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‘पुष्पा’ डायलॉग लिखी पिकअप जब्त: तस्कर फरार; सागौन तस्करों पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई; कालीभीत जंगल की घटना, विभाग को गतिविधियों पर लंबे समय से था शक

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 जून 2026, 12:26 pm
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‘पुष्पा’ डायलॉग लिखी पिकअप जब्त

‘पुष्पा’ डायलॉग लिखी पिकअप जब्त, तस्कर फरार; सागौन तस्करों पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई

कालीभीत जंगल की घटना, विभाग को गतिविधियों पर लंबे समय से था शक

खुलासा फर्स्ट, खंडवा।

जिले के कालीभीत जंगल में वन विभाग ने सागौन तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लकड़ी से भरी एक पिकअप वाहन जब्त की है। इसमें करीब 1.75 लाख रुपए मूल्य की 3 घनमीटर सागौन लकड़ी भरी हुई थी। हालांकि, वन अमले की घेराबंदी के दौरान तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। इस कार्रवाई की सबसे खास बात यह रही कि जब्त पिकअप पर फिल्म पुष्पा के चर्चित डायलॉग लिखे हुए थे। वाहन के एक तरफ "पुष्पा झुकेगा नहीं साला" और दूसरी ओर "पुष्पा नाम सुनकर फ्लावर समझी क्या? हम फायर हैं" लिखा था, जो अब इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

जंगल में संदिग्ध रोशनी देखकर हुई कार्रवाई

मामला पश्चिम कालीभीत वन परिक्षेत्र की सिरालिया सब रेंज के भुरकुला जंगल का है। मंगलवार देर रात नियमित गश्त के दौरान वनकर्मियों को जंगल के भीतर एक चार पहिया वाहन की रोशनी दिखाई दी। रात के समय जंगल में वाहन की मौजूदगी संदिग्ध लगने पर अधिकारियों को सूचना दी गई और तत्काल घेराबंदी की गई।

वनकर्मियों ने ताला तोड़कर तलाशी ली

वन अमले की घेराबंदी के दौरान तस्करों ने विभागीय वाहनों की रोशनी देख ली और पिकअप को जंगल में छोड़कर फरार हो गए। मौके पर पहुंची टीम ने वाहन को घेर लिया, लेकिन उसमें कोई व्यक्ति नहीं मिला।

वाहन लॉक था, इसलिए वनकर्मियों ने ताला तोड़कर तलाशी ली। जांच में पिकअप के भीतर सागौन के 20 लट्ठे पाए गए। इसके बाद वाहन और लकड़ी को जब्त कर वन विभाग के कब्जे में लिया गया।

पहले से संदेह के घेरे में था वाहन

वन परिक्षेत्र अधिकारी विक्रम सिंह भदौरिया के अनुसार, यह पिकअप पहले भी कई बार देर रात जंगल क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते हुए देखी गई थी। विभाग को इसकी गतिविधियों पर लंबे समय से शक था, लेकिन पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इस बार वाहन सागौन लकड़ी से भरा मिला, जिससे तस्करी की आशंका सही साबित हुई।

तस्करी नेटवर्क की तलाश में जुटा विभाग

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जब्त वाहन वनग्राम कोटवारिया निवासी रामकिशन पाटिल के नाम से जुड़ा बताया जा रहा है। वन विभाग वाहन मालिक और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रहा है। साथ ही सागौन तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। फिलहाल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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