खबर
Top News

दतिया हार: सतही समीक्षा से गहरे संकट का इलाज कैसे होगा

Khulasa First

KHULASA FIRST

संवाददाता

06 अगस्त 2026, 6:16 pm
शेयर करें:
दतिया हार

रंजन श्रीवास्तव स्वतंत्र लेखक खुलासा फर्स्ट।
दतिया विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव के परिणामों के बाद हार का सारा ठीकरा भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के दरवाजे पर फोड़ दिया है। यह स्क्रिप्ट तो पहले से ही तय थी। अगर भाजपा जीत जाती तो इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सत्ता और संगठन को जाता, वहीं हारने पर यही होना था, जो हो रहा है।

दरअसल, इस हार की समीक्षा के लिए जिस तरह आनन-फानन में दो पदाधिकारियों की टीम बनाई गई, उसमें कोई भी बड़ा नाम नहीं था। इसी से स्पष्ट हो गया कि भाजपा का प्रदेश नेतृत्व किस तरह की समीक्षा चाहता है। उपचुनाव का परिणाम सोमवार को आया।

मंगलवार को यह टीम बनाई गई, जिसने ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों को भी मात देते हुए इतनी तेजी से काम किया कि कुछ ही घंटों में पार्टी ने इस टीम की रिपोर्ट के आधार पर दतिया जिले में अपने पूरे संगठन को ही भंग कर दिया।

दरअसल, इस तेजी और सतही समीक्षा के पीछे भाजपा के प्रदेश नेतृत्व और सरकार में वह बेचैनी है कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की नजर में इस हार के लिए सरकार और पार्टी नेतृत्व दोनों को जिम्मेदार मानने से बचाया जाए। और इस बेचैनी के पीछे सिर्फ दतिया की हार नहीं है, बल्कि इससे पहले विजयपुर की भी हार है।

वर्ष 2023 में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद दतिया सहित 3 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव हुए हैं। उनमें सिर्फ बुधनी सीट ही पार्टी जीत पाई। आमतौर पर ऐसा देखा गया है कि उपचुनावों में जो पार्टी सत्ता में रहती है, वही जीतती है।

अगर कोई बहुत बड़ा उलटफेर नहीं हुआ हो तो। अगर किसी कार्यकर्ता, नेता या उनके किसी समूह के स्तर पर चुनाव में भितरघात हुआ या उनके द्वारा निष्क्रियता बरती गई है, तो पार्टी में अनुशासन स्थापित करने के लिए ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए, पर सवाल यह है कि क्या भाजपा इस हार की तह में जाकर उन फैसलों और परिस्थितियों की भी समीक्षा करेगी, जिनके कारण सत्ता में होने के बावजूद पार्टी को लगातार उपचुनावों में झटके लग रहे हैं।

अगर पार्टी मानती है कि दतिया में नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं देने के कारण हुए पार्टी में असंतोष ने चुनाव परिणाम को प्रभावित किया, तो यह सवाल भी उठता है कि टिकट पर निर्णय लेने वालों की भूमिका की समीक्षा कौन करेगा?

दतिया में जो हुआ उसे केवल "भितरघात’ कहकर खत्म कर देना सबसे आसान रास्ता है। महत्वपूर्ण सवाल यह है कि वह परिस्थिति पैदा ही क्यों हुई, जिसमें पार्टी के अपने कार्यकर्ता और समर्थक अपने ही उम्मीदवार के खिलाफ खड़े दिखाई दिए?

यह भी ध्यान देने योग्य है कि कांग्रेस ने इस चुनाव में कोई असाधारण प्रदर्शन नहीं किया। उसके वोट 2023 के मुकाबले 22 हजार से ज्यादा घटे हैं। इसके बावजूद भाजपा 2023 के मुकाबले 20 हजार से ज्यादा वोट खोकर चुनाव हार गई।

यानी कहानी कांग्रेस के मजबूत होने की नहीं, बल्कि भाजपा के अपने वोटों के खिसकने की है। अगर मत प्रतिशत भी देखा जाए तो कांग्रेस को 2023 में मिले 50.34% वोट की जगह इस बार सिर्फ 42.39% वोट मिले।

