भागीरथपुरा में जिला प्रशासन ने पांच आरओ प्लांट बंद कराए: सतर्कता दिखाई, आरओ के पानी के नमूने जांच के लिए भेजे
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भागीरथपुरा क्षेत्र में नर्मदा पाइपलाइन में ड्रेनेज का दूषित पानी मिलने से मची जल त्रासदी के बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग विभिन्न अस्पतालों में उपचाररत हैं।
इसी बीच क्षेत्र में संचालित आरओ प्लांट से पानी की सप्लाई जारी रहने की जानकारी सामने आने पर जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी प्लांट बंद करवा दिए हैं।
भागीरथपुरा क्षेत्र में कुल पांच आरओ प्लांट संचालित हैं, जिनके पानी का परीक्षण बीती रात से शुरू कर दिया गया है। जल त्रासदी के बावजूद इन प्लांटों से 20 लीटर की कैन में पानी भरकर भागीरथपुरा सहित आसपास की कॉलोनियों और मोहल्लों में सप्लाई की जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी आरओ प्लांटों का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया।
पानी का वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित
तहसीलदार नारायण नांदेड़ के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने क्षेत्र में संचालित पांचों आरओ प्लांटों पर पहुंचकर जांच शुरू की। प्रत्येक प्लांट से पानी के नमूने एकत्र कर लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेज दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी आरओ प्लांट से पानी का वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
प्रशासन का कहना है कि जलजनित संक्रमण के खतरे को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, ताकि क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।
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