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साढ़े चार घंटे में हत्यारे धराए: मामूली टक्कर के बाद युवक को मौत के घाट उतारा था

KHULASA FIRST

संवाददाता

12 फ़रवरी 2026, 10:11 पूर्वाह्न
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साढ़े चार घंटे में हत्यारे धराए

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
विजय नगर थाना क्षेत्र मंगलवार रात खूनी संघर्ष से दहल उठा था। मामूली कंधा टकराने की बात ने देखते ही देखते ऐसा उग्र रूप लिया कि एक युवक की जान चली गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने अभूतपूर्व तेजी दिखाते हुए महज साढ़े चार घंटे के भीतर सभी आरोपियों को धरदबोचा।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस की गाड़ियां देखते ही आरोपी भागने लगे और अफरा-तफरी में गिरकर अपने ही हाथ-पैर तुड़वा बैठे। उपचार करवाकर पूछताछ शुरू की गई है। एसीपी पराग सेनी के अनुसार घटना रात करीब 10:45 बजे एबी रोड स्थित शराब दुकान के पास हुई।

अखिलेश पिता प्रकाश वासरे बीयर पीने पहुंचा था। पीकर सर्विस रोड से गुजर रहा था, तभी सामने से आ रहे गोलू चंद्रवंशी से उसका कंधा टकरा गया। मामूली टकराव ने कुछ ही क्षणों में तीखी बहस और फिर खुली मारपीट का रूप ले लिया। उस समय गोलू के साथ उसका मित्र हरिओम था, जबकि अखिलेश के साथ करण ।

विवाद बढ़ता देख करण ने फोन कर परिचित गोलू पिता चेनसिंह चंद्रवंशी (29) और हरिओम को बुला लिया। उधर दूसरे पक्ष ने भी साथियों को बुला लिया। दोनों पक्ष आमने-सामने आए तो हालात बेकाबू हो गए। गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद हाथापाई में बदला और फिर खूनी हमले तक जा पहुंचा।

बीचबचाव की कोशिशों के बीच अखिलेश ने अचानक बीयर की बोतल फोड़कर उसे हथियार बना लिया और ताबड़तोड़ वार कर दिए। हरिओम की कमर में बोतल घुस गई, जबकि गोलू पर तीन से चार वार किए गए। पेट में गहरे जख्म से अत्यधिक रक्तस्राव होने से गोलू की मौत हो गई।

थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल के अनुसार सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। घटनास्थल पर अंधेरा होने से आरोपियों की स्पष्ट पहचान चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन पुलिस ने शराब दुकान और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।

तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर रात करीब साढ़े तीन बजे तक सभी आरोपियों के पते पुलिस के पास थे। थाना प्रभारी पटेल ने एक साथ दबिश देने का निर्णय लिया, ताकि आरोपी मोबाइल के जरिए एक-दूसरे को सतर्क न कर सकें। ताबड़तोड़ कार्रवाई कर टीमों ने एक साथ सभी के ठिकानों पर धावा बोला।

पुलिस वाहन देखते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन अंधेरे और हड़बड़ी में गिरकर चोटिल हो गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस का कहना है आरोपियों को रात में ही गिरफ्तार करना बेहद जरूरी था। आशंका थी सुबह गोलू की मौत की खबर फैलती तो शहर छोड़ सकते थे।

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