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कुमार सानू के कट्टर फैन ने यह क्या कर दिया: डॉक्टरों और पुलिस के साथ खुद सिंगर भी चौंक गए

KHULASA FIRST

संवाददाता

14 जनवरी 2026, 9:59 पूर्वाह्न
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कुमार सानू के कट्टर फैन ने यह क्या कर दिया

खुलासा फर्स्ट, जबलपुर।
बॉलीवुड गायकों और फिल्मी सितारों के फैंस के जुनून के किस्से आपने कई बार पढ़े होंगे। अब जबलपुर में एक ऐसा मामले सामने आया है, जिसने सबको चौंका दिया।

यह भ्रम हो गया था युवक को
इस मामले ने डॉक्टरों के साथ पुलिस व खुद सिंगर कुमार सानू को चौंका दिया। दरअसल बिहार के छपरा के रहने वाले और कुमार सानू के कट्टर प्रशंसक 35 वर्षीय युवक को यह भ्रम हो गया कि अगर उसने किसी दूसरे गायक का गाना सुना तो लोग उसे खोजकर मार डालेंगे।

उपचार के लिए आईसीयू में भर्ती
इस भ्रम ने युवक की हालत इस कदर बिगाड़ दी कि उसने पिछले सप्ताह 24 घंटे में तीन बार अपनी जान देने की कोशिश की। अब उसे उपचार के लिए आईसीयू में भर्ती किया गया है।

तीन बार किया ऐसा
जानकारी के अनुसार युवक ने पहले ट्रेन से कूदने की, इसके बाद स्टेशन के पब्लिक टॉयलेट में ब्लेड से गला व कलाई काटने की, और अंत में अस्पताल में दूसरी मंजिल से छलांग लगाने की।

कुमार सानू ने की युवक के पिता से बात
मामला सामना आने के बाद खुद गायकी के दिग्गज कुमार सानू ने युवक के पिता से बात की। कुमार सानू ने तुरंत भोपाल के मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी को कॉल किया और मरीज की स्थिति जानी। सानू ने डेल्यूजन और साइकोसिस के बारे में विस्तार से समझा और मरीज की मदद की इच्छा जताई।

डॉ. त्रिवेदी ने ट्वीट भी किया कि जिस इंसान के गानों को करोड़ों लोग पसंद करते हैं, वही आज अपने परेशान फैन के लिए चिंतित हैं। डॉ. त्रिवेदी के अनुसार, सोशल मीडिया ट्रोलिंग और ग्रुप प्रेशर ऐसे भ्रम पैदा कर देते हैं कि व्यक्ति को लगता है कि पूरी दुनिया उसके खिलाफ है।

पुलिस को पूछताछ में यह बताया
पुलिस ने जब पूछताछ की तो युवक ने बताया कि वह कई सालों से कुमार सानू के गाने सुनता आया है। बीते दिनों सोशल मीडिया पर उसने कुछ दूसरे गायकों के गाने सुने। यहीं से उसके दिमाग में यह भ्रम बैठ गया कि अगर वह ‘दूसरे गायक’ को सुनेगा तो सानू के फैंस उसे ‘धोखेबाज’ मानकर मार डालेंगे।

बीमारी के बारे में डॉक्टरों की राय
मनोचिकित्सकों के अनुसार यह मामला साइकोसिस का उदाहरण है। इस बीमारी में व्यक्ति तथ्य और कल्पना में फर्क करना बंद कर देता है। ऐसे मामलों में डोपामिन स्तर असामान्य बढ़ जाता है, जिससे गलत विश्वास भी 100% सच जैसा लगता है। यही भरोसा व्यक्ति को आत्मघात तक ले जा सकता है।


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