इस महिला ने आखिर ऐसा क्या कर दिया: सब तरफ से हो रही सराहना; इस प्रदेश की उपमुख्यमंत्री ने क्या कहा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल/ नीमच।
नीमच जिले में आंगनवाड़ी केंद्र के 20 बच्चों को मधुमक्खियों के हमले से बचाकर खुद जान गंवाने वाली महिला कंचनबाई मेघवाल की वीरता पर अब सब तरफ से सराहना के स्वर उठ रहे हैं।
डॉ मोहन यादव ने की 4 लाख देने की घोषणा
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कंचनबाई के परिवार को 4 लाख आर्थिक सहायत देने की घोषणा की है। वहीं दूसरी ओर राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा है कि कंचन बाई का यह बलिदान हर महिला की करुणा, साहस और अदम्य शक्ति को उजागर करता है।
एक्स पर यह लिखा दीया कुमारी ने
राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने एक्स पर पोस्ट में कहा है कि मध्य प्रदेश के नीमच में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कंचन बाई मेघवाल द्वारा दिखाया गया साहस, मातृत्व, कर्तव्य और महिला सशक्तिकरण का सर्वोच्च उदाहरण है।
मधुमक्खियों के हमले के बीच 20 मासूम बच्चों को सुरक्षित बचाने के लिए उन्होंने चटाइयों और तिरपाल से बच्चों को ढकते हुए माँ की तरह उनका संरक्षण किया और स्वयं सैकड़ों डंक सहन किए।
उनका यह त्याग दर्शाता है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता समाज की संवेदनशील संरक्षक होती हैं जो संकट की घड़ी में अपने दायित्व को सर्वोपरि रखती हैं। कंचन बाई का यह बलिदान हर महिला की करुणा, साहस और अदम्य शक्ति को उजागर करता है। उनका यह प्रेरणादायी बलिदान महिला सशक्तिकरण और मातृत्व की प्रेरक मिसाल बनकर सदैव स्मरणीय रहेगा।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा- प्रदेश सरकार परिवार के साथ
सीएम डॉ मोहन यादव ने एक्स पर लिखा नीमच जिले के ग्राम रानपुर में मधुमक्खियों के डंक से आंगनवाड़ी में कार्यरत बहन कंचन बाई मेघवाल जी का असमय निधन अत्यंत दुखद व हृदयविदारक है।
बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी मप्र सरकार
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार इस दुःख की घड़ी में उनके परिवार के साथ है। मानवीय आधार पर मैंने कंचन बहन के परिवार को 4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उनके बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी।
यह है पूरा मामला
दो बेटियों और एक बेटे की मां कंचन बाई की नीमच जिले के रानपुर गांव में हुई घटना में मौत हो गई। आंगनवाड़ी में सोमवार को काफी बच्चे थे। केंद्र की सहायिका बाकी बच्चों को लेने गई थी। इसी दौरान वहां मधुमक्खियों ने हमला कर दिया।
बच्चों की हालत देखकर कंबल लेकर दौड़ी
पास में ही स्वसहायता समूह की अध्यक्ष 45 वर्षीय कंचनबाई का घर है। वे उस दिन घर के पास मौजूद हैंडपंप पर कपड़े धो रही थीं। बच्चों पर हमला देख घर से दरी और कंबल लेकर दौड़ी और आनन-फानन सारे बच्चों को दरी और कंबल से घेरा बनाकर सुरक्षित किया।
अस्पताल में हुआ निधन
अन्य जानकारी के अनुसार कोई कुछ समझता उससे पहले कंचन बाई ने अपनी साड़ी उतारी और बच्चों की तरफ दौड़ लगा दी व बच्चों को ढंक दिया ताकि वे मधुमक्खियों के हमले से बच सकें। इस दौरान मधुमक्खियों ने कंचनबाई को काटा। इसके बाद डायल 112 से अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनका निधन हो गया।
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