खबर
Top News

1925 में चरनोई भूमि 1951 में निजी और फिर विनायक एंटरप्राइजेस के नाम: महू की कवटी जमीन के मालिकाना हक की कड़ी गायब

Khulasa First

KHULASA FIRST

संवाददाता

31 अक्टूबर 2026, 12:59 pm
शेयर करें:
1925 में चरनोई भूमि 1951 में निजी और फिर विनायक एंटरप्राइजेस के नाम

एसडीएम के आदेश में नाथू के नाम निजी दर्ज होने का हवाला, लेकिन जमीन चार भाइयों तक कैसे पहुंची, बिक्री की चेन डीड कहां?

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
महू तहसील में शासकीय चरनोई जमीनों को निजी हाथों में पहुंचाने का खेल अब राजस्व रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है। अधिकारी जमीन का मालिकाना हक तय करने के लिए कभी 1925-26 के मिसल बंदोबस्त को आधार बनाते हैं तो कभी बाद के राजस्व रिकॉर्ड का हवाला देकर निजी स्वामित्व स्वीकार कर लेते हैं।

ग्राम कवटी की जमीन के मामले में भी यही विरोधाभास का खुलासा हुआ है। एसडीएम के 19 फरवरी 2026 के आदेश में जमीन का उल्लेख 1925-26 के मिसल बंदोबस्त में शासकीय मद में दर्ज होने के रूप में है, लेकिन 1951-52 में निजी नाम नाथू के नाम दर्ज होने को निजी स्वामित्व का आधार माना गया।

अब सवाल है कि नाथू से यह जमीन किन-किन लोगों के पास पहुंची और आखिर अजीज, रईस, नगजी और मोहब्बत के नाम मालिकाना हक कैसे आया? इस पूरी बिक्री की चेन डीड कहां है?

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, महू के राजस्व प्रकरण क्रमांक 188/अपील/2025-26 में 19 फरवरी 2026 को पारित आदेश के अनुसार विवादित भूमि वर्ष 1925-26 के मिसल बंदोबस्त में शासकीय मद में दर्ज थी।

हालांकि, अपीलार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रमाणित राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर एसडीएम ने उल्लेख किया कि वर्ष 1951-52 में जमीन निजी नाम नाथू वगे के नाम दर्ज थी। इसी आधार पर निजी स्वामित्व के अधिकार स्वीकार करते हुए नामांतरण की अपील मंजूर की गई, लेकिन आदेश में दर्ज इस निष्कर्ष के बाद एक बड़ा सवाल अनुत्तरित है।

नाथू के नाम जमीन दर्ज होने के बाद वह किन लोगों को हस्तांतरित हुई? अजीज, रईस, नगजी और मोहब्बत तक मालिकाना हक पहुंचने की पूरी दस्तावेजी कड़ी क्या है? इनके पक्ष में जमीन के पुराने विक्रय विलेख, उत्तराधिकार दस्तावेज और नामांतरण आदेशों का पूरा रिकॉर्ड कहां है?

चार भाइयों से विनायक एंटरप्राइजेस तक पहुंची जमीन
एसडीएम के आदेश के अनुसार अजीज, रईस, नगजी और मोहब्बत ने रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के माध्यम से संबंधित जमीन अपीलार्थियों को बेची थी। इसके बाद विनायक एंटरप्राइजेस के नाम नामांतरण का रास्ता खुला, लेकिन रजिस्टर्ड विक्रय पत्र होना अपने आप में पूर्ववर्ती मालिकाना हक की पूरी शृंखला का जवाब नहीं है।

मूल सवाल यह है कि विक्रेताओं को जमीन का वैध स्वामित्व किस दस्तावेज से मिला था। यदि 1951-52 में जमीन नाथू के नाम थी, तो उनके बाद से चारों विक्रेताओं तक पहुंचने की प्रत्येक कड़ी का प्रमाणित रिकॉर्ड सार्वजनिक होना चाहिए।

अधिकारियों की जवाबदेही कौन तय करेगा?
एक ओर चरनोई जमीनों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी राजस्व अधिकारियों की है, दूसरी ओर उन्हीं जमीनों के निजी स्वामित्व और नामांतरण को लेकर विवाद सामने आ रहे हैं।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारी गंभीर सवालों पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय अधीनस्थों को नोटिस जारी तक नहीं कर रहे हैं। सूचना के अधिकार के तहत मांगे गए राजस्व दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की शिकायत भी सामने आ चुकी है।

मिसल बंदोबस्त और भू-राजस्व संहिता, दोनों का चयनात्मक इस्तेमाल?

