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किस अपराध का केस पोते पर: फिर दादा को क्यों थाने ले गई पुलिस; वकील का एसआई से क्यों हुआ विवाद

KHULASA FIRST

संवाददाता

11 फ़रवरी 2026, 8:00 पूर्वाह्न
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किस अपराध का केस पोते पर

खुलासा फर्स्ट, मुरैना।
जिले के कैलारस थाने से जुड़ा एक विवाद सामने आया है। आरोप है कि रेप केस पोते पर दर्ज होने के बाद पुलिस उसके 73 वर्षीय दादा गोपाल सिंह धाकड़ को घर से उठाकर थाने ले गई और करीब 5 घंटे तक बैठाए रखा। परिवार ने ग्वालियर हाईकोर्ट की अधिवक्ता अल्पना सिकरवार से संपर्क किया।

वकील ने लगाया यह आरोप
वकील का आरोप है कि जब उन्होंने थाने पहुंचकर बुजुर्ग को लाने का कानूनी आधार पूछा तो संबंधित एसआई मनोज यादव ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया और अभद्र व्यवहार किया। उनका कहना है कि एसआई ने कहा—“हाईकोर्ट से ही पूछ लेना… कारण बताने की जरूरत नहीं है।”

बातचीत का वीडियो सामने आया
हाईकोर्ट की वकील और एसआई के बीच हुई बहस का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में वकील बुजुर्ग को थाने लाने के कारण पूछती नजर आती हैं। आरोप है कि एसआई ने कहा—“कोई वकील हमसे सवाल नहीं कर सकता… महिला पुलिस बुलाओ, गिरफ्तार कराओ।”

एसआई ने कहा—“तेल क्यों लगा रहे हो?
इस दौरान बीच-बचाव कर रहे एक प्रधान आरक्षक से भी कथित तौर पर एसआई ने कहा—“तेल क्यों लगा रहे हो?”हंगामा बढ़ने के बाद बुजुर्ग को देर शाम छोड़ दिया गया।

पूरा मामला यह है
परिवार के मुताबिक, कैलारस के तोड़िका गांव निवासी अरुण धाकड़ का एक युवती से संबंध था। दोनों ने 7 अक्टूबर 2025 को ग्वालियर के आर्य समाज मंदिर में विवाह किया था और सुरक्षा की मांग को लेकर एसपी कार्यालय में आवेदन भी दिया था।

परिवार के साथ चली गई युवती
बाद में युवती अपने परिवार के साथ चली गई और 28 सितंबर की घटना का हवाला देते हुए अरुण पर रेप का केस दर्ज कराया। एफआईआर में कहा गया कि शादी से सात दिन पहले होटल में दुष्कर्म हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।

परिजनों का आरोप
परिजनों का आरोप है कि 5 फरवरी को युवती की शादी अन्यत्र कर दी गई। 7 फरवरी को पुलिस अरुण की तलाश में उसके घर पहुंची। वह नहीं मिला तो दादा गोपाल धाकड़ को थाने ले जाया गया।

बुजुर्ग का आरोप
गोपाल धाकड़ का कहना है कि एसआई बिना वारंट घर में घुसे और उन्हें जबरन साथ ले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि रास्ते में 50 हजार रुपए की मांग की गई और कहा गया कि रकम देने पर पोते की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनका दावा है कि उन्हें बिना किसी अपराध के करीब 5 घंटे थाने में रखा गया और बाद में वकील के हस्तक्षेप के बाद छोड़ा गया।

वकील का पक्ष
अधिवक्ता अल्पना सिकरवार ने आरोप लगाया कि उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। उनका कहना है कि एसआई को महिलाओं और अधिवक्ताओं से बातचीत की मर्यादा का पालन करना चाहिए। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर आपत्ति दर्ज कराई है।

पुलिस का पक्ष
कैलारस थाना प्रभारी वीरेश कुशवाह का कहना है कि अरुण रेप केस में आरोपी है और फरार चल रहा है। पूछताछ के लिए उसके दादा को थाने लाया गया था और बाद में छोड़ दिया गया। टीआई के अनुसार, महिला वकील को केवल मामले की जानकारी दी गई थी और किसी तरह की अभद्रता नहीं हुई।

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