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300 रुपए का चालान नहीं भर पाए मंडल अध्यक्ष: स्कूटी छुड़वाने चौराहे पर उतर आया पूरा संगठन

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 फ़रवरी 2026, 7:44 पूर्वाह्न
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300 रुपए का चालान नहीं भर पाए मंडल अध्यक्ष

एक स्कूटी छुड़वाने 12 कार्यकर्ता तीन गाड़ियों से पहुंचे

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में पुलिस रोजाना हेलमेट और सीट बेल्ट को लेकर जागरूकता अभियान चला रही है, लेकिन नियमों को सबसे ज्यादा ठेंगा दिखाने वाले खुद सत्ताधारी दल के नेता ही नजर आ रहे हैं। आम जनता के लिए नियम सख्त हैं, लेकिन नेताओं के लिए कानून अलग ही नजर आता है।

सोमवार को ऐसा ही नजारा पलासिया चौराहा पर देखने को मिला, जहां बिना हेलमेट पहने भाजपा के मंडल अध्यक्ष की स्कूटी जब्त की गई, लेकिन मात्र 300 रुपए का चालान भरने के बजाय स्कूटी छुड़वाने पूरा संगठन मौके पर जा पहुंचा।

भागीरथपुरा क्षेत्र में जहां संगठन के नेता आमतौर पर एक साथ दिखाई नहीं देते, वहीं मंडल अध्यक्ष की स्कूटी पकड़े जाने की खबर मिलते ही तीन फोर व्हीलर गाड़ियों में भरकर 12 से अधिक कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। वजह साफ थी, मंडल अध्यक्ष 300 रुपए का चालान भरने को तैयार नहीं थे।

नेता चंदू शिंदे और उनके साथ आए कार्यकर्ता गाड़ियों से उतरे जरूर, लेकिन मीडिया की मौजूदगी देखते ही अपनी गाड़ियों में बैठकर रवाना हो गए। इसके बाद गाड़ी में बैठे-बैठे कभी पलासिया थाने के प्रधान आरक्षक रिंकू राजपूत को फोन लगाया गया तो कभी यातायात के जवानों और अधिकारियों को।

जानकारी के अनुसार पहले डीसीपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को फोन लगाए गए, लेकिन जब बात नहीं बनी और मंडल अध्यक्ष चालान नहीं भर पाए, तो यातायात विभाग के वही अधिकारी मौके पर पहुंचे, जो पहले भी विवादों और सुर्खियों में रहे हैं।

यातायात एसीपी हिंदूसिंह मुवेल पलासिया चौराहा पहुंचे और मौके पर मौजूद जवान को स्कूटी की चाबी देने के निर्देश दिए। इसके बाद मंडल अध्यक्ष पंकज चौबे मोबाइल पर बात करते हुए यातायात चेकिंग के बीच से ही बिना किसी कार्रवाई के निकल गए।

तब लाइन अटैच हुए थे मुवेल...
एसीपी हिंदूसिंह मुवेल का नाम इससे पहले भी कई मामलों में सामने आ चुका है। कुछ समय पहले पुलिस कमिश्नर द्वारा यातायात जागरूकता के लिए जिन वाहनों को हरी झंडी दी गई थी, उनमें से कुछ वाहन उज्जैन पासिंग के पाए गए थे।

बाद में एसीपी स्तर पर उन गाड़ियों के नंबर एमपी 13 से बदलकर एमपी 09 ई प्लेट बनवाकर लगवा दिए गए, जिसकी भनक न किसी अधिकारी को लगी और न ही कोई कार्रवाई हुई।

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक मीडिया संस्थान ने इसकी गहराई से जांच कर खबर प्रकाशित की। इसके बाद मुवेल को कुछ समय के लिए सीपी ऑफिस अटैच कर दिया गया था।

वरिष्ठ अफसरों के निर्देश हुए हवा... सोमवार को ही भंवरकुआं क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से जुड़े एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद डीसीपी आनंद कलादगी ने एसीपी को तत्काल स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए थे, लेकिन एसीपी अपनी ही धुन में नजर आए।

दिलचस्प यह रहा कि उसी दिन पुलिस कमिश्नर द्वारा आम जनता को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से एक बड़े प्रतीक चिह्न का अनावरण किया गया, लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद एक नेता के लिए सभी नियम ताक में रख दिए गए।

यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर सवाल खड़े करता है कि कानून क्या सिर्फ आम जनता के लिए है? नेताओं को किस आधार पर इसमें छूट मिल जाती है? नियम सभी के लिए समान... मामले को लेकर जब पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह से चर्चा की तो उनका कहना था कि जो घटना आपके द्वारा बताई गई, उस समय कौन-कौन अधिकारी वहां खड़ा था, उनसे जानकारी लेकर नियम का उल्लंघन करने वाले पर कार्रवाई की जाएगी। नियम सभी के लिए एक जैसे हैं, फिर चाहे अफसर हो या आमजन।

पेंडिंग चालान बनाया, नाम याद नहीं... इधर, एसीपी हिंदूसिंह मुवेल का कहना है यदि किसी वाहन चालक के पास हेलमेट का चालान कटाने का पैसा नहीं है, तो उसका हम पेंडिंग चालान बना देते हैं। मुझे इस बारे में जानकारी नहीं कि वो कौन सी पार्टी के और कौन से पदाधिकारी हैं, लेकिन हां, उन्हें शायद रोका गया था और उनके खिलाफ पेंडिंग चालान की कार्रवाई की गई है। चालान बिना हेलमेट का 300 का फाइन है। अब मैं देख के बता पाऊंगा। अभी मुझे याद नहीं है उनका नाम।

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