रिजल्ट पर हाई कोर्ट की रोक: शासन से पूछा- अभ्यर्थियों को बुलाने की प्रक्रिया क्या थी?
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पुलिस आरक्षक (बैंड) पद पर भर्ती से जुड़े मामले में मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने साक्षात्कार के परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी है।
कोर्ट ने शासन से पूछा है कि साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों का चयन किस प्रक्रिया के तहत किया गया था। साथ ही साक्षात्कार के लिए बुलाए गए अभ्यर्थियों की सूची भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई 7 सितंबर से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।
दो चरण पास करने के बाद भी साक्षात्कार से बाहर
उज्जैन निवासी सुमित शर्मा ने पुलिस आरक्षक (बैंड) पद के लिए आवेदन किया था। याचिका में बताया गया है कि उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के पहले और दूसरे चरण को सफलतापूर्वक पूरा किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें तीसरे चरण यानी साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया।
याचिकाकर्ता का दावा है कि भर्ती विज्ञापन में निर्धारित पदों की संख्या के तीन गुना अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाने का प्रावधान था।
इसके विपरीत विभाग ने केवल दो गुना अभ्यर्थियों को ही साक्षात्कार के लिए बुलाया। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि पात्र अभ्यर्थियों की सूची सार्वजनिक नहीं की गई। याचिकाकर्ता ने स्वयं को भी साक्षात्कार में शामिल करने की अनुमति देने की मांग की है।
शासन ने कहा- प्रक्रिया के अनुसार बुलाए अभ्यर्थी
सोमवार को न्यायमूर्ति मिलिंद फड़के की एकलपीठ में मामले की सुनवाई हुई। शासन की ओर से याचिका निरस्त करने की मांग की गई।
शासकीय अधिवक्ता ने तर्क दिया कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। चूंकि साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, इसलिए अब याचिका निरस्त की जानी चाहिए।
कोर्ट ने मांगी चयन प्रक्रिया की जानकारी
दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने शासन के अधिवक्ता को विभाग से जानकारी लेकर यह बताने के निर्देश दिए कि साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों का चयन किस प्रक्रिया के तहत किया गया। कोर्ट ने साक्षात्कार के लिए बुलाए गए अभ्यर्थियों की सूची भी पेश करने को कहा है।
कोर्ट ने अगली सुनवाई तक साक्षात्कार के परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी है। ऐसे में हाई कोर्ट के अगले आदेश तक पुलिस आरक्षक (बैंड) भर्ती का परिणाम जारी नहीं हो सकेगा।
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