टोपीबाज जीतू-शुब्बू की सल्तनत ढही: साइबर ठगी के ‘कुख्यात सुपर विलेन’ गिरोह का खुलासा
KHULASA FIRST
संवाददाता
देवास पुलिस ने उड़ाए शातिरों के होश, पूरी गैंग गिरफ्तार
संजू बंजारिया 83051-16137 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर में बैठकर देश-विदेश तक साइबर ठगी का तानाबाना बुनने वाले कुख्यात टोपीबाज जितेंद्र उर्फ जीतू राजपूत और शुभम उर्फ शुब्बू आखिरकार कानून के शिकंजे में फंस गए।
खुद को बेहद शातिर समझने वाले इन ठगों ने चालाकी और नेटवर्क के दम पर बड़ी संख्या में नागरिकों को करोड़ों से साइबर ठगी का शिकार बनाया। आरोपी देवास मीडिया के कैमरों के आगे मुंह छुपाने लगे, लेकिन खुलासा फर्स्ट इन सभी ठगों के चेहरे बेनकाब कर रहा है...जिन्हें ऑपरेशन मैट्रिक्स’ के तहत देवास पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मास्टर माइंड जीतू और शुब्बू सहित 9 को गिरफ्तार किया।
ठगों के पास से 2 लाख रु., 19 एंड्रॉइड फोन, फर्जी दस्तावेज, एटीएम कार्ड व लग्जरी कार जब्त की है। साथ ही, साइबर धोखाधड़ी से जुड़े लगभग 13 लाख रुपए बैंक खातों में फ्रीज कराए गए हैं। खुलासा हुआ है कि आरोपी चीन की कंपनियों के साथ मिलकर भारत के लोगों से सुनियोजित तरीके से ठगी कर रहे थे।
युवाओं को भरोसे में लेकर लालच देकर उनके बैंक खातों का ठगी के लिए इस्तेमाल होता था। साइबर अपराधियों का साम्राज्य तब चकनाचूर हो गया, जब पूरा गिरोह पुलिस शिकंजे में आया।
टोपीबाज गिरोह के विदेशी कनेक्शन, काले लेन-देन के नेटवर्क का पहली बार खुलासा हुआ है। विदेशी नेटवर्क सामने आने के बाद खुफिया एजेंसिया अलर्ट हो गई, संभवतः एजेंसियां भी पूछताछ कर सकती है।
देवास एसपी पुनीत गेहलोद के मुताबिक, सूचना मिली थी कि एक होटल में कुछ संदिग्ध ठहरे हुए हैं। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और साइबर ठगी से जुड़े आरोपियों को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए, जिसके बाद टीम गठित की गई।
टीम ने ठग गिरोह के मास्टरमाइंड आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू राजपूत (13 न्यू गांधी पैलेस, इंदौर और शुभम उर्फ शुब्बू राजनगर, कालानी नगर, मुनेश्वर सेन निवासी धर्मपुरा, दमोह, पीयूष पिता अनिल बिल्लोरे निवासी एरोड्रम, शुभम जोशी न्यू विज्ञान नगर, डाइट रोड, टोंक, राजस्थान, आशीष उर्फ गोलू जैन पुराना थाना, दमोह, गौरव जैन जैन मंदिर के पास, मेन रोड, धनोरा, सिवनी ढाल, मंजीत भाटी म.नं. 110-ए, नगीन नगर, एरोड्रम, नितेश बिरला गोवर्धन पैलेस, शिरपुर धार रोड, हाल मुकाम नंदबाग रोड, शामिल हैं।
आरोपी युवाओं को लालच देकर उनके बैंक खातों को किराए पर लेकर उनका इस्तेमाल ठगी का पैसा डलवाने के लिए करते थे। इन खातों के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपए की साइबर ठगी की जाती थी। ठगी की गई रकम को असली अपराधियों की पहचान छिपाने के लिए ‘म्यूल बैंक खातों’ के जरिए इधर-उधर ट्रांसफर किया जाता था।
टीआई शशिकांत चौरसिया के मुताबिक आरोपी ठगी का पैसा विदेशी करेंसी यूएसडीटी में कनवर्ड कर लेते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19 मोबाइल फोन, 2 चेकबुक, एटीएम कार्ड, आधार-पैन कार्ड, वाई-फाई डिवाइस, सीसीटीवी कैमरे और एक टाटा नेक्सॉन कार जब्त की है। जब्त की गई कुल संपत्ति की अनुमानित कीमत लगभग 29 लाख 77 हजार रुपए बताई जा रही है।
इंदौर क्राइम ब्रांच से फरार ठग विशाल पोटले का कबूला नाम...