मिसल बंदोबस्त जमीन के ऐतिहासिक राजस्व रिकॉर्ड का महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जबकि मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता भूमि स्वामित्व, अधिकार और राजस्व प्रशासन का कानूनी आधार है।

अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि दोनों का समग्र परीक्षण कर निर्णय लें, लेकिन कवटी के मामले में सवाल यह है कि जब 1925-26 के रिकॉर्ड में जमीन शासकीय चरनोई दर्ज थी, तब बाद की निजी प्रविष्टियों का मूल आधार क्या था? क्या शासकीय मद से निजी मद में परिवर्तन का कोई सक्षम आदेश मौजूद है? यदि है तो वह किस प्राधिकारी ने जारी किया और किस कानूनी प्रक्रिया के तहत?

सीधे सवाल
1925-26 में शासकीय चरनोई दर्ज जमीन 1951-52 में निजी कैसे हो गई?

नाथू से अजीज, रईस, नगजी और मोहब्बत तक जमीन पहुंचने की बिक्री और उत्तराधिकार की दस्तावेजी कड़ी कहां है?

निजी स्वामित्व स्वीकार करने से पहले शासकीय मद से निजी मद में परिवर्तन का आदेश किसने जारी किया?

क्या एसडीएम ने पूरी चेन डीड और मूल दस्तावेजों का परीक्षण किया?

जब चरनोई भूमि के संरक्षण की जिम्मेदारी प्रशासन की है, तो रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने और संदेह दूर करने में देरी क्यों?

यह केवल नामांतरण का मामला नहीं, बल्कि सरकारी जमीन के मालिकाना हक की पूरी शृंखला का सवाल है। जब तक 1925-26 से लेकर वर्तमान तक की सभी प्रविष्टियों, विक्रय विलेखों और नामांतरण आदेशों की जांच सार्वजनिक नहीं होती, तब तक कवटी की जमीन का विवाद खत्म नहीं होगा।

संबंधित समाचार

वीडियो देखिये, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के भोपाल दौरे पर गरमाया सियासी माहौल
Top News

वीडियो देखिये, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के भोपाल दौरे पर गरमाया सियासी माहौल:कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला नजरबंद; कार्यालय के बाहर पुलिस का पहरा, कार्यकर्ताओं से झड़प

1 minute ago
वीडियो देखिये, जूता फैक्ट्री में भीषण आग
Top News

वीडियो देखिये, जूता फैक्ट्री में भीषण आग:4 कर्मचारियों की मौत; दो की हालत गंभीर, बेसमेंट से भड़की लपटें

6 minutes ago
वीडियो देखिये, मां के साथ महाकाल की शरण में पहुंचीं तमन्ना भाटिया
Top News

वीडियो देखिये, मां के साथ महाकाल की शरण में पहुंचीं तमन्ना भाटिया:भस्म आरती में शामिल होकर नंदी के कान में मांगी मन्नत

16 minutes ago
मुंबई में बॉलीवुड की दिग्गज हस्तियों के बीच इंदौर के क्यूरियस बैंड का परफॉर्म
Top News

मुंबई में बॉलीवुड की दिग्गज हस्तियों के बीच इंदौर के क्यूरियस बैंड का परफॉर्म:आयोजन में देशभर के 14 बैंड्स ने हिस्सा लिया

23 minutes ago
68 करोड़ की संपत्तियों के दस्तावेज फिर भी फिरोज खान गिरफ्त से बाहर
Top News

68 करोड़ की संपत्तियों के दस्तावेज फिर भी फिरोज खान गिरफ्त से बाहर:सात फर्मों का नेटवर्क भी आया सामने; ससुराल के आसपास छिपे होने की चर्चा, भाई जावेद खान का नाम भी सुर्खियों में

28 minutes ago
वीडियो देखिये, कलेक्टर से मिलने निकले बच्चों को रास्ते से लौटाया
Top News

वीडियो देखिये, कलेक्टर से मिलने निकले बच्चों को रास्ते से लौटाया:अधिकारियों ने स्कूल पहुंचकर सुनी समस्याएं

