स्वच्छता के गुरु का ढिंढोरा: बेशर्मी की हद पार करता निगम; दूषित पानी से लगातार मौतें, फिर भी
KHULASA FIRST
संवाददाता

सुबह 6 बजे से तेज कर्कश आवाज में स्पीकर बजाते हुए गलियों में दौड़ रही कचरा गाड़ियां...
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के कई क्षेत्रों में अब सुबह की शुरुआत नगर निगम की कचरा गाड़ियों पर बजते तेज स्पीकर से होती है। सुबह ठीक छह बजे ‘स्वच्छता के हम बन गए गुरु’ का गीत गूंजता है और नींद में डूबे बच्चे, बुजुर्ग व महिलाएं चौंककर उठ बैठते हैं।
आवाज इतनी तेज और कर्कश कि मानों उपलब्धि नहीं, चेतावनी हो। कचरा गाड़ियां शहर की गलियों में बदबू फैलाती गुजरती हैं और स्पीकर पर स्वच्छता का गुणगान चलता रहता है।
सवाल यह है कि क्या यह वही निगम नहीं है, जिसके जिम्मे शहर को शुद्ध पानी देना था? भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों का दर्द अभी ठंडा भी नहीं पड़ा, परिवार अपनों को खोने के सदमे से उबर भी नहीं पाए और निगम ‘स्वच्छता के गुरु’ होने का ढिंढोरा पीटने लगा है। यह विडंबना नहीं तो और क्या है? जिन घरों में मातम पसरा हो, वहां स्वच्छता का गीत बजाना संवेदनशीलता है या बेशर्मी की पराकाष्ठा?
देश ही नहीं, विदेशों तक इंदौर का नाम स्वच्छता के कारण पहुंचा था, लेकिन हालिया घटनाओं ने शहर की छवि पर गहरा दाग लगाया है। दूषित पानी से मौतों की खबरें राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनीं। इसके बावजूद निगम अफसरों के चेहरे पर शिकन तक नहीं।
ऐसा प्रतीत होता है जैसे जिम्मेदारी शब्द उनकी शब्दावली से गायब हो चुका हो। विश्व स्तर पर हुई आलोचना के बीच भी वे स्वयं को ‘नंबर वन’ बताने में तनिक शर्म महसूस नहीं कर रहे। शहरवासियों को उम्मीद थी कि लगातार हो रही मौतों के बाद कम से कम इस वर्ष निगम आत्ममंथन करेगा और स्वच्छता रैंकिंग के दावों में थोड़ी विनम्रता दिखाएगा।
लेकिन यहां तो उलटा ही नजारा है। ढोल-नगाड़े पहले से ज्यादा बज रहे हैं। सवाल उठता है कि क्या यह स्वच्छता का गौरव है या फिर केंद्र से मिलने वाले फंड का मोह? क्या ‘नंबर वन’ का तमगा जनभावनाओं से ऊपर हो गया है?
कुछ समय पहले इंदौर में भारत बनाम न्यूजीलैंड का मैच आयोजित हुआ था। उस दौरान यह चर्चा भी सामने आई कि खिलाड़ियों को पीने के पानी के लिए आरओ मशीनों की व्यवस्था करनी पड़ी। यदि शहर अपने नागरिकों और मेहमानों को शुद्ध पानी तक उपलब्ध नहीं करा सकता, तो फिर स्वच्छता के गीत किस आधार पर गूंज रहे हैं?
क्या सिर्फ कचरा उठाना ही स्वच्छता है? पीने का पानी उसकी परिभाषा में शामिल नहीं? यदि सचमुच हिम्मत है, तो यही स्वच्छता का गीत भागीरथपुरा की गलियों में बजाकर दिखाया जाए। उन परिवारों की आंखों में आंखें डालकर कहा जाए कि ‘हम बन गए गुरु।’ वहां इस गीत का असली उत्तर मिल जाएगा। लेकिन अफसरशाही की सोच यही है, स्पीकर पर तेज व कर्कश आवाज में गीत बजाओ और मूल मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाओ।
प्रशासन ने मौतों पर पुरानी बीमारियों का हवाला देकर अपने दायित्व से पल्ला झाड़ लिया, पर जिन घरों के चूल्हे ठंडे हुए, जिन बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठा, उनके घाव इन आंकड़ों से नहीं भरेंगे। यदि इंदौर नगर निगम में थोड़ी भी नैतिकता शेष है, तो उसे इस वर्ष स्वच्छता प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले आत्मविश्लेषण करना चाहिए।
नंबर वन का तमगा पाने से अधिक जरूरी है नागरिकों का विश्वास बचाना। स्वच्छता केवल सड़कों से नहीं, व्यवस्था की नीयत और जिम्मेदारी से भी मापी जाती है।
संबंधित समाचार

