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भारत को विश्व की सर्वोच्च अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प है केंद्रीय बजट: मुख्यमंत्री बोले- ‘सबका साथ- सबका विकास’ बजट की मुख्य विशेषता

KHULASA FIRST

संवाददाता

01 फ़रवरी 2026, 10:23 पूर्वाह्न
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भारत को विश्व की सर्वोच्च अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प है केंद्रीय बजट

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में प्रभावी कदम है। बजट गरीबों ,युवाओं, अन्नदाताओं और महिलाओं पर केंद्रित है।

विकास को गति देगा बजट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह बजट विकास को और अधिक गति देगा तथा भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्थान दिलवाले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सभी ने मुक्तकंठ से बजट की तारीफ की
डेली कॉलेज में अनुभवी सीए, अर्थशास्त्री, प्रोफेशनल्स, डॉक्टर्स और आर्थिक विशेषज्ञों के साथ केंद्रीय बजट के सजीव प्रसारण के बाद संवाद और विश्लेषण किया गया। इसमें मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रबुद्धजनों ने केंद्रीय बजट की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है।

‘सबका साथ- सबका विकास’
डॉ मोहन यादव के अनुसार आर्थिक प्रगति को बढ़ाना, जनसामान्य की उम्मीदों को पूरा करना और ‘सबका साथ- सबका विकास’ बजट की मुख्य विशेषता है।

प्रधानमंत्री के सुझाव पर आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सुझाव था कि केंद्रीय बजट पर प्रत्येक जिले में व्यापक चर्चा हो जिससे आमजन में इसकी समझ बढ़े।

पाकिस्तान पर निशाना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 1947 में ही पड़ोसी देश भी आजाद हुआ लेकिन उसकी अर्थव्यवस्था ऋण के भरोसे लाचारी से चल रही है। उन्होंने कहा कि टैरिफ के दौर में प्रधानमंत्री श्री मोदी आर्थिक तरक्की के रास्ते निकालना जानते हैं, जिसका जीवंत उदाहरण आज प्रस्तुत केंद्रीय बजट है।

तीन कर्तव्य देश की आर्थिक प्रगति को और बढ़ावा देंगे
सीएम ने बताया कि केंद्रीय बजट में भारत के लिए बताए गए तीन कर्तव्य देश की आर्थिक प्रगति को और बढ़ावा देंगे। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में भारत विश्व की सर्वोच्च अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प इस बजट में परिलक्षित होता है।

प्रदेश को होगा काफी लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास और सभी शहरी आर्थिक क्षेत्रों पर 5 साल में 5000 करोड रुपए खर्च करने, छोटे शहरों में तीर्थ स्थल विकसित करने, प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास के निर्माण और जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने की व्यवस्था से प्रदेश को बहुत लाभ होगा।

केयर इकोसिस्टम के माध्यम से बुजुर्गों का सही समय पर इलाज और गंभीर बीमारियों के लिए सस्ती दवाइयों के प्रावधान से भी सभी वर्गों का फायदा होगा। केंद्रीय बजट में भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में ठोस कदम दर्शाए गए हैं।

देश को बायोफार्मा हब बनाने, विनिर्माण क्षेत्र में रणनीतिक विकास तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में अनुसंधान और विकास के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रबंध किया गया है।

रोजगार के नए अवसर सृजित करने के प्रयास
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट द्वारा पर्यटन स्थलों पर गाइड रखकर रोजगार के नए अवसर सृजित करने के प्रयास किए गए हैं, इसके साथ ही पुरातत्व की दृष्टि से समृद्ध स्थलों को पर्यटन के लिए खोलने के निर्णय से प्राचीन विरासत को बेहतर रूप से समझने का अवसर मिलेगा।

मध्यप्रदेश सरकार हेलीकॉप्टर सेवा में वीजीएफ देकर प्रोत्साहन दे रही है और केंद्र सरकार की सीप्लेन योजना से पर्यटन सुविधाओं का और अधिक विस्तार होगा।

वस्त्र और परिधान उद्योग में सुधारों पर बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट में वस्त्र और परिधान उद्योग में सुधारों पर बल दिया गया है, इससे मध्य प्रदेश को भी लाभ मिलेगा। नेशनल हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम, महात्मा गांधी ग्राम स्वराज इनिशिएटिव और मेगा टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना से देश और प्रदेश के बुनकरों और हैंडलूम उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा।

तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्य प्रदेश को पीएम मित्र पार्क के रूप में टेक्सटाइल क्षेत्र की बड़ी सौगात दी है इससे तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ ही 6 लाख किसानों को लाभ होगा।

मालवा-निमाड़ अंचल नई उड़ान के लिए तैयार
इस पार्क से प्रदेश का मालवा-निमाड़ अंचल नई उड़ान के लिए तैयार है। केंद्र सरकार की वस्त्र और परिधान उद्योग की दूरगामी नीतियों से संपूर्ण राष्ट्र के साथ-साथ मध्य प्रदेश को भी विशेष लाभ होगा।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट में छोटे करदाताओं के लिए आयकर प्रक्रिया आसान की गई है। केंद्रीय बजट में राजकोषीय घाटे का 4.3 प्रतिशत का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो मध्यप्रदेश के लिए भी लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि राज्यों के लिए 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपए के अनुदान का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश भी लाभान्वित होगा।

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