आदमी?... रहवासियों का आरोप है पोल काटने का काम अधिकृत ठेकेदार या कंपनी द्वारा नहीं किया जा रहा था।
मौके पर मौजूद लोग आउटसोर्स कर्मचारियों के जरिए बुलाए थे और उनका संबंध कटकटपुरा क्षेत्र के कबाड़ी जाकिर से बताया जा रहा है।
चौंकाने वाली बात है कि पूछताछ में कोई भी व्यक्ति पहचान पत्र, अनुबंध पत्र या विभागीय अनुमति नहीं दिखा सका। इससे कई सवाल पैदा होते हैं।
वीडियो बने, शिकायत हुई... फिर भी लौट आए आरोपी... मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि शुक्रवार को पुलिस शिकायत और पूछताछ के बावजूद शनिवार सुबह फिर लोग मौके पर पहुंच गए।
वे घरेलू गैस सिलेंडर और कटिंग मशीन लेकर आए और बचे हुए खंभे को भी काट डाला। सवाल है कि शिकायत के बाद भी आरोपियों में इतना दुस्साहस कहां से आया?
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