वीडियो देखिये, ई 20 पर सियासी घमासान:पटवारी के बयान पर भाजपा का पलटवार, कहा- जनता को गुमराह कर रही कांग्रेस

देखिए वीडियो, नशे में 30 जिंदगियों से खिलवाड़:चेकिंग में पकड़ाया वोल्वो ड्राइवर; पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

नेपाल में फिर जलप्रलय का खतरा:18 किलोमीटर ऊपर बनी झील; चीन ने जारी की चेतावनी

‘वीरू’ की दोस्ती का निकला चौंकाने वाला सच:पहचान छिपाने; जबरदस्ती और वीडियो से ब्लैकमेलिंग का आरोप

पार्किंग का ताला काटकर लाखों की लाख की कार उड़ाई:एक आरोपी गिरफ्तार; दूसरा फरार

दुर्लभ केस में कमाल:दोनों किडनियों में था कैंसर; डॉक्टरों ने सिर्फ गांठें निकालीं और दोनों बचाईं

कार के डैशबोर्ड में छिपा था नशे का खेल:लिस्टेड गुंडा समेत तीन गिरफ्तार; पुलिस खंगाल रही नेटवर्क के तार

मोमोज के ठेले पर कहासुनी बनी खूनी वारदात:डिलीवरी बॉय की गोली मारकर हत्या; पुलिस जांच में जुटी

250 साल पुराना चमत्कार अब बड़े पर्दे पर:द कॉल ऑफ कचनेर की शहर में शूटिंग; नवंबर में रिलीज की तैयारी

राखियों से सजी कलाई:आशीर्वाद से बढ़ी ताकत; मंत्री ने 10 हजार बहनों संग मनाया रक्षाबंधन

बारिश आई तो बढ़ी मुसीबत:कीचड़ और जलभराव से परेशान रहवासी; कलेक्टर से लगाई गुहार

डिग्री मिलते ही शुरू हुई सपनों की उड़ान:700 विद्यार्थियों को डिग्री; मेधावियों को मिले गोल्ड मेडल

नेपाल की बाढ़ ने बढ़ाई चिंता:73 पावर प्रोजेक्ट कर्मचारी; कैलाश मानसरोवर गए समूह भी फंसे

मिल्क केक के नाम पर क्या बेच रहे थे:खाद्य विभाग ने मारा छापा; अमानक मिठाई जब्त कर मौके पर कराई नष्ट

गाड़ी फंसाकर रील बनाई तो भड़के एमआईसी सदस्य:बोले- निर्माणाधीन रोड पर नौटंकी नहीं; विकास में करें सहयोग

वीडियो देखिए, कलम-कैमरा छोड़ा संभाली ट्रैफिक की कमान:चौराहे पर जाम खुलवाकर दिया जिम्मेदारी का संदेश

थैला लेकर गांजा बेचने निकला, पुलिस ने दबोचा:16 किलो से ज्यादा माल; पिस्टल और कारतूस बरामद, आरोपी गिरफ्तार

जुलूस में क्या उड़ाया:चित्रों पर छिड़ा विवाद; पुलिस ने शुरू की जांच, दोनों पक्षों ने रखी अपनी बात

20 मिनट की उड़ान... फिर मौत का मंजर:हवा में डगमगाया ट्रेनिंग प्लेन; खेत में गिरकर चकनाचूर, पायलट-ट्रेनी की मौत

चीफ गेस्ट पर छात्रों का विरोध:विवि ने दीक्षांत समारोह किया रद्द; अब समारोह के बिना दी जाएंगी डिग्रियां
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!