बसों की निगरानी के लिए हाईटेक नेटवर्क: इस शहर से होगी निगरानी; यात्रियों की सुरक्षा और बस संचालन पर रहेगी नजर, वर्ष 2031 तक सड़कों पर उतरेंगी 15 हजार बसें
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को व्यापक बनाने और बसों के संचालन पर निगरानी मजबूत करने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत भोपाल में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके जरिए प्रदेशभर में संचालित बसों की निगरानी और परिवहन सेवाओं के बीच समन्वय बनाया जाएगा। राज्य सरकार ने वर्ष 2030-31 तक प्रदेश में करीब 15 हजार बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा है।
इस व्यवस्था के लिए भोपाल के स्मार्ट सिटी परिसर में मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) का मुख्यालय स्थापित किया जा रहा है। यहां लगभग 150 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में सात क्षेत्रीय कार्यालय विकसित किए जा रहे हैं। इन कार्यालयों के माध्यम से संबंधित जिलों में बस सेवाओं के संचालन, सुरक्षा और नियंत्रण की जिम्मेदारी संभाली जाएगी।
सिटी से इंटरस्टेट तक बस सेवाओं का विस्तार
राज्य सरकार की योजना के तहत शहरों के भीतर चलने वाली सिटी बसों के साथ शहरों के बीच इंटरसिटी और राज्यों के बीच इंटरस्टेट बस सेवाओं का संचालन भी किया जाएगा। वर्ष 2030-31 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य इसी व्यापक परिवहन योजना का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 25 सितंबर 2026 को पीएम ई-बस सेवा और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ किया था। इसके बाद MPYPIL के माध्यम से बस संचालन की प्रक्रिया शुरू की गई। अब इस व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मुख्यालय और क्षेत्रीय कार्यालयों में आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
सात क्षेत्रीय कार्यालय संभालेंगे जिलों की जिम्मेदारी
प्रदेश में परिवहन सेवाओं की निगरानी को क्षेत्रीय स्तर पर व्यवस्थित करने के लिए सात शहरों में कार्यालय विकसित किए जा रहे हैं। प्रत्येक कार्यालय अपने निर्धारित जिलों में बस संचालन और निगरानी का काम संभालेगा।
भोपाल: भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (BCLL) का कार्यालय आईएसबीटी भवन में संचालित है। यहां क्षेत्रीय स्तर पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र से भोपाल सहित नर्मदापुरम, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, हरदा और बैतूल जिलों में संचालित बसों की निगरानी की जाएगी। कार्यालय में करीब 120 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी।
इंदौर: अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) के कार्यालय का विस्तार और उन्नयन किया जा रहा है। यहां से इंदौर के साथ धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर जिलों की बस सेवाओं की निगरानी की जाएगी। कार्यालय में लगभग 120 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसका काम जनवरी 2027 तक पूरा होने की संभावना है।
उज्जैन: उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (UCTSL) का कार्यालय परिवहन कार्यालय परिसर में स्थापित किया जा रहा है। यहां से देवास, रतलाम, शाजापुर, आगर मालवा, मंदसौर और नीमच जिलों की बसों पर नजर रखी जाएगी। कार्यालय का काम जनवरी 2027 तक पूरा होने की संभावना है और यहां करीब 120 अधिकारियों-कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी।
जबलपुर और ग्वालियर में मार्च 2027 तक कार्यालय तैयार करने का लक्ष्य
जबलपुर: जबलपुर सिटी लिंक ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (JCTSL) के कार्यालय का विस्तार आईएसबीटी भवन में प्रस्तावित है। इसे 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यहां लगभग 150 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। इस कार्यालय से नरसिंहपुर, कटनी, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में बस सेवाओं की निगरानी की जाएगी।
ग्वालियर: ग्वालियर-चंबल यात्री परिवहन सेवा लिमिटेड (GCYPSL) का कार्यालय राजस्व मंडल परिसर में बनाया जाएगा। इसके लिए भी 31 मार्च 2027 तक की समय-सीमा निर्धारित की गई है। यहां करीब 120 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। ग्वालियर कार्यालय से मुरैना, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, गुना और अशोकनगर जिलों की बसों के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी संभाली जाएगी।
सागर और रीवा में भी तैयार होंगे क्षेत्रीय केंद्र
सागर: सागर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (SCTSL) का कार्यालय स्मार्ट सिटी के इन्क्यूबेशन सेंटर भवन में प्रस्तावित है। इसे 28 फरवरी 2027 तक पूरा करने की संभावना है। कार्यालय में लगभग 125 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। यहां से निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह जिलों में बस सेवाओं की निगरानी की जाएगी।
रीवा: रीवा सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (RCTSL) का कार्यालय समदड़िया, आदर्श भवन में बनाया जाना प्रस्तावित है। इसे 31 मार्च 2027 तक पूरा करने की संभावना है। यहां करीब 150 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। रीवा कार्यालय से रीवा के अलावा सतना, सीधी, मैहर, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर जिलों में संचालित बसों पर नजर रखी जाएगी।
निगरानी और समन्वय से परिवहन व्यवस्था को मिलेगी नई संरचना
भोपाल में मुख्यालय और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के साथ सात क्षेत्रीय कार्यालय विकसित करने की योजना का उद्देश्य बस सेवाओं के प्रबंधन को व्यवस्थित करना है। क्षेत्रीय कार्यालयों के जरिए जिलों में बस संचालन और सुरक्षा से जुड़े कार्यों का समन्वय किया जाएगा, जबकि भोपाल स्थित केंद्र प्रदेश स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करेगा।
सरकार की योजना के तहत 2030-31 तक 15 हजार बसों के संचालन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के साथ मुख्यालय और क्षेत्रीय कार्यालयों को तय समय-सीमा में विकसित करना भी महत्वपूर्ण होगा। व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद प्रदेश में सिटी, इंटरसिटी और इंटरस्टेट बस सेवाओं के संचालन के लिए एक व्यापक प्रबंधन ढांचा तैयार होगा।
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