एनवीडीए दे रहा है दोहरा वेतन: जांच और सेवा से बर्खास्तगी की मांग
KHULASA FIRST
संवाददाता

मुख्यमंत्री के विभाग में खेला जा रहा आर्थिक अपराध का बड़ा खेल
अपने ही विभाग के ठेकेदार की भी कर रहे हैं नौकरी
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय प्रशासन विभाग के ईमानदार और जिम्मेदार अधिकारियों ने अपने विभाग के भ्रष्ट कर्मचारियों-अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है और विभाग के भ्रष्टाचार को रोकने का साहसपूर्ण कार्य किया, लेकिन दूसरी ओर इससे बड़ा विभाग जल संसाधन है, जहां विभाग के बड़े अधिकारियों ने ठेकेदार कंपनियों को हर तरह के भ्रष्टाचार की आजादी दी हुई है।
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण इसका ऐसा ही महत्वपूर्ण विभाग है, जहां भ्रष्टाचार और घोटाले की बाढ़ आई हुई है। आश्चर्य इस बात का है कि यह विभाग मुख्यमंत्री के सीधे नियंत्रण में है। बावजूद इसके मुख्यमंत्री की छवि की चिंता किए बिना सरकार को बदनाम करने वाले कृत्य इस प्राधिकरण के अफसर और ठेकेदार कंपनियों द्वारा किए जा रहे हैं।
एक ऐसे ही गंभीर और संवेदनशील मामले में खुलासा हुआ है कि अधिकारियों के संरक्षण में विभाग के एक सरकारी कर्मचारी को इस विभाग के ठेकेदार ने अपने ठेके में भी नियुक्त कर रखा है और यह सब कुछ जानते हुए भी विभाग के अधिकारी इस कर्मचारी के नाम से दोहरा वेतन भुगतान कर रहे हैं।
ऐसा लगता है नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण में भ्रष्टाचार के लिए पूरी छूट है। इस विभाग में ऐसे ही कई और कर्मचारी भी हैं, जो सरकारी सेवा में बताए जाते हैं और निजी कंपनियों में भी नौकरी कर रहे हैं। एक ऐसी ही कंपनी है पॉवर लिंकर।
बताते हैं यह कंपनी अधिकारियों के साथ मिलकर हर तरह के वैधानिक कार्य को अंजाम दे रही है। दोहरा वेतन मामले में कंपनी द्वारा एक से अधिक कर्मचारियों का वेतन प्राधिकरण से लिया जा रहा है, जो सरकारी नौकरी में भी हैं।
नर्मदा-मालवा-गंभीर परियोजना, बड़वाह में संचालन एवं संधारण व्यवस्था को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। परियोजना में ठेकेदार कंपनी पॉवर लिंकर चैन्नई की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों से जुड़े आरोपों के बीच अब विजय गढ़वाल की दो पदों पर नियुक्ति एवं जिम्मेदारियों को लेकर कई शिकायतें की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से एक के बाद एक घोटाले का खुलासा हो रहा है, जिससे सरकार की बदनामी हो रही है।
खासकर मुख्यमंत्री के अपने विभाग नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण में जो कुछ पूरी दादागीरी के साथ एक ठेकेदार कंपनी पॉवर लिंकर द्वारा किया जा रहा है, उससे सरकार के प्रति अविश्वास को बल मिल रहा है।
ठेकेदार कंपनी के घोटाले के सामने मुख्यमंत्री के विभाग नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ और जिम्मेदार अधिकारी अपने जूनियर अफसर द्वारा किए जा रहे और नैतिक कार्यों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
