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किस कद्दावर मंत्री की मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात: किस बयान पर सियासी हलकों में चर्चाओं का दौर

KHULASA FIRST

संवाददाता

15 फ़रवरी 2026, 8:55 पूर्वाह्न
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किस कद्दावर मंत्री की मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात

खुलासा फर्स्ट, इंदौर/भोपाल।
मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार को भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की। इस बैठक के कुछ घंटे बाद पीथमपुर में एक औद्योगिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राजनीतिक संन्यास को लेकर ऐसा बयान दिया, जिससे सियासी हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं।

भोपाल में सीएम से मुलाकात
विजयवर्गीय ने बताया कि केरल से मध्यप्रदेश प्रवास पर आए भाजपा पार्षदों और जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री से भेंट की। बैठक में विकास कार्यों, जनसेवा और संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा हुई।

सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बना ली थी
उल्लेखनीय है कि 20 जनवरी को एक करीबी के निधन के बाद विजयवर्गीय ने कुछ समय तक सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बना ली थी। वे कैबिनेट बैठकों में भी शामिल नहीं हुए थे, हालांकि बाद में वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े। शनिवार को उनकी मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात को सामान्य शिष्टाचार भेंट बताया गया।

पीथमपुर में रिटायरमेंट पर बयान
भोपाल से लौटने के बाद विजयवर्गीय पीथमपुर स्थित जश इंजीनियरिंग के नए प्लांट के उद्घाटन समारोह में पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उद्योगपति प्रतीक पटेल और उनके परिवार से पुराने संबंधों का जिक्र किया।

सोच रहा हूं राजनीति से रिटायर हो जाऊं
इसी बीच उन्होंने कहा, “मैं अब 70 साल का हो गया हूं, सोच रहा हूं राजनीति से रिटायर हो जाऊं। प्रतीक, शायद तुम्हारी कंपनी में ही कोई जिम्मेदारी ले लूं।”उनके इस बयान से कार्यक्रम में मौजूद उद्योगपतियों, भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच हलचल मच गई।
नगर निगम पर उठे सवाल
कार्यक्रम में प्रतीक पटेल ने स्वागत भाषण के दौरान नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कभी पेनल्टी तो कभी फैक्टरी बंद करने की चेतावनी से उद्योग संचालकों को परेशानी होती है। हालांकि मंत्री विजयवर्गीय ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की और संक्षिप्त संबोधन के बाद कार्यक्रम समाप्त किया।

‘मजाक में कही बात’
बाद में प्रतीक पटेल ने स्पष्ट किया कि मंत्री का रिटायरमेंट वाला बयान हल्के-फुल्के अंदाज में मजाक के तौर पर था। बावजूद इसके, विजयवर्गीय की टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों को हवा दे दी है।



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