बेटियों की कैबिनेट से मिल गद्गद् हुए सीएम डॉ. मोहन यादव: कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में बेबाक संवाद
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अपनी कैबिनेट है लेकिन, 5 अगस्त को उनका परिचय एक और खास कैबिनेट से हुआ। यह थी कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय की। इस कैबिनेट से मिलकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव गद्गद् हो गए। उन्होंने बाकायदा स्कूल की कैबिनेट को मंच पर अपने पास बैठाया और कार्रवाई को समझा। एक तरफ उन्होंने छात्राओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी, दूसरी ओर उनसे संवाद कर नया अनुभव लिया।
स्कूल में ‘किताब से कल तक' कार्यक्रम था। सीएम ने छात्राओं से संवाद में बताया एआई का कितना और कैसे इस्तेमाल करें। सड़क पर घायल राहगीरों की सहायता करने का संदेश दिया। छात्राओं के बाद सीएम डॉ. यादव ने शिक्षकों से भी संवाद कर विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा सांदीपनि विद्यालय मैं आप सभी का स्वागत करता हूं।
आपका भाई हूं। मैं भी सरकारी स्कूल से ही पढ़ा हूं। हां, इतने अच्छे स्कूल से नहीं पढ़ा हूं। हमारे समय स्कूल अलग होते थे।
आप भाग्यशाली हैं जो आपको इतना सुंदर परिसर पढ़ने के लिए मिला है। भारत का संधि विच्छेद करें तो भा का अर्थ है जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाए और रत का मतलब है लीन। जो अंधेरे से प्रकाश की ओर ले जाने में लीन है उसे कहते हैं भारत। इसी तरह गुरु शब्द का भी अर्थ है।
भारत के संस्कारयुक्त जीवन के कारण उसे सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। हमें संस्कार संस्कृति से मिलते हैं। भारत ने ऋषि-मुनियों के मार्गदर्शन में अच्छी व्यवस्था खड़ी की। हम अपनी शिक्षा व्यवस्था पर गर्व कर सकते हैं। कई देश हैं जो धन संग्रह करना जानते हैं। देश लंबा चलता है मूल संस्कारों से।
कैबिनेट से मिले सीएम डॉ. यादव
डॉ. यादव ने स्कूल कैबिनेट को मंच पर बुलाया और परिचय लिया। 12वीं की शिवानी ने बताया स्पोर्ट्स मिनिस्टर हूं। मैं स्पोर्ट्स पसंद करने वाले बच्चों के मन की बात शिक्षकों को बताती हूं। 12वीं की ही सपना गिरी ने बताया कल्चरल मिनिस्टर हूं। स्कूल में जितने सांस्कृतिक प्रोग्राम होते हैं, उन्हें देखती हूं। 11वीं की दीपिका परते ने बताया मेरा काम अनुशासन रखना है।
शालिनी परतेले ने बताया डिसिप्लीन मिनिस्टर हूं। ये सुनकर सीएम डॉ. मोहन यादव मुस्कुराए। उन्होंने कहा अनुशासन बनाने वाले के प्रति लोग नाराज रहते हैं। इस पर शालिनी ने कहा सारे बच्चियां अच्छी हैं तो सीएम हंस पड़े। कैबिनेट मेंबर स्नेहा ने बताया हेड गर्ल हूं। स्कूल की व्यवस्थाओं को भी देखती हूं। डिप्टी हैड गर्ल सालेह खान ने बताया स्कूल की व्यवस्था में हाथ बंटाती हूं।
सेक्रेटरी भावना पाठे ने बताया सीनियर्स की मदद करती हूं। स्कूल कैबिनेट ने बताया महीने में एक बार टीचरों के साथ मीटिंग करती है। ये कैबिनेट एक साल के लिए बनती है। बच्चे वोट देते हैं। बाकायदा कैंपेंनिंग होती है। कैबिनेट पूरे साल का कैलेंडर बनाती है और कोई खराब काम करता है, हटा भी दिया जाता है।