ऐसी ही शिकायत में एक अजूबा सामने आया है। शिकायत ने नया सवाल खड़ा कर दिया है। विभागीय व्यवस्था में दोहरी जिम्मेदारी निभाने और वेतन भुगतान से संबंधित मामले की जानकारी अधिकारियों को देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
पूर्व में सामने आए मामले में विजय गढ़वाल की दो पदों पर नियुक्ति अथवा जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठाए गए थे। विजय गढ़वाल वर्ष 2024 से नर्मदा-मालवा-गंभीर परियोजना, बड़वाह में ठेकेदार कंपनी पॉवर लिंकर चैन्नई के अंतर्गत एलबीसी इंचार्ज के तौर पर कार्य कर रहे हैं और इस दौरान उन्हें लाखों रुपए का वेतन भुगतान किया गया। 2024 में विजय नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण में चौकीदार के पद पर सरकारी सेवक के रूप में अनुकंपा नियुक्ति पर नियुक्त हुए।
सरकारी नियुक्ति के बावजूद पॉवर लिंकर कंपनी ने विजय को अपना कर्मचारी नियुक्त किया हुआ है और एनवीडीए से विजय का दोहरा वेतन हासिल कर रही है। कंपनी ने अपने ठेके के अनुबंध के आधार पर जिन श्रमिकों और कर्मचारियों को नियुक्त किया उनमें एक नाम विजय गढ़वाल का भी है।
बताते हैं विजय सिर्फ हाजिरी लगाने के लिए नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के कार्यालय में जाता है और पूरे समय नौकरी ठेकेदार कंपनी की करता है। इस तरह विजय दोहरा वेतन एक ही विभाग से हासिल कर रहा है।
यह वेतन विभाग के जवाबदेह और जिम्मेदार सहायक यंत्री, कार्यपालन यंत्री, अधीक्षक ऒर मुख्य अभियंता व संबंधित अन्य अधिकारियों की जानकारी में हो रहा है। इन्हीं के हस्ताक्षर से विजय गढ़वाल दोहरा वेतन पा रहा है।
सब कुछ जानते हुए भी ठेकेदार कंपनी को भुगतान के रूप में किसी न किसी तरीके से चार से अधिक कर्मचारियों को दोहरा वेतन दिलाया जा रहा है। कुछ की नियुक्ति सिक्योरिटी गार्ड कंपनी संगम सिक्योरिटीज में दर्शाई गई है।
यह कंपनी भी कर्मचारियों का शोषण करने में पीछे नहीं। बिना भविष्य निधि और अन्य श्रमिक सुविधाओं के मजबूर लोगों से काम करवा रही है। बताते हैं यह काम पॉवर लिंकर कंपनी के दबाव में करवाया जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी पॉवर लिंकर कंपनी के साथ मिलकर सरकारी खजाने से दोहरा वेतन दे रहे हैं, ऐसे आरोप भारतीय मजदूर संघ ने भी लगाए हैं।
इतना सब कुछ होने के बाद भी आखिर किस कारण से पूरी तरह सरकारी खजाने को चूना लगाकर सेवा नियमों का उल्लंघन और इसमें भागीदारी के साथ सरकार के साथ धोखाधड़ी करते हुए यह जिम्मेदार अधिकारी फिर भी दोहरा वेतन क्यों दे रहे हैं, इसकी जांच क्यों नहीं हो रही, जबकि इस विभाग से मुख्यमंत्री की छवि जुड़ी हुई है।
जानकार बताते हैं ऐसा लगता है कि पॉवर लिंकर कंपनी के भ्रष्टाचार में अधिकारी और राजनेता दोनों शामिल हैं। नहीं तो क्या कारण है कि दोहरा वेतन निकालने जैसा शासकीय सेवा नियमों का सरासर उल्लंघन और आपराधिक कृत्य एक ठेकेदार कंपनी के लिए किया जा रहा है! आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि इसकी चिंता विभाग के अधिकारियों को जरा भी नहीं है और वे ठेकेदार कंपनी को पूरा सहयोग करते नजर आ रहे हैं।
