लखनऊ अग्निकांड में इतनी मौतों के बाद सख्त कार्रवाई: जिस इमारत में लगी थी आग उसे गिराने का आदेश; SIT करेगी हादसे की जांच
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश देते हुए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
हादसे के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें प्रारंभिक जांच रिपोर्ट की समीक्षा की गई। बैठक में सामने आई लापरवाहियों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने पूरे मामले की गहन जांच के निर्देश दिए। सरकार का मानना है कि यदि समय रहते नियमों का पालन किया गया होता तो इतने बड़े हादसे को रोका जा सकता था।
प्रारंभिक जांच के आधार पर लखनऊ पुलिस ने इस मामले में छह एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस ने भवन मालिक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आग लगने के पीछे कौन-कौन सी चूकें जिम्मेदार थीं और किस स्तर पर नियमों की अनदेखी की गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि अलीगंज योजना के सेक्टर स्थित भवन संख्या एमएस/102/डी लगभग 1992 वर्गफुट क्षेत्रफल में निर्मित था। इस भवन के लिए 20 अगस्त 2014 को आवासीय नक्शा स्वीकृत किया गया था। हालांकि बाद में भवन में कथित अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आई थीं। इसी के चलते वर्ष 2016 में विकास प्राधिकरण ने भवन के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
सुनवाई के बाद 10 मई 2016 को संबंधित प्राधिकरण ने इमारत को ध्वस्त करने का आदेश भी जारी किया था। हालांकि भवन मालिकों द्वारा न्यायालय में आपत्ति दायर किए जाने के बाद जुलाई 2016 में ध्वस्तीकरण का आदेश निरस्त कर दिया गया था। अब हादसे के बाद यह तथ्य सामने आने पर जांच एजेंसियां यह भी पड़ताल कर रही हैं कि भवन में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि पूरे प्रदेश में अग्नि सुरक्षा मानकों की व्यापक समीक्षा की जाएगी। साथ ही बहुमंजिला इमारतों, व्यावसायिक परिसरों और भीड़भाड़ वाले भवनों में सुरक्षा इंतजामों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। एसआईटी को जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
लखनऊ अग्निकांड ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में भवन सुरक्षा, फायर एनओसी और निर्माण नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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