स्कूल-कॉलेजों के इतने दायरे को बनाया जाएगा ड्रग फ्री जोन: लगेंगे एआई कैमरे; तीन साल में मुक्त होने का लक्ष्य
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्यप्रदेश सरकार ने नशे और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। प्रदेश के सभी स्कूलों और कॉलेजों के 500 मीटर दायरे को चरणबद्ध तरीके से ड्रग फ्री जोन घोषित किया जाएगा।
इसके साथ ही पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब एक लाख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। यह निर्णय पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय जोनल त्रैमासिक समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक (डीजीपी ) कैलाश मकवाना ने की।
कैमरों की मदद से अपराध नियंत्रण
पुलिस विभाग की सेफगार्ड योजना के तहत लगाए जाने वाले एआई आधारित कैमरों को सेफ सिटी नेटवर्क, टेलीकॉम सिस्टम और पुलिस थानों से जोड़ा जाएगा।
इन कैमरों की मदद से अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह नेटवर्क राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देगा। कैमरों की निगरानी के लिए केंद्रीकृत मॉनिटरिंग सिस्टम भी विकसित किया जाएगा।
‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान चलेगा
बैठक में अगले तीन वर्षों के भीतर मध्यप्रदेश को पूरी तरह ड्रग फ्री राज्य बनाने का लक्ष्य तय किया गया। इसके लिए 15 से 31 जुलाई तक पूरे प्रदेश में ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान स्कूलों, कॉलेजों और युवाओं को विशेष रूप से जोड़ा जाएगा। नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
स्कूल-कॉलेजों के आसपास रहेगी विशेष निगरानी
बच्चों और युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए स्कूलों और कॉलेजों के 500 मीटर के दायरे को ड्रग फ्री जोन घोषित किया जाएगा। इन क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की बिक्री, वितरण और सेवन के मामलों पर पुलिस विशेष निगरानी रखेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नशे के कारोबार पर कार्रवाई तेज
समीक्षा बैठक में बताया गया कि पिछले छह महीनों के दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 10 बड़े मामलों में कार्रवाई करते हुए लगभग 53 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति फ्रीज की गई है। पुलिस का मानना है कि यह कार्रवाई नशे के संगठित कारोबार पर बड़ी चोट साबित हुई है।
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