चलते ई-रिक्शा को मोबाइल ऐप से रोकने का दावा: वायरल वीडियो से उठे सुरक्षा पर सवाल; आधिकारिक पुष्टि नहीं, कार्रवाई की मांग तेज
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि एक मोबाइल ऐप की मदद से चलते हुए ई-रिक्शा को बीच रास्ते में ही बंद किया जा रहा है। इन वीडियो के सामने आने के बाद ई-रिक्शा चालकों और आम लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है। हालांकि, इन दावों की अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या पुलिस प्रशासन द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
वायरल वीडियो में कथित तौर पर कुछ लोग मोबाइल फोन में मौजूद एक ऐप का उपयोग कर चलते हुए ई-रिक्शा को अचानक रोकते हुए दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि यह तकनीक ई-रिक्शा के कंट्रोल सिस्टम को प्रभावित कर वाहन को निष्क्रिय कर देती है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो वास्तविक हैं या किसी अन्य कारण से ई-रिक्शा बंद हुआ है।
यदि सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे सही साबित होते हैं, तो यह केवल शरारत का मामला नहीं बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय हो सकता है। चलते वाहन का अचानक बंद हो जाना यात्रियों और चालक दोनों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकता है। इसके अलावा, ई-रिक्शा चालकों की रोज़ी-रोटी भी प्रभावित हो सकती है, क्योंकि उनकी आय पूरी तरह दैनिक सवारी पर निर्भर रहती है।
सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग इस मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी मोबाइल ऐप या अन्य तकनीकी माध्यम से ई-रिक्शा का संचालन बाधित कर रहा है, तो उसकी पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका तर्क है कि मेहनतकश चालकों को इस प्रकार की हरकतों से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक ई-रिक्शा में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस), कंट्रोलर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगे होते हैं। यदि किसी वाहन में दूरस्थ नियंत्रण (रिमोट कंट्रोल) जैसी सुविधा मौजूद भी हो, तो उसके दुरुपयोग की संभावना की तकनीकी जांच आवश्यक है। वहीं, कई मामलों में तकनीकी खराबी, बैटरी की समस्या या कंट्रोलर में गड़बड़ी के कारण भी ई-रिक्शा अचानक बंद हो सकता है। इसलिए वायरल वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
फिलहाल इस पूरे मामले में संबंधित परिवहन विभाग, पुलिस या ई-रिक्शा निर्माता कंपनियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित एजेंसियां वायरल वीडियो की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें, ताकि अफवाहों पर विराम लगे और यदि कोई तकनीकी खामी या दुरुपयोग सामने आता है तो समय रहते उसे रोका जा सके।
संबंधित समाचार

अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन सख्त:सरकारी जमीन से हटेगा कब्जा; अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी, कलेक्टर के निर्देश की अनदेखी पर कटेगा वेतन

जर्जर छात्रावासों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों स्टूडेंट्स; बोले- छत का प्लास्टर गिरने से डर का माहौल

गर्ल्स डिग्री कॉलेज में जमकर हंगामा:बीए के रिजल्ट पर मचा बवाल; 1316 छात्राओं में इतनों को दी सप्लीमेंट्री

मोमोज को लेकर विवाद:ठेले वाले ने छात्र पर फेंका खौलता तेल; चेहरा-कान झुलसे

जमीन मुक्त नहीं हुई तो उग्र आंदोलन तय:5.84 करोड़ जमा, फिर भी टालमटोल; 7 को ज्ञापन, 13 से आरपार का ऐलान

600 पन्नों की रिपोर्ट से तय होगी जवाबदेही:जहरीले जलकांड पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई

दूषित जल कांड मामला:अब इस तारीख को होगी अगली सुनवाई; याचिकाकर्ताओं ने कहा- रिपोर्ट का अध्ययन कर बहस के लिए समय जरूरी

350 करोड़ का प्रोजेक्ट:सवा किमी में 15 पिलर की खुदाई पूरी; 2028 तक निर्माण का लक्ष्य

स्कीम नं. 114 पार्ट-1 में शासकीय भूमि पर कब्जा:कार्रवाई के बजाय शिकायतकर्ता को भगा रहे अधिकारी

निगम की अनदेखी से मुसीबत बना खुला नाला:हादसों का जिम्मेदार कौन

शहर के नामी होटल पर नगर निगम की कार्रवाई:लाखों रुपए का लगाया स्पॉट फाइन; मिली ये खामियां

पटवारी अपने विवादित वीडियो पर स्पष्टीकरण दें:यादव समाज

तय समय के बाद तक हैमर्स में झलके जाम तो थिरके लोग:देर रात कासा-कासा की धूम; सिस्टम खामोश

बंटी नागर की मौत के पीछे करोड़ों का जाल:खुलासा फर्स्ट ने जिन नामों का किया था खुलासा; पुलिस की जांच में वही नाम

सोयाबीन के भाव को लेकर किसानाें चक्काजाम:कहा- मंडी में 4400; बाहर 5200 से 5600 रुपए तक बिक रहा, विधायक ने लगाए साठगांठ के आरोप

पुलिस चौकी के पास कारों पर पथराव:बदमाशों ने मचाया का आतंक; शाम तक पुलिस रही बेखबर

पत्नी ने की पति की बेरहमी से हत्या:सोते समय सिर पर हथौड़ा मारा; फिर गला दबाया, इस वजह से उठाया खौफनाक कदम

भाजपा में जंग से भोपाल तक गरमाई सियासत:उमंग सिंघार का ट्वीट- जब मुख्यमंत्री न किसी की सुनते हैं, न चलने देते हैं, तो अधिकारी क्यों सुनेंगे

नए जिलों का तेजी से विकास ही प्राथमिकता:सीएम डॉ. मोहन यादव

गर्लफ्रेंड का नेकलेस टूटने पर बौखलाया बॉयफ्रेंड:जला दी दूसरी युवती की एक्टिवा; नाबालिग सहित चार गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज है कई मामले
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!