आखिरकार क्या है बंटी की मौत का राज़: कॉलोनाइजर की आत्महत्या बनी पहेली
KHULASA FIRST
संवाददाता

सांवेर रोड से बायपास तक कितने प्रोजेक्ट, किसमें कौन पार्टनर और किसका कितना पैसा, पुलिस खंगालेगी पूरा हिसाब
भूमाफिया चंपू अजमेरा की पत्नी योगिता से करोड़ों का लेनदेन, होगी पूछताछ
जब्त मोबाइल खोलेगा आखिरी दिनों की कहानी
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के बड़े रियल एस्टेट कारोबारी बंटी उर्फ संदीप नागर (56) ने कल जान दे दी। उनकी आत्महत्या की खबर ने शहर के रियल एस्टेट कारोबार को पूरी तरह हिलाकर रख दिया। कारोबारी की मौत ने रियल एस्टेट कारोबार को ही नहीं, बल्कि उनके पीछे छोड़े करोड़ों के कारोबार के पूरे नेटवर्क को भी सवालों के घेरे में ला दिया है। पुलिस के सामने सवाल है कि आखिर बंटी नागर की आत्महत्या के पीछे क्या कारण था?
किसी प्रोजेक्ट का दबाव था, किसी पार्टनर से विवाद था, करोड़ों का लेनदेन अटका था या कारोबार से जुड़ी कोई ऐसी बात थी, जिसे उन्होंने परिवार को नहीं बताया? सुसाइड नोट नहीं मिलने के चलते इन सवालों के जवाब पुलिस के पास नहीं हैं।
गुलमोहर कॉलोनी निवासी बंटी उर्फ संदीप पिता मनोहरलाल नागर बड़े कॉलोनाइजर और बिल्डर थे। उनका साकेत नगर स्थित ‘द मार्क’ बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर 404 और 407 नंबर का ऑफिस है। उनकी फर्म संस्कृति डेवलपर्स ने शहर में कई बड़े प्रोजेक्ट तैयार किए हैं।
कल दोपहर बंटी नागर घर से ऑफिस जाने की बात कहकर निकले थे। कई बार लगाने पर भी फोन बंद मिला तो बेटा ऋषित उन्हें तलाशते हुए ऑफिस पहुंचा, तो 404 नंबर रूम में पिता बंटी का शरीर फंदे पर झूलता मिला। उन्हें फंदे से उतारकर तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आत्महत्या की खबर पर एसीपी नीति दंडोतिया, पलािसया टीआई सुरेंद्र सिंह रघुवंशी, एफएसएल और फिंगर प्रिंट टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। बंटी नागर के ऑफिस में सीसीटीवी कैमरे लगे थे। पुलिस ने डीवीआर खंगाले तो रूम नं. 407 में डीवीआर मिल गया, जिसे जब्त कर ऑफिस को सील कर दिया गया।
रविवार को बंद रहता था ऑफिस... पारिवारिक सूत्रों के अनुसार बंटी नागर पहले सुनार थे। उनके भाईयों का सराफा और तुकोगंज क्षेत्र में सोना-चांदी का बड़ा कारोबार है। बाद में संस्कृति डेवलपर्स नाम से रियल स्टेट के धंधे में उतर गए।
सुनती जैन के साथ एक प्रोजेक्ट किया, जिसमें वह सफल हो गए। इसके बाद वह बिल्डरों और कॉलोनाइजरों से 5-5, 10-10 प्लॉट खरीदकर बेचने लगे। बहुत ही कम समय में बंटी ने मार्केट में अपनी अच्छी पकड़ बना ली। हालांकि बंटी नागर पिछले कुछ समय से डिप्रेशन में चल रहे थे।
द मार्क बिल्डिंग के गार्ड कल्लू मिश्रा के अनुसार बंटी नागर का ऑफिस रविवार को बंद रहता था। वे दोपहर को ऑफिस आए तो परेशान लग रहे थे। मल्टी की पार्किंग में जगह नहीं होने के चलते उन्होंने थोड़ी बहुत परेशानी के बाद कार पार्क की। इसके बाद ऑफिस में चले गए। उनके ऑफिस जाने के कुछ घंटों बाद उनका बेटा ऋषित ऑफिस आया था।
