टीआई बदले सिस्टम नहीं: पर्दे के पीछे कौन; थाने में सौदा, बाहर धमकी और डील का काला सच
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
चंदन नगर थाना फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। सवाल उठ रहे हैं क्या तत्कालीन थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल आज भी पर्दे के पीछे से संचालन कर रहे हैं! पीड़ित परिवार का आरोप है पॉक्सो जैसे संवेदनशील मामले में आज भी उन पर राजीनामे का अनैतिक दबाव बनाया जा रहा है, वह भी थाने बुलाकर खुलेआम धमकियों के जरिए।
पीड़ित पक्ष के अनुसार संजय दुबे के खिलाफ पॉक्सो का प्रकरण है। 27 दिसंबर को तत्कालीन थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल आरोपी के बेटे राजा को सैलून से उठाकर थाने ले गए थे और हथकड़ी लगाकर 30 घंटे से अधिक समय तक अवैध रूप से बैठाए रखा था। आरोपी पक्ष के वकील ने 28 दिसंबर को हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की, जिसमें थाने के कुछ वीडियो भी पेश किए गए।
पीड़ित परिवार का आरोप है इस पर कार्रवाई की तलवार लटकते देख तत्कालीन थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल ने आरोपी पक्ष से गुप्त समझौता बैठक की। तय हुआ हाई कोर्ट में दायर याचिका वापस ले ली जाए तो पुलिस आरोपी का पूरा साथ देगी।
इसके बाद नाटकीय ढंग से पहले वकील बदला गया और 9 जनवरी को याचिका भी वापस ले ली गई। आरोप है इसी समझौते के तहत आरोपी संजय दुबे की अग्रिम जमानत के समय हाई कोर्ट में पुलिस द्वारा ऐसा प्रतिवेदन भेजा गया, जिससे जमानत में बाधा न आए। पीड़ित पक्ष का कहना है आरोपी ने आवेदन में घटनास्थल बड़ा गणपति चौराहा बताया, जो चंदन नगर नहीं बल्कि मल्हारगंज थाना क्षेत्र में आता है, फिर भी जांच नहीं की गई।
एआई कॉल रिकॉर्डिंग और डीएनए जांच पर सवाल
पीड़ित परिवार का दावा है आरोपी की ओर से एआई से तैयार फर्जी कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर फरियादी पर आरोप लगाए गए, जबकि फरियादी पक्ष के वॉइस सैंपल लेकर जांच की जाना चाहिए थी। ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया।
सबसे गंभीर आरोप है आज भी तत्कालीन थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल के इशारे पर फरियादी परिवार को परेशान किया जा रहा है। चंदन नगर थाने की पुलिसकर्मी संध्या निगम परिवार को बार-बार थाने बुलाती हैं, लेकिन न बयान लिए जाते हैं न कोई कार्रवाई होती है। पीड़ित परिवार मजदूरी करता है और थाने के चक्कर काटने से उनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ रहा है।
पीड़ितों का कहना है तीन दिन से मकान खाली करने का दबाव बनाया जा रहा था। नहीं माने तो शुक्रवार को सुबह 11 बजे थाने बुलाया। पहुंचने पर कहा अधिकारी थाने में नहीं हैं। आरोपी पक्ष के साथ ‘बैठक’ करवाई जाएगी।
थाने में धमकी
पीड़ित परिवार का आरोप है थाने में मौजूद पुलिसकर्मी धर्मेंद्र चंद्रावत ने साफ कहा दो पुलिस वाले भेजकर मकान खाली करवा देंगे। वहीं आरोपी का बेटा राजा दुबे कथित तौर पर कहता रहा ले-देकर मामला खत्म कर लो। डीएनए तो मैच हुआ नहीं।
पीड़ित परिवार का कहना है न्यायपालिका पर भरोसा है। केंद्रीय लैब से डीएनए जांच के लिए कोर्ट में प्रक्रिया शुरू कर दी है। पूरे घटनाक्रम को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शिकायत की है। सवाल है क्या चंदन नगर थाना सच में स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है या कोई अदृश्य सत्ता फैसले कर रही है?
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