डीपी ज्वेलर्स के तौल कांटों में मिली गड़बड़ी: वकील की शिकायत पर नाप-तौल विभाग ने की कार्रवाई
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
सोने के दाम आसमान छूने लगे हैं। आम व्यक्ति जितना दाम दे रहा है, उतना सोना उसे मिलना चाहिए, लेकिन बड़े-बड़े शोरूम की चमक-दमक दिखाकर ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है। ऐसी ही शिकायत नामी डीपी ज्वेलर्स की सामने आई है।
हाई कोर्ट अधिवक्ता अंशुमान जाट ने कल डीपी ज्वेलर्स से आभूषण खरीदे। फिर वह वजन कराने नाप-तौल कांटे पर गए तो वहां प्रयुक्त कांटे पर विभाग की वैध मुहर और सील नहीं लगी हुई थी। इसके बाद अंशुमान जाट ने तौल कांटे का प्रमाण-पत्र तथा नाप-तौल विभाग की वैध मुहर एवं सील के संबंध में जानकारी मांगी, लेकिन कांटे पर न तो नाप-तौल विभाग की आवश्यक सील एवं मुहर दिखाई दे रही थी और न ही संबंधित प्रमाण-पत्र तत्काल प्रस्तुत किया गया।
इसके बाद जाट ने वहां के प्रबंधक को बुलाने के लिए कहा, लेकिन काफी आनाकानी के बाद भी न तो प्रबंधक आया न ही प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया। इसके बाद डीपी ज्वेलर्स की ओर से एक व्यक्ति एक डिब्बा लेकर आया, जिसमें विभिन्न सील रखी हुई थीं और उन सीलों को कांटे पर लगाने का प्रयास किया जाने लगा।
वहां हुए पूरे घटनाक्रम की जाट के साथियों ने वीडियो रिकॉर्डिंग भी की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वकील अंशुमान जाट ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और मौके पर बुलाया। साथ ही नाप-तौल विभाग के निरीक्षक संजय पाटणकर एवं निरीक्षक खेमराज ठाकुर को भी सूचना दी गई, जिनके द्वारा मौके पर पहुंचकर मामले का निरीक्षण एवं आवश्यक जांच कर तौल कांटा जब्त किया गया है।
आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाना चाहिए
खुलासा फर्स्ट से बात करते हुए अंशुमान जाट ने कहा कि मेरा उद्देश्य किसी प्रतिष्ठान को अनावश्यक रूप से बदनाम करना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा तथा नाप-तौल में पारदर्शिता और वैधानिक मानकों का पालन सुनिश्चित कराना है।
यदि किसी प्रतिष्ठान द्वारा नाप-तौल के उपकरणों के संबंध में निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है तो संबंधित विभाग द्वारा निष्पक्ष जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
डीपी ज्वेलर को कारण बताओ नोटिस दिया है
डीपी ज्वेलर्स के तौल कांटो पर सील लगी हुई नहीं पाई गई, उनका प्रमाण पत्र भी तौल कांटों के नजदीक नियमानुसार डिस्प्ले नहीं था। एक तौल कांटे का नीचे का एक पाया टूटा हुआ था, जिससे उसमें वजन में अंतर आ रहा था, उसे जब्त किया गया है।
विभाग द्वारा तौल कांटे सत्यापित कर उन पर सील लगाई गई थी, जिसे डीपी ज्वेलर्स वाले ने हटा दिया होगा, यह उनकी गंभीर लापरवाही है। डीपी ज्वेलर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जवाब मिलने के आधार पर तय करेंगे कि विभाग इस पर जुर्माना लगाएगा या कोर्ट में केस किया जाएगा। - संजय पाटणकर, कंट्रोलर, नाप तौल विभाग
विभाग की भूमिका संदेह के घेरे में
इस पूरे मामले में नाप तौल विभाग की भूमिका संदेह के घेरे में है, क्योंकि विभाग का ही एक अधिनियम है स्टंपिंग ऑफ वेट एंड मेजर, इसके तहत विभाग को ही हर तौल कांटे और बांट का सत्यापन कर उसे सील करना होता है, लेकिन विभाग ने तौल कांटों को सील किए बिना ही डीपी ज्वेलर्स को अलग से सील दे दी, जो उन्होंने अपने तौल कांटों पर लगाई ही नहीं।
विभाग के जिम्मेदारों ने बिना सत्यापन के ही डीपी ज्वेलर्स के तौल कांटों को ग्राहकों के साथ मनमानी ही छूट दे दी। जब अधिवक्ता अंशुमान जाट ने नाप तौल विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने का प्रयास किया तो वो आनाकानी कर रहे थे, मामले की जानकारी जाट द्वारा कलेक्टर को दी गई।
कलेक्टर के आदेश के बाद नाप-तौल विभाग के अधिकारी डीपी ज्वेलर्स पहुंचे और विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 के तहत कार्रवाई कर तौल कांटा जब्त किया है। डीपी ज्वेलर्स के तौल कांटों के सत्यापन की जिम्मेदारी निरीक्षक खेमराज ठाकुर की थी, जो उन्होंने पूरी नहीं की, जिसके चलते अधिवक्ता अंशुमान जाट ने उन पर डीपी ज्वेलर्स पर साठगांठ का आरोप लगाया है। इसके पहले पंजाब ज्वेलर्स के तौल कांटो पर भी इसी तरह की लापरवाही देखने को मिली थी, जिसके भी सत्यापन की जिम्मेदारी निरीक्षक खेमराज ठाकुर की ही थी।
संबंधित समाचार

