खबर
Top News

जीएसटी विभाग में अफसर और गार्ड सिंडिकेट का काला खेल: अफसरों की शह पर ‘मून रोडवेज’ की बिल्टी से करोड़ों की टैक्स चोरी

KHULASA FIRST

संवाददाता

13 फ़रवरी 2026, 10:31 पूर्वाह्न
323 views
शेयर करें:
जीएसटी विभाग में अफसर और गार्ड सिंडिकेट का काला खेल

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जीएसटी विभाग में बैठे एक संगठित सिंडिकेट को लेकर खुलासा फर्स्ट परत-दर-परत खुलासा करता रहा है। विभाग में पदस्थ अफसरों की कथित शह पर बिल्टी चलाकर करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी करने वाले गार्ड और उनसे जुड़े अफसर खबर प्रकाशित होते ही बौखला उठे हैं। हालात ये हैं कि खुलासा फर्स्ट के स्रोतों का पता लगाने के लिए विभाग के भीतर ही खुफिया पड़ताल शुरू कर दी गई है।

सूत्रों के अनुसार डिवीजन-3 में पदस्थ एक अफसर और एक रिटायर्ड राज्य कर अधिकारी की छत्रछाया में विवेक सिलावट और राजेंद्र यादव उर्फ लल्लू द्वारा बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी का खेल संचालित किया जा रहा है। मून रोडवेज के नाम से कथित रूप से बिल्टियां जारी कर गुजरात लाइन से मूंगफली दाना, तेल-परचून और स्क्रैप का माल विभिन्न राज्यों में भेजा जा रहा है। आरोप है कि इसी बिल्टी नेटवर्क के जरिये करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी हो रही है।

चर्चा है सिंडिकेट से जुड़े टैक्स चोरों द्वारा स्पेशल पॉवर में कार्रवाई न करने के एवज में अफसरों तक बिल्टियों के नाम लिखी पर्चियां पहुंचाई जाती थीं। खुलासा फर्स्ट को ऐसी एक बिल्टी और बिल्टी चलाने वालों की पर्ची भी हाथ लगी है, जिससे पूरे नेटवर्क की परतें खुल रही हैं।

यह जानकारी भी मिली है कि सिंडिकेट से जुड़े एक अफसर ने लोहामंडी क्षेत्र में एक गोदाम पर कब्जा कर रखा है, जिसे फिलहाल किराए पर दे दिया गया है। वहीं दूसरे अफसर का शहर में पेट्रोल पंप है। विभाग में चर्चा है कि इतना सब होने के बावजूद अफसर का मोह नहीं छूट रहा। इन संपत्तियों की वास्तविक आय और स्रोतों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

ड्यूटी के दौरान ‘फील्ड अफसरों के साथ तैनात’ रहे गार्ड
सूत्रों के मुताबिक विवेक सिलावट और राजेंद्र यादव उर्फ लल्लू कुछ समय पहले तक विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ फील्ड ड्यूटी में सक्रिय रहे हैं। बताया जाता है कि सीटीओ यदुवंशी, सीटीओ इंद्रेश तिवारी और सीटीओ एमएस चौहान के साथ दोनों गार्ड स्पेशल पॉवर के दौरान गाड़ियों की जांच और बड़ी फर्मों पर छापे की कार्रवाई में शामिल रहते थे।

सवाल यह है कि जो लोग कार्रवाई का हिस्सा थे, वही कथित तौर पर टैक्स चोरी के खेल में कैसे शामिल हो गए? गुजरात लाइन पर स्क्रैप, परचून, मूंगफली दाना और तेल के बड़े कारोबार की गारंटी उठाकर सिंडिकेट राज्य सरकार को करोड़ों रुपए की चपत लगा रहा है।

मून रोडवेज की बिल्टियों के जरिये बिना वैध टैक्स भुगतान के माल की आवाजाही जारी है। देखना होगा कि सरकार और उच्च स्तर के अधिकारी इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करते हैं या फिर यह सिंडिकेट यूं ही संरक्षण में फलता-फूलता रहेगा।

ई-वे बिल का खेल : लिस्ट, लिफाफा,‘सेटिंग’ से दौड़ रहे अवैध ट्रक!
जीएसटी चोरी के खेल को लेकर खुलासा फर्स्ट एक और बड़ा खुलासा कर रहा है... टीम के हाथ विभागीय लोगों से एक ऐसी पर्ची लगी, जिससे यह कहना गलत नहीं होगा कि भ्रष्टाचार और टैक्स चोरी की शुरुआत विभाग से ही हो रही है। सूत्रों ने बताया टैक्स चोर सिंडिकेट माफिया स्पेशल पॉवर मिलने से पहले ही फील्ड पर मौजूद अधिकारियों दो नंबर में चलने वाली गाड़ियों की बिल्टी की लिस्ट बनाकर भेज देते हैं, जिसके आधार पर बिना ई-वे बिल दौड़ रहे ट्रकों को ‘सुरक्षित रास्ता’ मिलता है। लिस्ट के साथ मोटे लिफाफे भी पहुंचते हैं, ताकि इन नामों की बिल्टी ट्रक से मिले तो उसे तुरंत छोड़ देना है। इसी सेटिंग के दम पर करोड़ों के टैक्स का खेल अंजाम तक पहुंचाया जाता है।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!