पुलिस ने कल रात ही बंटी नागर की पत्नी अर्पणा और बेटे ऋषित से प्राथमिक पूछताछ की थी। हालांकि एक-दो दिन में विस्तृत पूछताछ की जाएगी। बताते हैं बंटी नागर ने साड़ी से फांसी लगाई थी। वह साड़ी घर से लेकर निकले थे या फिर उनकी कार में पहले से रखी थी। ऑफिस बॉय गोपाल से मौके पर पहुंचे मीडियाकर्मी को बातचीत नहीं करने दी, जबकि गोपाल कुछ बताना चाह रहा था।
बाल्याखेड़ी में सांसद का भाई है पार्टनर... सूत्रों का कहना है कि बंटी नागर का बायपास पर बाल्याखेड़ी में जो प्रोजेक्ट चल रहा है वह करीब 15 एकड़ जमीन पर हैं। इसमें उनके पार्टनर सांसद शंकर लालवानी के भाई राजू लालवानी और रितेश लुंकड़ है।
उक्त जमीन पर मल्टी का नक्शा पास है। उन्हें धारा 16 में कॉलोनी की परमिशन नहीं मिली थी। बावजूद इसके वहां प्लॉट काटकर डायरी पर सौदे कर दिए गए। ये प्रोजेक्ट भी दो साल लेट हो गया था, जिससे घाटा होने की बात सामने आ रही है।
धारा 16 में नई कॉलोनी काटने की परमिशन नहीं मिलने से कई कॉलोनाइजर परेशान हैं, क्योंकि करोड़ों रुपए फंसाकर उन्होंने किसानों से जमीने तो खरीद ली है, लेकिन कॉलोनी नहीं काट पा रहे हैं।
संदीप तेल से भी चलता था पैसों का लेनदेन... बताते हैं कि बंटी नागर का संदीप तेल उर्फ संदीप अग्रवाल से भी पैसों का लेन-देन चलता था, जो कि संदीप की मौत के बाद उसकी पत्नी सीमा अग्रवाल से चलने लगा।
बंटी नागर मनोज बिंजालिया के साथ भी कोई प्रोजेक्ट कर रहे थे। बंटी के पिता और िपता के भाई बड़ा सराफा व ट्रेजर आईलेंड के सामने शिव कोठी के मदनलाल-छगनलाल ज्वेलर्स में पार्टनर थे।
बाद में उन्होंने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया था। लेन-देन 15 पैसे में निपटाया था। इसके बाद बंटी का परिवार एक बार और दिवालिया हो गया था। शंका है कि इस मर्तबा भी देनदारियों के चलते बंटी की भी ऐसी ही हालत ही थी।
बंटी कुछ समय पहले वियतनाम गया था। वहां बाथरूम में गिर गया था। इसके बाद उनके दिल में पेस मेकर लगाया गया। इसके चलते वह तनाव में थे। शंका ये भी है कि उन्हें कोई महिला ब्लैकमेल कर रही थी। चूंकि जिस 404 नंबर रूम में बंटी ने फांसी लगाई थी। वह अंदर से बंद नहीं था।
बड़ा सवाल है कि जान देने से पहले उन्होंने दरवाजा क्यों बंद नहीं किया। इस रूम में लगे कैमरों की डीवीआर भी पुलिस को नहीं मिली है। शंका है कि कहीं उन्हें मारकर तो फंदे पर नहीं लटका दिया गया। करीब एक दशक पहले बंटी का पार्टनर रितेश लुंकड़ था, जिसने तिलक नगर क्षेत्र में एक लड़की का मर्डर कर दिया था, जिसमें उसे जेल जाना पड़ा था।
संदीप तेल की पत्नी सेे करोड़ों का लेनदेन भी बड़ा सवाल
पुलिस की जांच में कुख्यात भूमाफिया चंपू अजमेरा की पत्नी योगिता अजमेरा से बंटी नागर के करोड़ों रुपए के लेनदेन की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस के लिए यह भी अहम होगा कि यह रकम किस प्रोजेक्ट, सौदे, निवेश या कारोबारी साझेदारी से जुड़ी थी।
लेनदेन कब हुआ, किस खाते से हुआ और रकम का इस्तेमाल कहां किया गया। इन सवालों के जवाब दस्तावेज और बैंकिंग रिकॉर्ड से तलाशे जाएंगे। सीमा अग्रवाल, मनोज सहित अन्य लोगों का पैसा कारोबार में लगा होने की जानकारी भी जांच का हिस्सा बन सकती है।
प्रोजेक्ट कितने थे और पार्टनर कौन-कौन?
