किस बड़ी हस्ती ने दिया था शंकराचार्य के अपमान के विरोध में इस्तीफा: शासन ने क्या कार्रवाई की; कौन कर रहा है मामले की जांच
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, बरेली।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान के विरोध में इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को शासन ने सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
मंजूर नहीं हुआ इस्तीफा
जानकारी के अनुसार हालांकि, अब तक सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा मंजूर नहीं किया जा रहा है। यह भी माना जा रहा है कि मामले की जांच पूरी होने के बाद ही सरकार उनका इस्तीफा स्वीकार करेगी।
अभी शामली अटैच किया
अलंकार अग्निहोत्री को शामली अटैच कर दिया गया है। बरेली कमिश्नर को इस मामले की जांच सौंपी गई है। अभी सिटी मजिस्ट्रेट से सरकारी गाड़ी वापस ले ली गई है।
कलेक्ट्रेट में नहीं जाने दिया
बताया जाता है कि सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री सुबह 11 बजे डीएम से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे, तो उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया।
नाराज होकर धरने पर बैठे
इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री नाराज होकर कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके साथ सवर्ण समाज के लोग भी हैं। कई लोग इस समय “हाय-हाय” के नारे लगा रहे हैं।
शंकराचार्य ने की बात
दूसरी ओर देर रात शंकराचार्य ने सिटी मजिस्ट्रेट से फोन पर बात की। उनसे कहा- पूरा सनातनी समाज आपसे प्रसन्न है। जो पद आपको सरकार ने दिया था, हम उससे बड़ा पद धर्म के क्षेत्र में आपको देंगे।
गणतंत्र दिवस पर दिया था इस्तीफा
बताया जाता है कि अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस पर इस्तीफा दिया था। इसकी वजह यूजीसी का नया कानून और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की पिटाई बताई थी। उन्होंने 5 पेज का पत्र भी लिखा था। इसके बाद शाम साढ़े 7 बजे अग्निहोत्री डीएम अविनाश सिंह से मिलने उनके आवास पहुंचे थे।
बंधक बनाने का आरोप
बाहर आने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने आरोप लगाते हुए कहा- मुझे डीएम आवास में 45 मिनट बंधक बनाकर रखा गया। एसएसपी के कहने पर छोड़ा गया। हालांकि, इन आरोपों को एडीएम ने गलत करार दिया। रात 11 बजे अग्निहोत्री ने सरकारी आवास खाली कर दिया। वे बरेली में ही अपने परिचित के यहां रुके हैं।
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