बंधक प्लॉट बेचकर खरीदारों से लाखों की ठगी:50 से ज्यादा भूखंड जांच के दायरे में; 4 बिल्डरों पर केस दर्ज

देखिए वीडियो, प्रशासन की कार्रवाई के दौरान पथराव:पुलिस ने संभाला मोर्चा; दो घायल

पुलिस कार्रवाई के दौरान मची भगदड़:नदी में कूदे लोग; कई की डूबने से मौत

नियमितीकरण की मांग पर सफाईकर्मियों का दूसरे दिन भी प्रदर्शन:निगम मुख्यालय का घेराव; गेट पर बैठे कर्मचारी बोले- मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

देखिये वीडियो, रोड पर चलती सरकारी बस में अचानक लगी आग:मौके पर मची अफरा-तफरी; जनहानि की सूचना नहीं

16 वर्षीय छात्र की मौत:स्कूल बस पकड़ने के दौरान अचानक जमीन पर गिरा; कार्डियक अरेस्ट से गई जान

दूषित पानीकांड की जांच रिपोर्ट से मचा बवाल:टेंडर से पाइपलाइन तक कई स्तरों पर लापरवाही; इतने दिनों की देरी पर उठे सवाल

मौसम ने बिगाड़ी लोगों की सेहत:वायरल के सैकड़ों मरीज रोज पहुंच रहे अस्पताल; एक्सपर्ट्स ने दी ये सलाह

धू-धूकर जलती कार में हुए जोरदार धमाके:धुआं निकलते ही चालक ने रोकी गाड़ी; तीनों सवार कूदकर बचे

कचरा गाड़ी की चपेट में आई 10 साल की बच्ची:पैर पर चढ़ा पहिया; सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद हुआ खुलासा

देखिए वीडियो, ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ में दिखा आक्रोश:सड़क पर बैठे विपक्षी सांसद; इस नेता के हाथ में पोस्टर- ‘ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो’

देखिए वीडियो, 3 साल से अटकी आरई-2 की राह हुई साफ:इतने बाधक निर्माण हटाने की कार्रवाई; इतने लोग गिरफ्तार, मीडियाकर्मियों को रोका

अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन सख्त:सरकारी जमीन से हटेगा कब्जा; अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी, कलेक्टर के निर्देश की अनदेखी पर कटेगा वेतन

जर्जर छात्रावासों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों स्टूडेंट्स; बोले- छत का प्लास्टर गिरने से डर का माहौल

गर्ल्स डिग्री कॉलेज में जमकर हंगामा:बीए के रिजल्ट पर मचा बवाल; 1316 छात्राओं में इतनों को दी सप्लीमेंट्री

मोमोज को लेकर विवाद:ठेले वाले ने छात्र पर फेंका खौलता तेल; चेहरा-कान झुलसे

जमीन मुक्त नहीं हुई तो उग्र आंदोलन तय:5.84 करोड़ जमा, फिर भी टालमटोल; 7 को ज्ञापन, 13 से आरपार का ऐलान

600 पन्नों की रिपोर्ट से तय होगी जवाबदेही:जहरीले जलकांड पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई

दूषित जल कांड मामला:अब इस तारीख को होगी अगली सुनवाई; याचिकाकर्ताओं ने कहा- रिपोर्ट का अध्ययन कर बहस के लिए समय जरूरी

350 करोड़ का प्रोजेक्ट:सवा किमी में 15 पिलर की खुदाई पूरी; 2028 तक निर्माण का लक्ष्य
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!