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तिवारी मां-बेटे ने लाखों रुपए हड़प लिए, चौकसे: लेक पार्क कॉलोनी को लेकर पीड़ित महेंद्र चौकसे ने लगाया आरोप

KHULASA FIRST

संवाददाता

08 फ़रवरी 2026, 9:40 पूर्वाह्न
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तिवारी मां-बेटे ने लाखों रुपए हड़प लिए, चौकसे

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
चोइथराम अस्पताल के पास बसी ग्रीन पार्क हाउसिंग सोसायटी की लेक पार्क कॉलोनी को लेकर पीड़ित महेंद्र चौकसे ने आरोप लगाया है कि संस्था के अध्यक्ष यशराज तिवारी और उनकी माता माया तिवारी ने उनके साथ धोखाधड़ी करके लाखों रुपए हड़प लिए। उनसे कालोनी के 100 प्लॉटों का सौदा किया था।

चौकसे ने बताया कि मां-बेटे ने पहले उनका भरोसा जीता, फिर लगातार रकम मंगवाई और बाद में न प्लॉट दिया और न पैसा वापस दिया। वे मांगते तो टालमटोली करते थे। उन्होंने बताया कि 2023 से 2024 के बीच अलग-अलग तारीखों में उन्होंने कई बार आरटीजीएस, जीपे आदि के जरिए पैसे ट्रांसफर किए। जब भी प्लॉट की बात होती, वो नए बहाने बनाते और आश्वासन देते थे।

दस्तावेजों में दर्ज बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल भुगतान के प्रमाण यह दर्शाते हैं कि रकम कोई एक-दो बार नहीं, बल्कि लंबी अवधि में बार-बार ली गई। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि जिन प्लॉटों में निवेश कराया गया उसके दस्तावेजों को लेकर भी स्थिति संदिग्ध थी।

तिवारी परिवार ने बार-बार मांगने के बावजूद स्पष्ट कागजात नहीं दिए। पूरा खेल पहले से तय रणनीति के तहत खेला। इस पूरे घटनाक्रम ने उन्हें भारी आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक तनाव भी दिया। उन्होंने लेनदेन की राशि के सभी ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, भुगतान विवरण और संबंधित दस्तावेज भी जांच एजेंसियों को सौंपे हैं। यह सुनियोजित तरीके से किया गया आर्थिक अपराध है।

100 प्लॉटों का सौदा कर 11 लाख लिए
चौकसे ने बताया कि 25 जुलाई 2023 को यशराज और संचालक मोहम्मद कलीम ने एमओयू साइन किया तब दो गवाह सचिन हाॢडया व अक्षय चौकसे मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने 11 लाख रुपए लिए और भरोसा दिया कि 100 प्लॉट जिनका क्षेत्रफल 1 लाख स्क्वेयर फीट है, उसके दस्तावेज जल्दी दिए जाएंगे लेकिन नहीं दिए।

उन्होंने मुझसे 80 लाख रुपए खाते में जमा कराए जिसका प्रमाण मौजूद है। जबकि वे उस वक्त संस्था के अध्यक्ष नहीं थे और उन्हें सौदा करने का अधिकार नहीं था। इस तरह उनसे यशराज तिवारी व उनकी माता माया तिवारी ने धोखाधड़ी की।

प्लॉटों पर निर्माण नहीं
चौकसे ने आरोप लगाया पूर्व प्रबंध कारिणी में स्व. शैलेंद्र तिवारी अध्यक्ष थे तब उन्होंने सदस्यों को पंजीकृत विलेख निष्पादित कराए थे, लेकिन इसके बाद शासन ने अनुमतियां व आपत्तियां निरस्त कर दी थीं। इसलिए सदस्य प्लॉट पर निर्माण नहीं कर पा रहे हैं। इसके बाद संस्था के चुनाव में उनके पुत्र यशराज तिवारी अध्यक्ष बने और माता माया तिवारी संचालक बनीं।

चौकसे ने इतना पैसा दिया
पीडि़त महेंद्र चौकसे ने बताया कि वर्ष 2023 में 27 जुलाई को 5 लाख, 3 अगस्त को 50-50 हजार, 7 अगस्त को 2 लाख, 50 हजार व 5 हजार, 8 अगस्त को 50 हजार, 9 अगस्त को एक लाख, 17 अगस्त को एक लाख, 29 अगस्त को एक लाख, 15 सितम्बर को 20 हजार, 29 सितम्बर को 2 लाख, 3 नवम्बर 1.50 लाख, 22 नवम्बर को 50 हजार, 15 दिसम्बर को 20 हजार पैसा जीपे और अन्य माध्यमों से उन्हें दिए गए।

इसी तरह वर्ष 2024 में 6 जनवरी को 50 हजार, 12 जनवरी को 10 हजार, 20 जनवरी को 5 हजार, 12 फरवरी को 30 हजार, 14 फरवरी को 10 हजार, 18 फरवरी को 50 हजार, 2 मार्च को 1.50 लाख, 7 मार्च को 15 हजार, 8 मार्च को 50 हजार, 9 मार्च को 50 हजार, 15 मार्च को 4 लाख, 16 मार्च को 50 हजार, 19 मार्च को 50 हजार, 24 मार्च को 50 हजार-एक लाख, 27 मार्च को 50 हजार, 1 अप्रैल को 80 हजार, 2 अप्रैल को 50 हजार, 6 अप्रैल को 50 हजार-1.50 लाख, 8 अप्रैल को 34 हजार, 15 अप्रैल को 50 हजार, 22 अप्रैल 44 हजार, 25 अप्रैल को 22 हजार, 30 अप्रैल को 70 हजार, 6 मई को 2 लाख, 17 मई को 1.60 लाख, 21 मई को 15 हजार, 7 जून को 50-50 हजार, 20 जून को 10 हजार-58,500,24 जून को 7 हजार, 6 जुलाई को 10,500, 10 जुलाई को 3 हजार, 18 अगस्त को 50 हजार, 22 अगस्त को एक लाख रुपए प्रदान किए गए।


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