बंटी का सांवेर रोड, बायपास और बाल्याखेड़ी सहित कई क्षेत्रों में कारोबार और प्रोजेक्ट चलने का खुलासा हुआ है। अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि कुल कितने प्रोजेक्ट चल रहे थे? कौन-सा प्रोजेक्ट किस कंपनी या फर्म के नाम था?
किस प्रोजेक्ट में बंटी की हिस्सेदारी कितनी थी और किस-किस की पार्टनरशिप थी? पार्टनरशिप मौखिक थी या बाकायदा एग्रीमेंट, कंपनी दस्तावेज और निवेश के कागजात मौजूद थे?
पुलिस संबंधित फर्मों के दस्तावेज, पार्टनरशिप डीड, जमीन के कागजात, बैंक खाते, निवेश और भुगतान का रिकॉर्ड जुटा सकती है। जिन लोगों की रकम प्रोजेक्ट में लगी थी, उनके बयान लेकर यह भी देखा जाएगा कि किसी को भुगतान मिलना बाकी था या किसी प्रोजेक्ट को लेकर विवाद चल रहा था।
पार्टनरों को नोटिस, दस्तावेज और हिसाब-किताब की जांच
पुलिस बंटी नागर के प्रोजेक्टों से संबंधित पार्टनरों और कारोबारी सहयोगियों को जल्द ही नोटिस देकर पूछताछ करने की तैयारी में हैं। उनसे प्रोजेक्ट से जुड़े एग्रीमेंट, हिसाब-किताब, निवेश के दस्तावेज, भुगतान रिकॉर्ड और आपसी पत्राचार मांगे जा सकते हैं।
जांच यह भी देखेगी कि हाल के दिनों में किसी पार्टनर से विवाद, हिस्सेदारी को लेकर मतभेद, भुगतान का दबाव या किसी बड़े सौदे को लेकर तनाव तो नहीं था।
दो मोबाइल...सबसे अहम कड़ी
बंटी का एक मोबाइल ऑफिस से मिला है, जबकि दूसरा पत्नी के पास था। दोनों मोबाइल अब जांच की अहम कड़ी हैं। कॉल डिटेल, चैट, ई-मेल, बैंकिंग एप और हाल के संर्पकों से पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि मौत से पहले किन लोगों से लगातार बातचीत हो रही थी और क्या किसी कारोबारी विवाद या आर्थिक लेनदेन को लेकर कोई बातचीत हुई थी। करोड़ों के इस कारोबार में दस्तावेज क्या कहते हैं और मोबाइल में आखिरी दिनों की कहानी क्या है। जांच की दिशा अब इन्हीं दो रास्तों से आगे बढ़ेगी।
ऑखिरी कॉल पर बातचीत चंपू की पत्नी से
विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने बंटी नागर का जो मोबाइल जब्त किया है, उस पर पैटर्न लॉक लगा है। वहीं, कल बंटी की आखिरी बार बातचीत भूमाफिया चंपू अजमेरा की पत्नी योगिता अजमेरा से हुई थी। बंटी नागर ने योगिता से मोटा पैसा ले रखा था। वह पैसों के लिए बंटी को बहुत परेशान कर रही थी।
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