53 नंबर का 2 नंबर का काम: खुलासा फर्स्ट का नया खुलासा
KHULASA FIRST
संवाददाता

संभालता है रॉनी, अमित कौशल, मनीष पमनानी, निखिल चौहान,
लल्ला चौहान और धम्मू भाट का सट्टे का अकाउंट
पुलिस के निशाने पर सट्टेबाजों का हिसाबदार राहुल छाबड़ा उर्फ रवि भाई
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
53 नंबर पढ़कर चौंकिए नहीं, कहने को ये भले ही एक आंकड़ा है, लेकिन इससे कहीं बढ़कर ये क्रिकेट बैटिंग से जुड़े बुकियों के उस राजदार की पहचान है, जो उनका सारा हिसाब-किताब संभालता है।
नाना पटवारी से जुड़े ऑनलाइन बैटिंग मामले में खुलासा फर्स्ट ने लगातार ऐसे नामों का खुलासा किया है, जो कि आगे चलकर संगठित अपराध के इस केस में आरोपी बने हैं। आज खुलासा फर्स्ट एक बार फिर ऐसे ही एक और नाम राहुल छाबड़ा उर्फ रवि भाई उर्फ 53 नंबर का खुलासा कर रहा है, जो कुख्यात सटोरियों मनीष पमनानी, निखिल चौहान, दिनेश उर्फ यशवर्धन उर्फ लल्ला चौहान, धर्मेंद्र खींची उर्फ धम्मू भाट, अमित कौशल और संजय उर्फ राॅनी कौशल का मैन अकाउंटेंट है।
इन सभी बड़े सटोरियों के पैसों का हिसाब-किताब इसके पास ही रहता है। ऑनलाइन बैटिंग केस में ये राहुल छाबड़ा उर्फ रवि भाई उर्फ 53 नंबर पहले भी भोपाल के मिसरोद थाने में पकड़ा चुका है। अब ये राजेंद्र नगर पुलिस के रडार पर है।
उल्लेखनीय है कि क्रिकेट की ऑनलाइन सट्टेबाजी में राजेंद्र नगर पुलिस अब तक अमित कौशल, संजय उर्फ रॉनी कौशल, प्रीतेश त्रिपाठी, दिनेश उर्फ यशवर्धन उर्फ लल्ला चौहान, मानव गंगवानी, मनीष पमनानी, निखिल चौहान, पिंकेश माहेश्वरी और निलेश बागड़ी को गिरफ्तार कर चुकी है।
अब पुलिस को मनीष उर्फ मन्नी, योगेश राठी, सोनू प्रीत शिंदे, बंटी असरानी, धर्मेंद्र खींची उर्फ धम्मू भाट की तलाश है। खुलासा फर्स्ट पूरे मामले पर लगातार पैनी नजर बनाने हुए हैं। कई ऐसे नामों का खुलासा भी किया है, जो कि बाद में सट्टेबाजी के केस में आरोपी भी बने हैं।
सूत्रों के मुताबिक आज खुलासा फर्स्ट धर्मेंद्र खींची उर्फ धम्मू भाट के साथ कभी नौकर के तौर पर काम करने वाले राहुल छाबड़ा उर्फ रवि भाई उर्फ 53 नंबर का खुलासा कर रहा है, जो कि बाद में उसका पार्टनर बन गया।
सूत्रों का दावा है कि राहुल उर्फ रवि के पास मनीष पमनानी, निखिल चौहान, अमित ममतानी, संजय उर्फ रॉनी कौशल यहां तक कि कैलाश कुमावत समेत कई लोगों के सट्टे से जुड़े आर्थिक लेन-देन का हिसाब-किताब रखता है, जो करोड़ों में है। केस की जांच कर रही राजेंद्र नगर पुलिस को भी राहुल छाबड़ा उर्फ रवि भाई उर्फ 53 नंबर की तलाश है।
हिरासत में लिए जाने पर उसके मोबाइल, चैट, बैंकिंग रिकॉर्ड या अन्य डिजिटल साक्ष्यों से खुलासा फर्स्ट के इस दावे की पुष्टि होने की संभावना है। जांच में ये भी पता चला है कि सट्टेबाजी से आए पैसों को राहुल छाबड़ा धार्मिक आयोजन में खर्च कर स्वयं की छवि धार्मिक और सामाजिक इंसान के रूप में बनाने में जुटा है।