यानी कांग्रेस के लगभग 8% वोट कम हुए, लेकिन भाजपा के भी 7% से ज्यादा वोट कम हो गए, 2023 के मुकाबले। यही वह बिंदु है, जहां सतही समीक्षा और वास्तविक समीक्षा के बीच फर्क दिखाई दे सकता है।

भाजपा इस दिवास्वप्न में रही कि आजाद समाज पार्टी इस उपचुनाव में कांग्रेस का वोट काटेगी और भाजपा प्रत्याशी की जीत आसान हो जाएगी, पर हुआ ये कि आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी दामोदर यादव ने 22527 (14.3%) वोट पाकर सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, भाजपा के भी वोट काट डाले, जिनमें ओबीसी वोटर्स भी थे।

साथ ही पार्टी को यह भी सोचना होगा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की गेम चेंजर स्कीम लाड़ली बहना, जिसकी वजह से भाजपा को 2023 में बंपर मेजोरिटी मिली थी, के जारी रहने के बावजूद महिला वोटर्स भारी संख्या में भाजपा के लिए मतदान केंद्रों पर क्यों नहीं आईं?

अगर भाजपा यह जानना चाहती है कि सत्ता में रहते हुए उसके अपने मतदाता उससे क्यों दूर हुए, तो समीक्षा का दायरा दतिया जिला संगठन से बहुत आगे बढ़ाना होगा। क्या भाजपा अपनी उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया, स्थानीय संगठन से प्रत्याशी चयन में रायशुमारी, प्रदेश इकाई से लेकर विधानसभा स्तर तक संगठन में उस मशीनरी के कार्य, जिसको कार्यकर्ताओं के असंतोष और नाराजगी को समय रहते पढ़कर उसे दूर करना होता है, सरकार की खुफिया एजेंसी की असफलता और चुनाव अभियान में इतनी बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक ताकत लगाने के बावजूद भाजपा अपने पारंपरिक समर्थकों को पूरी ताकत से मतदान केंद्रों तक क्यों नहीं ला सकी।

इसकी भी समीक्षा होगी?
एक और महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या पार्टी इस हार को केवल संगठनात्मक अनुशासन का मामला मानेगी या इसे राजनीतिक चेतावनी के रूप में भी देखेगी?

क्योंकि दतिया अकेला मामला नहीं है। बुधनी में भाजपा जीत तो गई, लेकिन उसका जीत का अंतर लगभग 91 हजार घटकर करीब 13 हजार रह गया था, जबकि यह सीट केंद्रीय कृषिमंत्री तथा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की पारंपरिक सीट रही है।

विजयपुर में भाजपा उम्मीदवार रामनिवास रावत सरकार में मंत्री रहते हुए भी कांग्रेस के उम्मीदवार मुकेश मल्होत्रा से हार गए थे। अब दतिया में पार्टी को 6016 वोट से हार मिली है।

संबंधित समाचार

जिन पर कार्रवाई और जांच की जिम्मेदारी वे ही छिपा रहे मुंह
Top News

जिन पर कार्रवाई और जांच की जिम्मेदारी वे ही छिपा रहे मुंह:पटाखा बाजार में लगे 45 लाख की वसूली के आरोप

1 minute ago
वीडियो देखिये, खातेगांव हत्याकांड का आरोपी भागने की कोशिश में कैसे हुआ घायल
Top News

वीडियो देखिये, खातेगांव हत्याकांड का आरोपी भागने की कोशिश में कैसे हुआ घायल:एसडीओपी ने बताया पुलिस पर की फायरिंग; जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली

9 minutes ago
टीआई दिलीप पुरी हत्याकांड
Top News

टीआई दिलीप पुरी हत्याकांड:राहुल जायसवाल की 3 बसें जब्त; गुजरात तक फैले नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस

12 minutes ago
दुष्कर्मी-वसूलीबाज की एक और शिकायत जनसुनवाई में पहुंची
Top News

दुष्कर्मी-वसूलीबाज की एक और शिकायत जनसुनवाई में पहुंची:शाहरुख कुरैशी ने सामाजिक संस्था पदाधिकारी को ब्लैकमेल कर मांगे 2 लाख रुपए

12 minutes ago
जेल से छूटते ही फिर सिर उठाने लगे गुंडे
Top News

जेल से छूटते ही फिर सिर उठाने लगे गुंडे:गैंगस्टर सतीश भाऊ के भतीजे का खुला सपोर्ट

