हनीमून हत्याकांड: जमानत को पुलिस देगी चुनौती; अधिकारी बोले-तकनीकी त्रुटि से केस कमजोर नहीं
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ मेघालय पुलिस अब उच्च अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। मेघालय की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) इदाशिशा नोंगरांग ने कहा है कि जांच पूरी तरह मजबूत है और एक तकनीकी त्रुटि के आधार पर मामले की निष्पक्षता या अभियोजन पक्ष की मजबूती पर सवाल नहीं उठाए जा सकते।
अदालत में पुलिस अपना पक्ष मजबूती से रखेगी
डीजीपी नोंगरांग ने स्पष्ट किया कि पुलिस जमानत आदेश को चुनौती देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी के पास पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और आरोपी के खिलाफ मामला मजबूत है। उनके मुताबिक अदालत में पुलिस अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।
जांच में क्या हुई थी तकनीकी चूक?
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान एक दस्तावेज में कानूनी धारा का उल्लेख गलत हो गया था। हालांकि ट्रांजिट रिमांड और अन्य न्यायिक प्रक्रियाओं में सही कानूनी प्रावधानों का पालन किया गया था। डीजीपी ने कहा कि यह त्रुटि केवल दस्तावेजी स्तर तक सीमित थी और इसका जांच की मूल प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
'छोटी गलती को पूरे केस से न जोड़ें'
डीजीपी ने जांच अधिकारियों का बचाव करते हुए कहा कि यह मामला कई आरोपियों, विभिन्न कानूनी प्रक्रियाओं और राज्यों के बीच समन्वय से जुड़ा हुआ है। ऐसे जटिल मामलों में कभी-कभी तकनीकी चूक हो सकती है, लेकिन इससे पूरे मामले की विश्वसनीयता प्रभावित नहीं होती।उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और पुलिस को अपने साक्ष्यों पर पूरा भरोसा है।
जमानत की शर्तें सख्त
अदालत ने सोनम रघुवंशी को कुछ सख्त शर्तों के साथ जमानत दी है। जमानत की शर्तों के अनुसार सोनम बिना अदालत की अनुमति के शिलांग के अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं जा सकेगी। उसे जांच और न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करना होगा। 50 हजार रुपए का निजी मुचलका जमा करना होगा। दो जमानतदार प्रस्तुत करने होंगे।
50 हजार रुपए का बॉन्ड जमा किया"
इन्हीं शर्तों के तहत सोनम ने 50 हजार रुपए का बॉन्ड जमा किया। उसके पिता देवी सिंह रघुवंशी और एक स्थानीय होटल संचालक ने जमानतदार के रूप में दस्तावेज प्रस्तुत किए।
ट्रायल में देरी भी बनी अहम वजह
पुलिस ने प्रारंभिक चालान समय पर पेश कर दिया था, लेकिन बाद में पूरक चालान दाखिल किए गए। इसके चलते ट्रायल की प्रक्रिया धीमी पड़ गई। अब तक करीब 90 प्रस्तावित गवाहों में से केवल चार गवाहों के बयान ही दर्ज हो सके हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रायल में हुई देरी और संवैधानिक प्रक्रियाओं से जुड़े सवाल भी जमानत मिलने की प्रमुख वजहों में शामिल रहे।
पिता के बदले तेवर चर्चा में
मामले की शुरुआत में जब सोनम का नाम सामने आया था, तब उसके पिता देवी सिंह रघुवंशी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि ' हमारे लिए सोनम मर चुकी है।' लेकिन अब वही पिता शिलांग पहुंचकर उसकी जमानत की प्रक्रिया में शामिल हुए और मुचलके की औपचारिकताएं पूरी कराईं। इस घटनाक्रम ने मामले को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
पुलिस को अब भी केस पर भरोसा
मेघालय पुलिस का कहना है कि जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से मुक्ति नहीं है। जांच एजेंसी के पास मौजूद साक्ष्य और परिस्थितिजन्य प्रमाण अदालत में प्रस्तुत किए जाएंगे। पुलिस का दावा है कि तकनीकी आधार पर मिली राहत से अभियोजन पक्ष का मामला कमजोर नहीं हुआ है और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सच्चाई सामने आएगी।
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