सिविल जज के साथ वकील ने क्या किया: जवाब के बाद हाईकोर्ट ने क्या निर्देश दिए
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, जबलपुर।
बैतूल जिले के भैंसदेही में पदस्थ सिविल जज महेंद्र सिंह मेहसन ने हाईकोर्ट को पत्र लिखकर अवगत कराया था कि 28 अक्टूबर 2025 को एक मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता उमेश जैन ने न्यायालय में अभद्र व्यवहार किया और व्यक्तिगत टिप्पणी की।
सिविल जज ने पत्र में यह कहा
सिविल जज ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि यदि इस तरह की टिप्पणी करने वाले अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे गलत संदेश जाएगा और ऐसी प्रवृत्तियों को बढ़ावा मिल सकता है। मामले को आपराधिक अवमानना मानते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 9 जनवरी को अधिवक्ता उमेश जैन को नोटिस जारी किया था।
अधिवक्ता ने मांगी बिना शर्त माफी
नोटिस के बाद मंगलवार को अधिवक्ता उमेश जैन स्वयं हाईकोर्ट में पेश हुए और बिना शर्त माफी मांगी। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल मौखिक माफी स्वीकार नहीं की जाएगी। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने निर्देश दिया कि अधिवक्ता शपथपत्र (हलफनामे) के साथ लिखित माफीनामा प्रस्तुत करें।
लिखित माफी के लिए मिला समय
अधिवक्ता ने लिखित माफी दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए एक दिन की मोहलत दी। अब वे हलफनामे के साथ लिखित माफीनामा प्रस्तुत करेंगे। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि यह मामला न्यायालय की गरिमा से जुड़ा है और इसे गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है।
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