भाजयुमो नेता मयूरेश पिंगले पर प्लॉट की धोखाधड़ी का आरोप फर्जी: सौदा दो प्लॉट का एक की रजिस्ट्री बाकी पैसा वापस ले चुका अब ब्लैकमेल करने की कोशिश
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भाजयुमो के नगराध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार मयूरेश पिंगले पर ग्राम भौंरासला में प्लॉट की धोखाधड़ी का आरोप फर्जी निकला है। जिस विजय सोनगरा ने ये आरोप लगाया है, उसके पिता लक्ष्मण सोनगरा द्वारा खरीदे गए प्लॉट की रजिस्ट्री हो चुकी है, जबकि खुद उसके प्लॉट के लिए दिए गए पैसे वो वापस ले चुका है। अब वो पिंगले को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है।
इस प्रकरण में महत्वपूर्ण तथ्य ये भी है कि विजय सोनगरा दो साल बाद पुलिस के पास तब पहुंचा, जब पिंगले का नाम भाजयुमो नगराध्यक्ष पद के लिए प्रमुख रूप से सामने आया। इससे ही पता चलता है कि राजनीतिक साजिश के तहत पिंगले को फंसाने की कोशिश की जा रही है।
मामला ये है कि पिंगले के दो प्लॉटों का सौदा सोनगरा पिता-पुत्र ने 11 और 18 मार्च 2023 को पिंगले से किया था। ये प्लॉट लवकुश चौराहा के पास ग्राम भौंरासला में सर्वे नंबर 200/5 का रकबा 0.1468 (अनुमानित 16000 स्क्वेयर फीट) और पास का प्लॉट जो कि इसी सर्वे नंबर पर रकबा 1.113 (अनुमानित 13600 स्क्वेयर फीट) का है, सौदा हुआ था।
पहला प्लॉट विजय सोनगरा और दूसरा प्लॉट का एग्रीमेंट पिता लक्ष्मण पिता दयाल सोनगरा के नाम से हुआ था। लक्ष्मण के प्लॉट के लिए कुल 3.37 करोड़ रुपए का भुगतान उसने नकद व अन्य माध्यम से किया। इसमें 2 करोड़ चेक और बाकी के नकद दिए गए। उसने कुल 4.13 करोड़ रुपए दिए, जबकि लक्ष्मण का प्लॉट 3.37 करोड़ का था।
पैसा मिलने के बाद लक्ष्मण के पक्ष में रजिस्ट्री कर दी गई। ये रजिस्ट्री उनके कहे अनुसार दीपक खुशलानी निवासी सांई संपदा काॅलोनी और हेमंत छगानी निवासी जीवनदीप काॅलोनी के पक्ष में कर दी गई। पिंगले ने बताया कि पिता लक्ष्मण द्वारा खरीदे गए प्लॉट की रजिस्ट्री कर देने के बाद बचे 75 लाख रुपए बेटे विजय ने विभिन्न कारण बताकर वापस ले लिए।
इनमें से 21 मार्च 2024 को 19.80 लाख रुपए महालक्ष्मी कंपनी में विजय ने दिलवाए और 10 लाख रुपए पिता लक्ष्मण के खाते में डलवाए। इसके अलावा, 30 लाख रुपए ये कहकर नकद ले गया कि उसे पैसों की सख्त जरूरत है।
फिर 12 लाख रुपए पिता द्वारा खरीदे गए प्लॉट की स्टाम्प ड्यूटी के लिए भी विजय ने उनसे ये कहकर दिलवाए कि उसके बैंक खाते में जरूरत से ज्यादा इंट्री हो गई है। इस तरह, वो अपना पूरा हिसाब 29 मार्च 2024 तक कर चुका था। इसके प्रमाण के रूप में मेरे पास एग्रीमेंट पर उनके द्वारा किए गए हस्ताक्षर मौजूद हैं, जो वो छिपा रहे हैं। इस तथ्य को छिपाकर वो मुझ पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।
बाप भी कुछ कम नहीं, फर्जी अनुबंध बनाकर खदान हथिया चुका... मामले में एक और खुलासा हुआ। सूत्रों ने बताया कि पिता लक्ष्मण सोनगरा भी फर्जीवाड़ा करने में पीछे नहीं है। उसने 17 मार्च 2011 को नीमच में एक खदान पर फर्जी अनुबंध व अधिकार पत्र बनवाकर कब्जा करके दूसरे को बेच दी थी।
उस पर अपना फोटो लगवा लिया था। इस मामले में लक्ष्मण पर 420, 467, 468, 471 के तहत एमजी रोड नीमच में केस दर्ज हुआ था और वो जेल भी जा चुका है।
कुछ नेताओं के हाथ में खेल रहा विजय... ऐसा लग रहा है कि विजय सोनगरा कुछ नेताओं के इशारे पर ऐसी हरकतें कर रहा है। वो मयूरेश पिंगले पर झूठे आरोप लगा रहा है और उनकी राजनीतिक छबि को बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है।
21 महीने तक चुप्पी के बाद अचानक शिकायत
पिंगले ने बताया कि विजय से किया गया प्लॉट का सौदा पेमेंट न मिलने के बाद निरस्त हो गया था, जिस पर वो भी सहमत था। वो तब से लेकर 21 माह तक चुप्पी साधे बैठा रहा और अब अचानक 24 दिसंबर 2025 को वो पुलिस के पास पहुंचा और मुझ पर झूठे आरोप लगाते हुए आवेदन दे दिया।
मामले में पुलिस उपायुक्त (अपराध) राजेश कुमार त्रिपाठी ने जांच की तो पाया कि दोनों ही प्लॉटों का सौदा हुआ है, जिसमें से लक्ष्मण द्वारा खरीदे गए प्लॉट का भुगतान और पजेशन हो चुका है, जबकि विजय सोनगरा के प्लॉट का पैसा ही नहीं दिया गया है।
पिता के साथ संयुक्त बैंक अकाउंट से जो पैसा पिता ने दिया, उसे ये अपना बताकर पिंगले पर झूठा आरोप लगा रहा हैै। दोनों एग्रीमेंट में समयावधि का भी पिंगले ने पालन किया है। इसके बाद त्रिपाठी ने सोनगरा को सिविल न्यायालय जाने की समझाइश दी। पिंगले का कहना है कि यदि वो जांच से संतुष्ट नहीं था या वो सही था तो वो आज तक कोर्ट क्यों नहीं गया?
प्लॉट की कीमत पांच गुना ज्यादा हो गई तो नीयत खराब
पिंगले ने बताया कि 2.16 करोड़ का प्लॉट आज 10 करोड़ का हो गया है यानी पांच गुना कीमत बढ़ गई है तो विजय की नीयत खराब हो गई और वो येनकेन प्रकारेण प्लॉट हथियाना चाहता है, इसलिए वो ये षड्यंत्र रचकर प्लॉट को विवादित बनाना चाहता है।
खास बात ये है कि दोनों प्लॉटों के सौदे में मयूरेश का कहीं कोई नाम नहीं है। न तो कागजों पर और न किसी सौदे में। उनका नाम जबरन घसीटा जा रहा है।
संबंधित समाचार

