MP में आज खुले रहेंगे बैंक: कल से इतने दिन की हड़ताल; देशभर के बैंककर्मी कर रहे ये मांग, 10 साल बाद रविवार को खुले बैंक
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम पेंडिंग है तो उसे आज ही निपटा लेना बेहतर रहेगा। रविवार की छुट्टी होने के बावजूद मध्यप्रदेश में आज सरकारी बैंक खुले रहेंगे।
इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक बैंककर्मी हड़ताल पर रहेंगे, जिसके चलते प्रदेश में लगातार तीन दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
5 डे वीक मांग रहे देशभर के बैंककर्मी
यह हड़ताल बैंक यूनियनों की 5 डे वीक यानी सोमवार से शुक्रवार तक बैंकिंग और शनिवार-रविवार साप्ताहिक अवकाश की मांग को लेकर है।
प्रदेश के करीब 40 हजार बैंककर्मियों के हड़ताल में शामिल होने की बात कही जा रही है।
MP में करीब 7 हजार बैंक शाखाएं
मध्यप्रदेश में करीब 7 हजार बैंक शाखाएं हैं। इनमें भोपाल की करीब 400, इंदौर की 800 और उज्जैन की करीब 300 शाखाएं शामिल हैं। अधिकांश शाखाओं में स्केल-3 तक के अधिकारी और कर्मचारी काम करते हैं।
स्केल-4 या उससे ऊपर के अधिकारी शाखाओं में मौजूद रह सकते हैं, लेकिन स्टाफ के अभाव में वे नियमित ग्राहक सेवाएं संचालित नहीं कर पाएंगे।
आज बैंक नहीं खुलते तो 5 दिन प्रभावित रहता काम
शनिवार और रविवार की छुट्टी के बाद तीन दिन की हड़ताल होने से बैंकिंग सेवाएं लगातार पांच दिन प्रभावित हो सकती थीं। इसी वजह से रविवार को बैंक खोलने की व्यवस्था की गई है।
आज बैंक शाखाओं के साथ करेंसी चेस्ट भी खुले रहेंगे। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे जरूरी बैंकिंग काम पहले ही निपटा लें।
नकद लेन-देन से चेक क्लियरिंग तक प्रभावित
हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में कई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इनमें नकद जमा और निकासी, चेक क्लियरिंग, डिमांड ड्राफ्ट, पासबुक अपडेट, शाखा से जुड़े अन्य बैंकिंग काम शामिल हैं।
वहीं इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, UPI और अन्य डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहने की उम्मीद है।
सितंबर में पहले भी प्रभावित हुई बैंकिंग सेवाएं
सितंबर में इससे पहले भी 11, 12 और 13 सितंबर को हड़ताल और अवकाश के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुई थीं। अब तीन दिन की प्रस्तावित हड़ताल से एक बार फिर बैंकिंग कामकाज पर असर पड़ सकता है।
जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश में एक दिन में करीब 5,500 करोड़ रुपए का बैंकिंग लेन-देन होता है।
बैंककर्मी कर रहे ये मांग
फिलहाल बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है। बैंक यूनियन लंबे समय से हर शनिवार और रविवार को साप्ताहिक छुट्टी यानी 5 डे बैंकिंग वीक लागू करने की मांग कर रही हैं।
यूनियनों का प्रस्ताव है कि बैंक सोमवार से शुक्रवार तक काम करें और शनिवार-रविवार को अवकाश रहे। इसके बदले रोजाना कामकाज के समय में करीब 40 मिनट की बढ़ोतरी करने की बात कही गई है।
यानी शनिवार के कार्यदिवस की भरपाई सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना अतिरिक्त 40 मिनट काम करके करने का प्रस्ताव है।
ये बैंक संगठन हड़ताल में शामिल
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा के मुताबिक, हड़ताल में कई बैंक कर्मचारी और अधिकारी संगठन शामिल हैं। इनमें AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBOC और INBEF शामिल हैं।
बैंकों ने ग्राहकों को भेजे मैसेज
बैंकों ने हड़ताल की जानकारी ग्राहकों को पहले ही SMS के जरिए देना शुरू कर दिया था। ग्राहकों से कहा गया है कि वे हड़ताल से पहले जरूरी बैंकिंग लेन-देन पूरा कर लें।
जरूरत पड़ने पर ATM/ADWM, ग्राहक सेवा केंद्र (CSP), इंटरनेट बैंकिंग, YONO, मोबाइल बैंकिंग और UPI जैसी डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
10 साल बाद रविवार को खुले बैंक
रविवार को बैंक खोलने की ऐसी व्यवस्था करीब 10 साल बाद देखने को मिल रही है। इससे पहले 2016 में नोटबंदी के दौरान 14 नवंबर को रविवार के दिन बैंक खोले गए थे।
उस समय पुराने 500 और 1000 रुपए के नोट बदलने, जमा करने और नकदी निकालने के लिए बैंकों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।
ATM से कैश निकालने पर क्या चार्ज लगेगा?
हड़ताल के दौरान सरकारी बैंकों के ATM से कैश निकालने पर मौजूदा नियमों के अनुसार शुल्क लागू होगा। अपने बैंक के ATM से आम तौर पर हर महीने 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा है।
दूसरे बैंक के ATM पर मेट्रो शहरों में महीने में 3 और गैर-मेट्रो क्षेत्रों में 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा रहती है। निर्धारित सीमा से अधिक ATM ट्रांजैक्शन पर वर्तमान नियमों के अनुसार ₹23 + GST शुल्क लिया जाता है।
ATM नेटवर्क में बैंकों के बीच इंटरचेंज फीस भी लागू होती है, जिसमें नकद निकासी के लिए ₹19 और बैलेंस इन्क्वायरी के लिए ₹7 का शुल्क शामिल है। ये शुल्क बैंक-टू-बैंक सेटलमेंट से जुड़े होते हैं और ग्राहक से सीधे वसूला जाने वाला शुल्क नहीं हैं।
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