यशवंत क्लब चुनाव आज: 5124 सदस्य चुनेंगे नई कार्यकारिणी
KHULASA FIRST
संवाददाता

अध्यक्ष पद पर पम्मी छाबड़ा और जीतू जैन के बीच सीधा मुकाबला
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के प्रतिष्ठित यशवंत क्लब के द्विवार्षिक चुनाव रविवार को होंगे। चुनाव को लेकर क्लब सदस्यों में उत्साह चरम पर है। क्लब के कुल 5,124 सदस्य नई कार्यकारिणी और पदाधिकारियों के चुनाव के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
इस बार अध्यक्ष पद पर परमजीत सिंह (पम्मी) छाबड़ा और जितेंद्र (जीतू) जैन के बीच सीधा मुकाबला है, जिससे चुनाव बेहद रोचक हो गया है।
मतदान रविवार सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक क्लब परिसर में होगा। मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद मतगणना शुरू की जाएगी और देर शाम तक परिणाम घोषित होने की संभावना है। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए क्लब परिसर में चार मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव अधिकारियों ने सदस्यों से समय पर पहुंचकर मतदान करने की अपील की है।
दो बैलेट पेपर से होगा मतदान
इस बार मतदान दो अलग-अलग बैलेट पेपर के माध्यम से कराया जाएगा। पहले बैलेट पेपर पर कार्यकारिणी सदस्यों के लिए मतदान होगा, जबकि दूसरे बैलेट पेपर पर अध्यक्ष, सचिव, सह सचिव और कोषाध्यक्ष सहित चार प्रमुख पदाधिकारियों का चयन किया जाएगा। चुनाव अधिकारियों ने मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
नए प्रस्ताव पर बवाल: हर साल 10 नए सदस्य बनाने की तैयारी, पुराने सदस्यों में नाराजगी
शहर के सबसे प्रतिष्ठित और वीआईपी क्लबों में शुमार ‹यशवंत क्लब› के सालाना चुनाव से ठीक 24 घंटे पहले सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। वर्तमान चेयरमैन टोनी सचदेवा और सचिव संजय गोरानी की मैनेजिंग कमेटी द्वारा चुनावी एजीएम में रखे गए एक नए प्रस्ताव ने क्लब की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
कमेटी ने आगामी 10 वर्षों तक हर साल 10 नए ‹परमानेंट› सदस्य बनाने का प्रस्ताव रखा है। लेकिन पेंच यह है कि ये 10 सदस्य वास्तव में 10 अलग-अलग श्रेणियों (कैटेगरी) के तहत होंगे, जिससे हर साल लगभग 100 नए सदस्य क्लब से जुड़ेंगे।
क्लब के वरिष्ठ और पुराने सदस्यों में इस प्रस्ताव को लेकर भारी नाराजगी है। दरअसल, वर्तमान मैनेजिंग कमेटी ने हाल ही में 100 नए सदस्य बनाए हैं। नियमतः इन्हें 25-25 की संख्या में चार साल के भीतर चरणबद्ध तरीके से बनाया जाना था, लेकिन चुनावी साल को देखते हुए इस काम को आनन-फानन में पहले ही पूरा कर लिया गया।
वरिष्ठ सदस्यों का तर्क है कि यशवंत क्लब में पहले से ही करीब 5500 सदस्य मौजूद हैं, जिससे डाइनिंग, स्पोर्ट्स और पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाओं पर पहले से ही भारी दबाव है। जब एक नया सदस्य बनता है, तो उसका पूरा परिवार क्लब की सुविधाओं का उपयोग करता है।
इस लिहाज से हाल ही में बने 100 सदस्यों के कारण क्लब पर सीधे 400 से 500 लोगों का अतिरिक्त लोड आया है। अब यदि हर साल 100 और नए सदस्य (यानी परिवारों सहित 400-500 लोग) जुड़ेंगे, तो महज कुछ ही वर्षों में क्लब का मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह खस्ताहाल हो जाएगा।
संविधान बदलने की कोशिशें भी रही थीं नाकाम
यह पहला मौका नहीं है जब वर्तमान कमेटी के फैसलों का विरोध हुआ हो। इसके पूर्व मैनेजिंग कमेटी ने क्लब के मूल संविधान में बदलाव की मंशा जताई थी। वर्तमान नियम के मुताबिक, कोई भी पदाधिकारी लगातार दो कार्यकाल (टर्म) के बाद तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ सकता, उसे एक बार का ब्रेक लेना अनिवार्य है।
सचदेवा-गोरानी पैनल इस ‹टू-टर्म› कैपिंग के नियम को हटाना चाहता था ताकि पदाधिकारी असीमित समय तक पद पर बने रहें। हालांकि, क्लब के प्रबुद्ध और वरिष्ठ सदस्यों के कड़े विरोध के चलते कमेटी को कदम पीछे खींचने पड़े थे।
दो प्रमुख पैनलों में कांटे की टक्कर
चुनाव में मुख्य मुकाबला पम्मी छाबड़ा पैनल और सचदेवा-गोरानी पैनल के बीच माना जा रहा है। इसके अलावा कुछ उम्मीदवार निर्दलीय के रूप में भी मैदान में हैं, जो मुकाबले को और दिलचस्प बना रहे हैं। लगातार दो कार्यकाल पूरे होने के कारण पूर्व अध्यक्ष टोनी सचदेवा और संजय गोरानी इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।
उनकी टीम ने अध्यक्ष पद के लिए जितेंद्र (जीतू) जैन और सचिव पद के लिए विजय कस्तूरी को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, पम्मी छाबड़ा पैनल ने अध्यक्ष पद के लिए परमजीत सिंह (पम्मी) छाबड़ा और सचिव पद के लिए अतुल शेठ को मैदान में उतारा है।
चुनाव को लेकर दोनों पैनलों ने व्यापक जनसंपर्क किया है। पिछले कई दिनों से क्लब परिसर और सदस्यों के बीच चुनावी माहौल गर्म रहा। अब सभी की निगाहें आज होने वाले मतदान और शाम तक आने वाले परिणामों पर टिकी हैं। नई कार्यकारिणी अगले दो वर्षों तक क्लब के संचालन और विकास संबंधी महत्वपूर्ण निर्णयों की जिम्मेदारी संभालेगी।
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