मरीजों की जान दांव पर लगा रहा है बिना अनुमति का निर्माण: प्रशासन की नाक के नीचे ‘केयर सीएचएल’ का बड़ा खेल
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के रसूखदार अस्पतालों में शुमार केयर सीएचएल की तानाशाही और नियमों को ठेंगे पर रखने की फितरत आम जनता और मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। परिसर में बेखौफ अतिक्रमण और बिना अनुमति निर्माण ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा रखी है।
ताज्जुब है बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन की सेहत पर असर नहीं पड़ा, जिसके बाद अब सीएमएचओ ने अंतिम चेतावनी जारी कर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने का डंडा तान दिया है।
सरकारी जांच में खुलासा हुआ अस्पताल के भीतर और आसपास बड़े पैमाने पर अनधिकृत अतिक्रमण किया है, जो न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन है बल्कि किसी भी आपात स्थिति में भर्ती मरीजों और वहां आने वाले हजारों लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
विभागीय सूत्रों की मानें तो दिसंबर 2025 में ही स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन प्रबंधन ने 15 दिन का समय मांगकर मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की। हद तो तब हो गई जब अस्पताल ने जवाब देने के बजाय अपनी मनमर्जी जारी रखी और बिना किसी सक्षम स्वीकृति के धड़ल्ले से अवैध निर्माण चालू रखा।
पंजीकरण रद्द करने की चेतावनी
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल की इस कार्यप्रणाली को जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा और शासन के आदेशों की खुली अवहेलना माना है। सीएमएचओ डॉ. माधवप्रसाद हसानी ने आदेश में साफ कर दिया गया है अस्पताल ने अपनी हरकतों पर तत्काल विराम नहीं लगाया, तो ‹म.प्र. उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं नियम› के तहत उसका पंजीयन रद्द कर दिया जाएगा।
अब गेंद केयर सीएचएल प्रबंधन के पाले में है, जिसकी एक और गलती अस्पताल के अस्तित्व पर ताला जड़ सकती है। इस सख्त रुख ने शहर के अन्य उन संस्थानों में भी हड़कंप मचा दिया है जो सेवा के नाम पर अवैध निर्माण की नींव पर कारोबार चला रहे हैं।
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