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण से ठेका अनुबंध के तहत विजय का वेतन ही नहीं, विभाग के ही कर्मचारियों को ठेके पर रखते हुए ठेके का काम करने का यह अनूठा प्रयोग नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के भ्रष्टाचार का खुलासा करने के लिए पर्याप्त है।
यह आरोप लगाते हुए मजदूर संघ का कहना है कि संबंधित व्यक्ति की नियुक्ति, पदस्थापना, कार्य की वास्तविक प्रकृति और वेतन भुगतान की स्थिति की जांच आवश्यक है। इस मामले में शिकायत करने वालों का दावा है कि आरटीआई से प्राप्त जानकारी के आधार पर मामले का खुलासा हुआ है।
उपलब्ध शिकायत विवरण से दोनों पदों के आधिकारिक नाम, नियुक्ति आदेश, भुगतान की कुल राशि और संबंधित अवधि का पूरा विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। इस मामले की सूचना एनवीडीए के 25 नंबर डिवीजन के अधिकारी को भी दी गई थी।
मजदूर संघ के पदाधिकारी ने कहा है कि संबंधित दस्तावेजों की जांच कराई जाए और यदि दो पदों पर नियुक्ति, कार्यभार अथवा वेतन भुगतान में नियमों का उल्लंघन प्रमाणित हो, तो विजय गढ़वाल, जो शासकीय सेवा का उल्लंघन कर रहा है, को नौकरी से बर्खास्त किया जाए।
जिम्मेदार व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं
शिकायतकर्ता मजदूर संघ ने विजय गढ़वाल के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने, परियोजना से प्राप्त पारिश्रमिक की जांच करने तथा दोष सिद्ध होने पर दंडात्मक कार्रवाई और सेवा से निष्कासन की मांग की है।
इस बारे में पॉवर लिंकर कंपनी के प्रबंधक और कथित तौर पर इन सारे घोटाले का असली किरदार निभाने वाले मनोज मेहरा ने बताया कि दोहरा वेतन लेने वाले 6 कर्मचारी नहीं, एक ही है, जो अनुकंपा नियुक्ति पर नियुक्त हुआ था।
परियोजना की व्यवस्था और जवाबदेही पर बड़ा सवाल
नर्मदा-मालवा-गंभीर परियोजना मालवा क्षेत्र में सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में परियोजना के संचालन, रखरखाव, कर्मचारियों की नियुक्ति, कार्यस्थल पर वास्तविक उपस्थिति और वेतन भुगतान में पारदर्शिता जरूरी है।
यदि एक ही व्यक्ति को दो पदों पर जिम्मेदारी दिए जाने या एक से अधिक पदों के नाम पर भुगतान किए जाने की शिकायत है, तो यह विभागीय निगरानी और वित्तीय जवाबदेही से जुड़ा गंभीर विषय है।
परियोजना में ठेकेदार कंपनी के कर्मचारियों की संख्या, वेतन और श्रम सुविधाओं को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में विजय गढ़वाल से संबंधित शिकायत की निष्पक्ष जांच कराकर कंपनी के प्रबंधन प्रबंधक और विभाग के सहायक यंत्री कार्यपालन यंत्री के खिलाफ अभिलंब जांच की जानी चाहिए।
जांच और आधिकारिक जवाब का इंतजार
इस मामले में प्रमुख सवाल यह है कि विजय गढ़वाल को किन-किन पदों पर नियुक्ति या जिम्मेदारी दी गई, दोनों पदों के लिए अलग-अलग वेतन भुगतान हुआ या नहीं और संबंधित अधिकारियों ने शिकायत मिलने के बाद क्या कार्रवाई की? इन सवालों के जवाब विभागीय अधिकारियों को देना होंगे।
सरकारी सेवा नियम में प्रावधान नहीं
सरकारी सेवक सरकार निजी नौकरी या व्यवसाय नहीं कर सकता। मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 में निजी व्यापार/नौकरी पर यही रोक है (संबंधित नियम 16 बताया जाता है, छापने से पहले मूल पाठ से मिला लें)।
संबंधित समाचार