18 minutes ago
खाकी पर भारी खादी और बेखौफ माफिया
Top News

खाकी पर भारी खादी और बेखौफ माफिया:खातेगांव टीआई दिलीप पुरी की मौत ने खड़े किए कई सवाल

27 minutes ago
AI से बनाए सरकारी अफसरों के फर्जी वीडियो वायरल
Top News

AI से बनाए सरकारी अफसरों के फर्जी वीडियो वायरल:सरकारी कामकाज और राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर किए पोस्ट

29 minutes ago
दिवाली से पहले खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई
Top News

दिवाली से पहले खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई:5 टन मावा की खेप पकड़ी; जांच के लिए भेजे सैंपल

about 1 hour ago
बीना विधायक के दलबदल मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त
Top News

बीना विधायक के दलबदल मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त:विधानसभा अध्यक्ष को दो महीने में फैसला करने का निर्देश

about 1 hour ago
पानी और साफ-सफाई की समस्या से 900 पुलिसकर्मियों के परिजन परेशान
Top News

पानी और साफ-सफाई की समस्या से 900 पुलिसकर्मियों के परिजन परेशान:शिकायतों के बाद भी नहीं हो रहा निराकरण

about 1 hour ago
संघ की सेवा गतिविधियों में समाज का सहयोग जरूरी
Top News

संघ की सेवा गतिविधियों में समाज का सहयोग जरूरी:सरकार्यवाह बोले-स्वयंसेवक आगे आकर कर रहे काम

about 1 hour ago
कार की पार्किंग और शादी की तैयारी के लिए आठ साल पुराने पेड़ उखाड़े
Top News

कार की पार्किंग और शादी की तैयारी के लिए आठ साल पुराने पेड़ उखाड़े:हरियाली पर चली निगम की जेसीबी; अकेली महिला सीढ़ी पर बैठी रह गई

about 1 hour ago
हनीट्रैप का जाल बिछाकर कारोबारी से लाखों की वसूली
Top News

हनीट्रैप का जाल बिछाकर कारोबारी से लाखों की वसूली:झूठे केस में फंसाने की दी धमकी; फिर मांगे इतने करोड़

about 1 hour ago
ऐसे हो सकता है एमआर-11 का पूरा निर्माण
Top News

ऐसे हो सकता है एमआर-11 का पूरा निर्माण:रास्ते को प्रशासन के कदम का इंतजार

about 1 hour ago
ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग में पकड़ा गया युवक
Top News

ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग में पकड़ा गया युवक:चेसिस नंबर स्कैन करते ही हुआ चौंकाने वाला खुलासा

about 1 hour ago
वर्दी पे वार कब तक
Top News

वर्दी पे वार कब तक:कब टूटेगा सरकार, सियासत और शराब माफिया का खूनी गठजोड़

about 2 hours ago
वीडियो देखिये, केंद्रीय मंत्री ने साधा कांग्रेस पर निशाना
Top News

वीडियो देखिये, केंद्रीय मंत्री ने साधा कांग्रेस पर निशाना:देश में अस्थिरता पैदा करने और चुनाव आयोग की छवि धूमिल करने का प्रयास; लोगों की रगों में प्रजातंत्र का खून दौड़ता है

about 2 hours ago
वीडियो देखिये, 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा
Top News

वीडियो देखिये, 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा:मुख्यमंत्री बोले-लोकतंत्र और चुनाव आयोग का मजाक बनाने वाली कांग्रेस को जनता कभी माफ नहीं करेगी

about 2 hours ago
दिव्यांग भाई-बहन की पढ़ाई में बाधा नहीं बनेगी गरीबी
Top News

दिव्यांग भाई-बहन की पढ़ाई में बाधा नहीं बनेगी गरीबी:कलेक्टर ने दिया भरोसा; बोले- तुम सिर्फ पढ़ाई करो, बाकी चिंता हमारी

about 2 hours ago
वीडियो देखिये, अवैध शराब के खिलाफ प्रशासन का बड़ा एक्शन
Top News

वीडियो देखिये, अवैध शराब के खिलाफ प्रशासन का बड़ा एक्शन:जिला बदर और NSA तक की तैयारी; शहर में 34 केस दर्ज; 320 लीटर शराब जब्त

about 2 hours ago

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!