रियल एस्टेट कारोबारी ने की आत्महत्या:ऑफिस में फांसी लगाकर दी जान

सिटी बस हादसे ने खोली व्यवस्था की पोल:प्रशासन की लापरवाही से लेकर ट्रैफिक पुलिस की भूमिका पर सवाल

शहर के मशहूर उद्योगपति का निधन:इंसानियत की मिसाल थे; इलाज के लिए ले जाते समय एयरपोर्ट पर आया अटैक

इस दिन एमपी आ सकते हैं गृह मंत्री:भेल दशहरा मैदान में पशुपालक सम्मेलन; 4 राज्यों के सहकारिता मंत्री जुटेंगे

SIR पर सियासी घमासान:भाजपा का कांग्रेस पर ‘भ्रम फैलाने’ का आरोप; सीएम ने विपक्ष के नेता को घेरा

एशियन गेम्स में भारत को मिला 15वां सिल्वर:एंसी सोजन 2 सेंटीमीटर से गोल्ड से चूकी; हरिता ने 200 मीटर में जीता ब्रॉन्ज

लेबर इंस्पेक्टर की परीक्षा देने आए युवक की मौत:कमरे से मिला सुसाइड नोट

प्रसिद्ध मंदिर में हवन-यज्ञ बंद:श्रद्धालुओं की मौत के बाद आंदोलन तेज; नगर पूरी तरह बंद

शाही मस्जिद हटाने के विरोध में जुटा मुस्लिम समाज:रात से नारेबाजी; हाईकोर्ट में होगी फिर सुनवाई

हादसे के बाद बड़ा सवाल:सिटी बस से ज्यादा खतरनाक अतिक्रमण का जाल; वसूली गैंग ने बिगाड़ी व्यवस्था!

PM ई-बस सेवा की शुरुआत:महाकाल लोक से मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी; इतने रुपए में कर सकेंगे धार्मिक-दर्शनीय स्थलों की सैर

साढ़े तीन करोड़ रुपए की एम्फेटामाइन ड्रग्स पकड़ी

आंगनवाड़ी भवन का काम अधूरा:गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल

देखिए वीडियो, सड़क की हालत पर सवाल के बीच युवक को मारा थप्पड़!:डिप्टी सीएम ने खोया आपा; इस पार्टी ने लगाए गंभीर आरोप

जवाहर टेकरी पर गूंजे गणपति बप्पा के जयकारे:100 से अधिक केंद्रों से एकत्रित प्रतिमाओं का हाईड्रोलिक और क्रेन से किया विसर्जन

राज्य अधिवक्ता परिषद चुनाव में इंदौर का दबदबा

साइबर ठगी का नया तरीका:बिना कॉल-मैसेज खाते से उड़ाए रुपए; सोशल मीडिया देख रहा था युवक

दुष्कर्म के बाद गर्भवती हुई किशोरी:आरोपी को ठीक से नहीं पहचानती; अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज

युवक ने की आत्महत्या:शादी के 4 महीने बाद जहरीला पदार्थ खाकर दी जान; सुसाइड नोट में इन पर लगाए गंभीर आरोप

बस माफिया की मनमानी पर भारी मनीष सिंह की रणनीति:इंदौर को स्वच्छ और आवारा पशुमुक्त बनाने वाले अफसर जुटे परिवहन सुधारने में
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!