फायरिंग रेंज में पड़ा बम फटा:बुजुर्ग की हुई मौत

वीडियो देखिये, शिवराज सिंह चौहान का कांग्रेस पर निशाना:बोले- देशहित नहीं; अपने राजनीतिक एजेंडे की चिंता, 1 नवंबर को प्रस्तावित ‘वोट बचाओ’ रैली को लेकर केंद्रीय मंत्री का बयान

महिला मित्र के फ्लैट में मिला युवक का शव:शरीर पर मिले चोट के निशान कैमरे में दिखा पीछे के रास्ते से फ्लैट में जाता हुआ

विवादित बिल्डर अंकित श्रीवास्तव की जान को खतरा:रैकी के बाद आधी रात को फॉर्च्यूनर कार से मारी टक्कर

तुलसी नगर में आवासीय नक्शों पर रोक पर 3-4 मंजिला भवन बन रहे:रहवासियों का आरोप- अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं; सड़कें भी बदहाल, विकास के बिना संपत्ति कर वसूली पर उठाए सवाल

इंदौर जिला अस्पताल में गार्ड से मारपीट:महिला वार्ड में जाने से रोका तो युवक ने किया हमला; डॉक्टरों से भी भिड़ा, पुलिस ने हिरासत में लिया

400 करोड़ के होटल पर मेहरबानी:1.10 करोड़ की रॉयल्टी पर अड़ंगा

वीडियो देखिये, शहर में बदमाशों की करतूत:पल्हर नगर में खड़ी कई कारों के कांच फोड़े; रहवासियों में नाराजगी, पुलिस की गश्त पर उठे सवाल

सुपर कॉरिडोर पर प्रशासन का बुलडोजर:50 हजार वर्गफीट से ज्यादा सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त

VIP रोड पर छात्रों से भरी बस हादसे का शिकार:इतने हुए घायल; खंभे से टकराने के बाद पलटने से बची

इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था पर हाईकोर्ट सख्त:गृह प्रमुख सचिव को खुद होना होगा पेश; इस पर मांगा जवाब

वीडियो देखिये, सुपर कॉरिडोर में अलसुबह चला बुलडोजर:प्राधिकरण की 20 हजार वर्गफीट सरकारी जमीन कराई कब्जामुक्त; प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई

मिठाई के मनमाने दाम:जिला प्रशासन लगाएगा लगाम

दीपावली से पहले पुलिस की कार्रवाई:2 गोदामों से बड़ी मात्रा में कैल्शियम कार्बाइड जब्त; बिना लाइसेंस हो रहा था भंडारण

वीडियो देखिये, एक तरफ पानी बचाने की अपील:दूसरी तरफ सड़कों पर ऐसे बहाया जा रहा पानी; महापौर की गली-गली समझाइश

वीडियो देखिये, गुटखा थूकने छज्जे पर पहुंचे बुजुर्ग का क्या हाल हुआ:1 केवी लाइन की चपेट में आने से मौत; वहीं लटका रह गया शव, निर्माणाधीन मकान में हुआ हादसा

पति-पत्नी की मौत से इलाके में सनसनी:एक साथ पंखे से लटके मिले शव; चार दिन पहले पड़ोसी से हुआ था विवाद

पुलिसकर्मियों की छुट्टी को लेकर नई व्यवस्था लागू:इस पर लगाई पूरी तरह से रोक; अब ऐसे करना होगा आवेदन

सेज यूनिवर्सिटी ब्रिज पर भीषण हादसा:महिला और पुरुष की मौके पर मौत; अज्ञात वाहन की टक्कर से हुआ हादसा

इंदौर-धार रेल प्रोजेक्ट:टनल का सफल ट्रायल पूरा; अब CRS निरीक्षण पर नजर, मंजूरी मिलने के बाद रेल सेवा शुरू होने की दिशा में बढ़ेगा काम
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!