खुलासा फर्स्ट को जानकारी लगी है कि टोपीबाज जितेंद्र उर्फ जीतू राजपूत और सुब्बू ने इंदौर क्राइम ब्रांच से ठगी के मामले में फरार कुख्यात ठग विशाल पोटाले का नाम कबूला है। सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने पुलिस को बताया उसको धंधा सिखाने वाला उनका गुरु विशाल पोटाले है। उसी से जीतू और सतबीर और अन्य ने ठगी का धंधा उन्हें सिखा है।
मालूम हो, विशाल ठगी के कई मामलों में फरार चल रहा है। वहीं, टोपीबाज जीतू राजपूत उर्फ जीतू लेफ्टी के बारे में पता चला है, ठगी के लाखों रुपए इधर उधर करने का काम उसका भाई सुमित राजपूत करता है। जबकि उसका खास साथी ठग सतबीर सिंह उर्फ छोटू चाइना की कंपनियों से बात कर ठगी का धंधा ऑपरेट करता है।
ठग टेलीग्राम के माध्यम से कंपनियों से बातचीत करते है। इसके बाद करीब 5 से 10 लाख रुपया कंपनी को एडवांस डालकर काम शुरू करते है। फिर भारतीय नागरिकों को कमिशन का लालच देकर कंपनियों को उनके खाते देते हैं और उन्हीं खातों से ठगी का पैसा डाला जाता है।
खास बात यह कि ठगी का लाखों करोड़ों रुपया भी भारतीय नागरिकों का होता है। जीतू लेफ्टी के खास गुर्गे सतबीर के बारे में पता चला है, उसपर चोरी और लूट के कई अपराधिक मामले दर्ज है।
जीतू के लिए जेल काटता है सतबीर सिंह
ठगी का मास्टर माइंड टोपीबाज जीतू उर्फ जितेंद्र राजपूत और उसका खास गुर्गा सतबीर सिंह उर्फ छोटू को पिछले सालों भोपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। तब जीतू लेफ्टी तोड़बट्टा कर थाने से छूट गया था, लेकिन उसने ठगी में पार्टनर रहने वाले सतबीर को जेल भिजवा दिया था।
इस घटनाक्रम के बाद ठग विशाल पोटले और क्राइम ब्रांच से फरार उसके आका ठग शुभम संसारिया उर्फ नामदेव द्वारा मुखबिरी की शंका के विवाद हुआ था। इसके बाद जीतू और सतबीर पर हमला भी हुआ था। मामले में ठग जीतू लेफ्टी ने एरोड्रम थाने में केस भी दर्ज कराया था। इसके बाद से एक दूसरे की मुखबिरी का दौर शुरू हो गया। तबसे ठगों ने इंदौर छोड़कर अन्य शहर में बैठकर ठगी का नेटवर्क ऑपरेट करना शुरू कर दिया।
पुलिस पर हावी होती हैं घर की महिलाएं
खुलासा फर्स्ट को विभागीय सूत्रों ने बताया कुख्यात ठग जीतू राजपूत उर्फ जीतू लेफ्टी ने उसके घर और आसपास सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे हैं। पुलिस ठगी के मामले में उसे पकड़ने जाती है तो जीतू के घर की महिलाएं पुलिसकर्मियों पर अनर्गल आरोप लगाकर उन्हें सस्पेंड करवाने की धमकी तक देती है।
इसी के चलते वह कई बार बचकर निकल चुका है। पिछले दिनों एक मामले में क्राइम ब्रांच की टीम जीतू को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची थी, तब उसकी मां ने पुलिस को धमकाया था। हालांकि वह आज तक इंदौर पुलिस के हाथ नहीं आया है। लेकिन देवास पुलिस उसे इंदौर से ही दबोचकर ले गई।
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