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सुरक्षा कारणों से धार्मिक यात्रा को लेकर अहम निर्णय: हवा में उड़कर बाबा बर्फानी के धाम नहीं पहुंच सकेंगे श्रद्धालु; इस दिन तक रहेगा ऐसा प्रतिबंध

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 जून 2026, 1:34 pm
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सुरक्षा कारणों से धार्मिक यात्रा को लेकर अहम निर्णय

खुलासा फर्स्ट, जम्मू।
इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर सेवा की सुविधा नहीं मिलेगी। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रशासन ने पहलगाम और बालटाल दोनों यात्रा मार्गों को यात्रा अवधि के दौरान नो-फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद यात्रा मार्ग पर संचालित सभी हेलीकॉप्टर सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी।

निर्णय का असर हजारों श्रद्धालुओं पर
प्रशासन के इस निर्णय का असर उन हजारों श्रद्धालुओं पर पड़ेगा, जो हर साल समय बचाने और कठिन चढ़ाई से बचने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का उपयोग करते थे। विशेष रूप से बुजुर्ग, महिलाएं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे यात्रियों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी मानी जाती थी।

एक जुलाई से यात्रा समाप्ति तक रहेगा प्रतिबंध
श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर जारी सूचना के अनुसार एक जून को जारी आदेश में यात्रा मार्गों को नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। इसके तहत पहलगाम-पंचतरणी और नीलग्रथ-पंचतरणी सेक्टरों में संचालित हेलीकॉप्टर सेवाओं पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय सुरक्षा एजेंसियों की सलाह के आधार पर लिया गया है, ताकि यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सके।

पैदल, घोड़े और पालकी से करनी होगी यात्रा
हेलीकॉप्टर सेवा बंद होने के बाद श्रद्धालुओं को पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए पारंपरिक साधनों का उपयोग करना होगा। प्रशासन ने बताया कि यात्री पैदल यात्रा कर सकते हैं या फिर घोड़े एवं पालकी की सुविधा का लाभ ले सकते हैं। यात्रा मार्ग पर आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए भी तैयारियां की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

3 जुलाई से शुरू होगी 57 दिन की यात्रा
इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी। कुल 57 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए देशभर से श्रद्धालु पंजीकरण करा रहे हैं। प्रशासन और श्राइन बोर्ड ने यात्रा को लेकर व्यापक सुरक्षा और सुविधाओं की तैयारियां शुरू कर दी हैं। यात्रा मार्गों पर सुरक्षा बलों की तैनाती भी बढ़ाई जा रही है।

श्रद्धालुओं से दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील
अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान अपना यात्रा परमिट साथ रखें और केवल निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें। साथ ही श्राइन बोर्ड और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से हेलीकॉप्टर सेवाओं पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।


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