खबर
Top News

वास्तु और भगवान गणेश: घर के इन कोनों को सजाएं; बरसने लगेगी लक्ष्मी, मुख्य द्वार के ये उपाय दूर करेंगे हर बाधा

KHULASA FIRST

संवाददाता

05 फ़रवरी 2026, 6:07 पूर्वाह्न
193 views
शेयर करें:
वास्तु और भगवान गणेश

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
वास्तु शास्त्र केवल दिशाओं का ज्ञान नहीं, बल्कि ऊर्जा का विज्ञान है। हम द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी और वास्तु के उस अंतर्संबंध की चर्चा करेंगे जो आपके घर की सुख-शांति को बढ़ा सकता है।

घर की नकारात्मक ऊर्जा करें दूर
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के पावन अवसर पर ज्योतिष और वास्तु के विशेषज्ञों ने घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए विशेष परामर्श दिए हैं।

भगवान श्रीगणेश वास्तु पुरुष के रक्षक भी
वास्तु शास्त्र के अनुसार, भगवान गणेश 'विघ्नहर्ता' होने के साथ-साथ 'वास्तु पुरुष' के रक्षक भी माने जाते हैं। यदि घर का मुख्य द्वार वास्तु दोष से प्रभावित है तो आज के दिन किए गए कुछ छोटे बदलाव आपके जीवन में समृद्धि के द्वार खोल सकते हैं।

मुख्य द्वार और गणेश 'ऊर्जा'
वास्तु के अनुसार, घर के मुख्य द्वार पर 'देहरी' का होना अनिवार्य है। आज के दिन मुख्य द्वार की सफाई कर वहां हल्दी और कुमकुम से स्वस्तिक बनाना अत्यंत शुभ होता है। स्वस्तिक गणेश जी का प्रतीक है जो बाहरी नकारात्मकता को घर के अंदर प्रवेश करने से रोकता है।

'ब्रह्म स्थान' की शुद्धि
घर का मध्य भाग यानी 'ब्रह्म स्थान' आकाश तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। आज शाम को घर के मध्य भाग में कपूर जलाकर पूरे घर में उसका धुआं दिखाएं। यह 'द्विजप्रिय' चतुर्थी की ऊर्जा को घर के कोने-कोने तक पहुँचाने का सबसे प्रभावी तरीका है।

करें ऐसे उपाय
कुबेर की दिशा में आज पानी भरा कलश रखें। इससे आर्थिक तंगी से मुक्ति और धन का आगमन होगा।

ईशान
भगवान गणेश की मूर्ति/चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं। इससे मानसिक स्पष्टता और बच्चों की शिक्षा में उन्नति होगी

पूर्व
मुख्य द्वार पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाएं। इससे सामाजिक प्रतिष्ठा और स्वास्थ्य में सुधार होगा

गणेश जी की दो मूर्तियां ऐसी न हों
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार पर कभी भी गणेश जी की दो मूर्तियां एक-दूसरे की पीठ की तरफ करके न लगाएं। यदि आप द्वार पर गणेश चित्र लगा रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि उनकी दृष्टि घर के अंदर की ओर सुख-समृद्धि बरसा रही हो।

सकारात्मक ऊर्जा वहीं होती है
जहाँ स्वच्छता और सुव्यवस्था होती है, वहीं सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आज अपने घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) को खाली और साफ रखें, भाग्य खुद चलकर आएगा।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!