टीचर शिवानी शर्मा ने बताया 1958 में स्थापित कमला नेहरू कन्या शासकीय विद्यालय अब मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग से सांदीपनि विद्यालय के रूप में स्थापित हो चुका है। 1800 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं। विज्ञान, वाणिज्य और कला सहित अन्य पाठ्यक्रम हैं।
सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय में स्मार्ट क्लासेस, कंप्यूटर लैब, गणित प्रयोगशाला, लाइब्रेरी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से क्लासेस का संचालन होता है। हरित विद्यालय श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर नामित है। राज्य स्तर पर सिल्वर अवॉर्ड मिला है। बोर्ड परीक्षाओं में परिणाम शत प्रतिशत रहा है। कैबिनेट करने के लिए ईवीएम ऐप से चुनाव कराते हैं। 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी चुनाव के लिए नामांकन करते हैं और 8 से 12वीं तक के विद्यार्थी वोटिंग करते हैं।
शिक्षकों के साथ आत्मीय संवाद
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से भी आत्मीय संवाद किया। कहा विद्यार्थी उन्नत खेती करें, राजनीति में आएं, सैनिक बनकर देश सेवा करें। व्यवसाय शुरू कर स्वावलंबी बनें, दूसरों को भी रोजगार दे। इन सभी के लिए उन्हें प्रेरित करें। शिक्षकों से हल्के अंदाज में विज्ञान के रहस्यों और पारिवारिक जीवन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की।
अपना दिमाग जरूर लगाएं
मुख्यमंत्री ने कहा सांदीपनि विद्यालय देश में सबसे अच्छे हैं। कमला नेहरू स्कूल के 58 बच्चे मेरिट में उत्तीर्ण हुए हैं। आज निजी विद्यालयों के बच्चे भी सांदीपनि विद्यालयों में आने के लिए लालायित हैं। देश के लोकतंत्र को जीवित रखना है तो राजनीति में आने पड़ेगा। छात्राओं से पूछा- किताब से कल तक विषय का क्या अर्थ है?
एकता राजौरिया ने बताया किताब से कल तक अर्थ है आज बच्चे जो कुछ पढ़ रहे हैं, उसका जीवन में क्या महत्व है। आज हम जो पढ़ रहे हैं, वहीं भविष्य को साकार बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सिलेबल की पढ़ाई केवल पाठ्यक्रम के लिए आवश्यक है।
छात्रा प्रिंसी वर्मा ने उनसे पूछा- क्या आप चैटजीपीटी का प्रयोग करते हैं, हां तो क्या सर्च करते हैं? सीएम ने कहा किसी कार्यक्रम के विषय पर वर्तमान परिदृश्य में क्या नई चीजें हैं, उन्हें सर्च करता हूं। चैट जीपीटी हो या ग्रोक्स, जिसने भी एआई टूल्स हों, ये आखिरी नहीं है। एआई का उपयोग करें, लेकिन स्वयं का दिमाग लगाएं और आंकड़ों को क्रॉस चेक जरूर करें।
लारा खत्री ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या आप इंस्टाग्राम यूज करते हैं और किसे फॉलो करते हैं? इस पर सीएम ने कहा सोशल मीडिया के जमाने में हर राजनेता को वर्तमान जरूरतों के साथ चलना पड़ता है। इंस्टाग्राम भी इस्तेमाल करना पड़ता है। पीएम को फॉलो करता हूं। छात्रा अयोध्या ने पूछा आपने डॉक्टरेट (पीएचडी) तक की पढ़ाई और खेल विधा में पारंगत होने के लिए कैसे बैलेंस किया?
मुख्यमंत्री ने कहा पढ़ाई के साथ खेल के लिए भी समय निकालें। उज्जैन विकास प्राधिकरण का चेयरमैन था, तब भी राजनीति शास्त्र में एमए किया। उसके बाद इसी विषय में पीएचडी भी कर ली। मैं पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन रखते एमबीए भी किया। पढ़ाई का दौर चलता रहना चाहिए। सिर्फ डिग्री जरूरी नहीं है, बल्कि यह मन की जिज्ञासा को शांत करने के लिए होनी चाहिए।
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