आरोपी निखिल का पड़ोसी है राहुल छाबड़ा
सूत्रों के मुताबिक राहुल छाबड़ा उर्फ रवि भाई विद्या पैलेस में रहता है और कैटरिंग की आड़ में मुजरा पार्टियां व लड़कियां सप्लाई करने वाले आरोपी निखिल चौहान का पड़ोसी है। यह जांच का विषय है कि दोनों के बीच संपर्क केवल पड़ोसी तक सीमित है या सट्टे के नेटवर्क से भी कोई कारोबारी या आर्थिक कड़ी जुड़ी है।
राहुल की भूमिका का आकलन भी पुलिस कॉल डिटेल, चैट, वित्तीय लेनदेन और अन्य आधार पर करे तो ऑनलाइन बैटिंग को लेकर चौंकाने वाला खुलासा होना तय है।
बड़ा सवाल, किसके पास कितना हिसाब?
निखिल चौहान से जुड़े सट्टा नेटवर्क की जांच में पुलिस के सामने अब सिर्फ यह सवाल नहीं है कि कौन-कौन सट्टा खेलता था। असली सवाल यह है कि कौन आईडी देता था, कौन खिलाड़ी जोड़ता था, कौन रकम संभालता था और किसके पास पूरे नेटवर्क का हिसाब पहुंचता था।
वहीं, निखिल से ही जुड़े कैलाश कुमावत की भूमिका को लेकर भी पहले यह जानकारी सामने आ चुकी है कि वह निखिल से आईडी लेकर खुद सट्टा खेलता था और दूसरे लोगों को भी आईडी दिलाने की कड़ी में था।
संघर्ष देखा है...साफ छवि है
पिछले दिनों खुलासा फर्स्ट ने निखिल चौहान, मनोज गोस्वामी और संजय गोस्वामी के ग्रुप के साथ प्रिया चौरसिया के नाम का जिक्र किया था। प्रिया के बारे में पता चला है कि उसका काम कैटरिंग, इवेंट्स और प्रदर्शनियों में मेन पॉवर (गर्ल्स) सप्लाई करने का है।
कम उम्र में ही माता-पिता को खोने वाली, चार बहनों में सबसे बड़ी बहन प्रिया ने होश संभालने के साथ ही संघर्ष से भरा जीवन देखा है। वह साल 2013 से कैटरिंग लाइन से जुड़ी है और उसके साथ काम करने वाले लड़कियां और उनके परिवार के लोग उसकी साफ छवि के कारण उससे जुड़े हैं। आज उसने मेन पॉवर सप्लाई करने के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।
निलेश के बाद आकाश भाट का नाम
पिछले दिनों राजेंद्र नगर पुलिस ने मनीष पमनानी, निखिल चौहान, पिंकेश माहेश्वरी और निलेश बागड़ी को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था। निलेश बागड़ी की गिरफ्तारी के बाद जांच में आकाश भाट का नाम सामने आने की जानकारी मिली है। सूत्रों के मुताबिक आकाश भी इस कारोबार में सक्रिय भूमिका में था।
उसे धर्मेंद्र भाट का भानजा बताया जा रहा है, जहां एक तरफ निलेश से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस धम्मू भाट तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। वहीं दूसरी तरफ धम्मू से जुड़े रिश्तों और संपर्कों की नई कड़ियों का भी खुलासा हो रहा है। पुलिस के लिए अब यह देखना अहम होगा कि आकाश का सट्टे के नेटवर्क से सीधा संबंध है या नहीं।
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