खेल में ठगी: अब एडवांस के नाम पर फ्राॅड; सोशल मीडिया के जरिए क्रिकेट प्रेमियों को जाल में फंसाने की कोशिश
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
होलकर स्टेडियम में 11 अक्टूबर को होने वाले भारत-वेस्टइंडीज टी-20 मैच को लेकर क्रिकेट फैंस में जबरदस्त उत्साह है। 25 सितंबर को ऑनलाइन टिकट बिक्री शुरू होने के करीब दो घंटे के भीतर ही अधिकतर टिकट बिक गए। टिकट खत्म होते ही अब साइबर ठग और कथित दलाल सोशल मीडिया के जरिए क्रिकेट प्रेमियों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।
ठग मैच के टिकट उपलब्ध होने का दावा कर रहे हैं और बुकिंग के नाम पर टिकट की कुल कीमत का 10 प्रतिशत एडवांस मांग रहे हैं। इसके बाद फर्जी भुगतान स्क्रीनशॉट और टिकट बुकिंग के दावे दिखाकर लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश की जा रही है।
113 मिनट में खत्म हो गई टिकट बिक्री
25 सितंबर की सुबह 6 बजे ऑनलाइन टिकट बुकिंग शुरू हुई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सुबह 7:53 बजे आखिरी सफल ट्रांजैक्शन हुआ। इसके बाद सामान्य श्रेणी के टिकट सोल्ड आउट हो गए। यानी करीब 113 मिनट में टिकटों की बिक्री खत्म हो गई।
टिकटों की कीमत श्रेणी के अनुसार अलग-अलग थी। सबसे कम कीमत का टिकट करीब 1,000 रुपए, जबकि सबसे महंगा टिकट 12,500 रुपए तक का था।
एक व्यक्ति को अधिकतम 4 टिकट की अनुमति
टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) ने एक व्यक्ति के लिए अधिकतम चार टिकट खरीदने की सीमा तय की थी।
इसके बावजूद टिकटों की मांग इतनी ज्यादा रही कि ऑनलाइन बिक्री शुरू होने के कुछ ही समय में टिकट उपलब्ध नहीं रहे। यही स्थिति अब साइबर ठगों के लिए मौका बन गई है।
10% एडवांस मांगकर फंसाने की कोशिश
सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर कुछ लोग अब टिकट उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे टिकट की बुकिंग के नाम पर पहले 10 प्रतिशत एडवांस मांगते हैं।
उदाहरण के तौर पर अगर 12,500 रुपए के टिकट के लिए 10 प्रतिशत एडवांस मांगा जाता है, तो एक टिकट के लिए 1,250 रुपए देने होंगे। चार टिकट के लिए यही रकम बढ़कर 5,000 रुपए हो जाती है।
ठगों का तरीका यहीं खत्म नहीं होता। भरोसा दिलाने के लिए वे दूसरे लोगों के भुगतान के कथित स्क्रीनशॉट भी वॉट्सऐप पर भेज रहे हैं व दावा कर रहे हैं कि टिकट बुक होने के बाद आपके शहर के पते पर भेज दिया जाएगा।
ईस्ट गैलरी से साउथ पैवेलियन तक के टिकटों के दावे
सोशल मीडिया पर अलग-अलग श्रेणी के टिकट उपलब्ध होने के दावे भी किए जा रहे हैं। कुछ लोग ईस्ट गैलरी के टिकट के लिए 1,200 रुपए, जबकि साउथ पैवेलियन के टिकट के लिए 15 हजार रुपए तक की मांग कर रहे हैं।
सवाल यह है कि जब अधिकृत प्लेटफॉर्म पर टिकट बिक चुके हैं, तो सोशल मीडिया पर अचानक इतने टिकट कहां से आ रहे हैं?
पहले भी सामने आ चुके हैं टिकट ठगी के मामले
टिकटों की कालाबाजारी और ऑनलाइन ठगी का यह खतरा नया नहीं है। पिछले साल भारत-न्यूजीलैंड मैच के दौरान भी टिकट दिलाने के नाम पर ठगी के मामले सामने आए थे। इसी तरह की घटनाओं को देखते हुए इस बार भी पुलिस ने क्रिकेट प्रेमियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया पेज से रहें सावधान
पुलिस की एडवाइजरी के मुताबिक मैच के टिकट केवल MPCA के आधिकारिक माध्यम और अधिकृत टिकटिंग पार्टनर के जरिए ही खरीदने चाहिए।
सोशल मीडिया पर टिकट उपलब्ध कराने का दावा करने वाले अनजान पेज, प्रोफाइल या वेबसाइट फर्जी हो सकते हैं। ऐसे किसी व्यक्ति के कहने पर एडवांस भुगतान करना जोखिम भरा हो सकता है।
इन बातों का रखें खास ध्यान
-सोशल मीडिया पर मिले अनजान लिंक से टिकट बुक न करें।
-किसी अनजान व्यक्ति को एडवांस भुगतान न करें।
-बैंक अकाउंट, कार्ड, UPI PIN या OTP जैसी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
-टिकट बुकिंग के नाम पर कोई अनजान ऐप डाउनलोड करने को कहे तो ऐसा न करें।
-सिर्फ आधिकारिक और अधिकृत टिकटिंग माध्यम का इस्तेमाल करें।
-भुगतान करने से पहले वेबसाइट और विक्रेता की प्रामाणिकता जरूर जांचें।
-ठगी होने पर तुरंत पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
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