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कानून पड़ा हल्का शिकायत की कीमत खून से चुकाई: पतंग पर टोका तो जवाब में पथराव; केस दर्ज कराया तो रॉड और पाइप से फोड़ा सिर, तोड़ा पैर

KHULASA FIRST

संवाददाता

13 जनवरी 2026, 8:15 पूर्वाह्न
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कानून पड़ा हल्का शिकायत की कीमत खून से चुकाई

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
तुकोगंज पुलिस की लापरवाही ने बदमाशों के हौसले बुलंद कर दिए हैं। पतंग उड़ाते बच्चों को पत्थर फेंकने से रोकना एक परिवार को इतना महंगा पड़ा कि बदमाशों ने पहले घर पर पथराव किया। पुलिस की मौजूदगी में बेसबॉल का डंडा लहराते हुए गालियां दीं। पुलिस ने केस तो दर्ज किया, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की।

नतीजा ये हुआ कि पीड़ित परिवार के युवक को बदमाशों ने लहूलुहान कर सिर फोड़ दिया और पैर तोड़ दिया। इससे भी दुखद ये कि गंभीर घायल इस युवक के मामले में पुलिस ने मामूली धाराओं में कार्रवाई की। अब पीड़ित और उसके परिवार को जान का खतरा सता रहा है। पुलिस की बदमाशों पर नरमी एक पीड़ित पर बेरहमी का कारण बन गई।

गोमा की फैल (मालवा मिल) में पूजा पति परसराम नायक ने 30 दिसंबर की रात तुकोगंज थाने में क्षेत्र के बदमाश गोलू श्रीवास और अमन श्रीवास पर केस दर्ज कराया था। कहना था कि शाम को वह घर में थी। मकान के पीछे पतंग उड़ा रहे बच्चे पतंग फाड़ने के लिए पत्थर फेंक रहे थे।

बच्चों को कोचिंग पढ़ा रही ननद कविता ने ऐतराज जताया तो बच्चों की ओर से कुछ देर बाद मोहल्ले के गोलू श्रीवास और अमन श्रीवास आ धमके। सड़क पर पड़े पत्थर उठाकर उनके घर पर फेंकने लगे, जो कि खिड़की, दरवाजों पर लगे और घर की चद्दर पर गिरे।

विरोध करने पर गालियां देकर धमकाने लगे। पति परसराम आए तो उन्हें भी गालियां देकर धमकाया। सूचना पर तुकोगंज पुलिस आई तो उनके सामने भी बैसबॉल का डंडा दिखाकर बेखौफ होकर गालियां देते रहे।

पुलिस ने मामूली धाराओं में दर्ज किया केस
अस्पताल में भर्ती परसराम पिता मोहनलाल नायक (40) ने खुलासा फर्स्ट को बताया कि घटना दिनांक को थाने पहुंचने पर पुलिस ने पत्नी पूजा नायक की रिपोर्ट पर आरोपियों पर केस दर्ज किया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

उलटा आरोपियों के दबाव में हम पर झूठा केस लाद दिया। इससे बदमाशों के हौंसले बढ़ गए। 9 जनवरी को मैं बहन कविता के साथ गोमा की फैल में ही सब्जी खरीद रहा था कि तभी गोलू श्रीवास अपने साथियों मोनू श्रीवास, मोहन वर्मा और अक्षत के साथ वहां आ धमका।

मोनू के हाथ में रॉड तो गोलू के हाथ में लोहे का पाइप था। आते ही दोनों ने गालियां देते हुए हमला कर दिया। मोनू ने सिर पर रॉड मारी तो गोलू ने पाइप से पैर पर मारना शुरू कर दिया। सिर पर रॉड लगने से खून बहने लगा और मैं अचेत होकर गिर गया तो अक्षत और मोहन ने भी लात-घूसों से मारा।

बहन कविता और अन्य लोगों ने बीचबचाव किया तो बदमाश धमकाते हुए चले गए। मुझे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां मुझे भर्ती कर लिया गया। सूचना पर पुलिस अस्पताल पहुंची और मेरे कथन लेने के बाद केस तो दर्ज किया, लेकिन मामूली धाराओं में।

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