31 minutes ago
मीटिंग में शामिल होने निकले थे, रास्ते में मिली मौत
Top News

मीटिंग में शामिल होने निकले थे, रास्ते में मिली मौत:क्रेन की टक्कर से दो युवकों की जान गई; ब्रिज पर हुआ दर्दनाक हादसा

40 minutes ago
कलेक्टर से शिकायत करने निकले थे 200 छात्र
Top News

कलेक्टर से शिकायत करने निकले थे 200 छात्र:प्रबंधन ने रास्ते में ही डरा-धमकाकर दबाई आवाज

about 1 hour ago
वीडियो देखिये, दीपावली पर खुशियां बांटें, खतरे नहीं... कार्बाइड गन से रहें दूर
Top News

वीडियो देखिये, दीपावली पर खुशियां बांटें, खतरे नहीं... कार्बाइड गन से रहें दूर:एडिशनल DCP राजेश दंडोतिया की इंदौरवासियों से अपील

about 1 hour ago
थाने को बनाया अखाड़ा आठ घंटे पुलिस के कानों पर बजे ढोल-नगाड़े
Top News

थाने को बनाया अखाड़ा आठ घंटे पुलिस के कानों पर बजे ढोल-नगाड़े:बजरंगियों को बंद कर अभद्रता का आरोप

about 1 hour ago
40 से ज्यादा अपराधों का आरोपी भय्यू सुरीला पुलिस के हत्थे चढ़ा
Top News

40 से ज्यादा अपराधों का आरोपी भय्यू सुरीला पुलिस के हत्थे चढ़ा:जेल से छूटते ही महिला पर फिर साथ रहने का दबाव बनाने का आरोप; बेटी को भी दी थी जान से मारने की धमकी

about 1 hour ago
वीडियो देखिये, हरदीप सिंह पुरी का अनुभव मध्यप्रदेश के विकास में होगा लाभकारी
Top News

वीडियो देखिये, हरदीप सिंह पुरी का अनुभव मध्यप्रदेश के विकास में होगा लाभकारी:मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्यसभा नामांकन पर दी बधाई

about 1 hour ago
ड्रेनेज पाइप में छिपा घायल तेंदुआ
Top News

ड्रेनेज पाइप में छिपा घायल तेंदुआ:4 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

about 1 hour ago
वीडियो देखिये, रिश्वत पर बयान देना पड़ा भारी
Top News

वीडियो देखिये, रिश्वत पर बयान देना पड़ा भारी:जल संसाधन विभाग के EE सीबी अहिरवार सस्पेंड; भोपाल अटैच

about 1 hour ago
दोस्तों के साथ जयकारे लगा रहे थे तिलक
Top News

दोस्तों के साथ जयकारे लगा रहे थे तिलक:आधे घंटे बाद थम गई सांसें; आदि कैलाश यात्रा का आखिरी VIDEO आया सामने

about 1 hour ago
इच्छाशक्ति का हिमालय
Top News

इच्छाशक्ति का हिमालय:अखंड भारत के महानायक को नमन; देश मना रहा लौहपुरुष की 151वीं जयंती, केवडिया से इंदौर तक एकता की गूंज

about 1 hour ago
हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा के लिए दाखिल किया नामांकन
Top News

हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा के लिए दाखिल किया नामांकन:मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल रहे मौजूद

about 2 hours ago
इस ज्योतिर्लिंग मंदिर में पुजारी नियुक्ति पर हाईकोर्ट की रोक
Top News

इस ज्योतिर्लिंग मंदिर में पुजारी नियुक्ति पर हाईकोर्ट की रोक:शर्मा परिवार के दो सदस्यों की अपील मंजूर; यह है पूरा मामला

about 2 hours ago
शिवराज सिंह चौहान के निवास पर पहुंचे कैलाश विजयवर्गीय
Top News

शिवराज सिंह चौहान के निवास पर पहुंचे कैलाश विजयवर्गीय:मां के निधन पर परिजनों से मिलकर व्यक्त की संवेदनाएं; भोपाल पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

about 2 hours ago
इंदौर से धार के बीच रेल कनेक्टिविटी का सपना अब साकार होने की दिशा में
Top News

इंदौर से धार के बीच रेल कनेक्टिविटी का सपना अब साकार होने की दिशा में:स्पीड ट्रायल शुरू; 7 साल में बनी टीही टनल

about 2 hours ago

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!