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फर्जी हस्ताक्षर कर हड़प ली कंपनी: उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम के कर्ताधर्ताओं ने

KHULASA FIRST

संवाददाता

11 फ़रवरी 2026, 10:30 पूर्वाह्न
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फर्जी हस्ताक्षर कर हड़प ली कंपनी

पार्टनर अंबिका अग्रवाल ने लगाया आरोप, करोड़ों की अफरा-तफरी के मामले में तुकोगंज पुलिस ने शुरू की जांच

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम प्रायवेट लिमिटेड, जिसका वर्तमान में कार्यालय 601, क्लिंफटन कॉरपोरेट, इंदौर में है और इस फैक्टरी का संचालन निमराणी में किया जा रहा है। इस कंपनी की स्थापना अंबिका अग्रवाल और राजेश उपाध्याय ने 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ वर्ष 2010 में की थी।

बाद में राजेश उपाध्याय, सोनू अग्रवाल, आस्था अग्रवाल, हरगोविंद यादव, सुरेंद्र कुमार मल्लिक आदि ने मिलकर अंबिका अग्रवाल के फर्जी हस्ताक्षर कर कंपनी के शेयर्स अन्य लोगों को ट्रांसफर कर दिए। इसके चलते अंबिका अग्रवाल की हिस्सेदारी 50 फीसदी से गिरकर 2.5 प्रतिशत रह गई।

प्रदेश शासन से सब्सिडी प्राप्त करते हुए फर्टिलाइजर निर्माण और विक्रय करने वाली इंदौर आधारित उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम प्रालि कंपनी में एक प्रमोटर अंबिका अग्रवाल के फर्जी हस्ताक्षर कर पहले इनका इस्तीफा कॉरपोरेट मंत्रालय में फाइल किया गया, इसके बाद प्रमोटर की होल्डिंग 50 फीसदी से 2.5 फीसदी पर ला दी गई।

इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने पर प्रमोटर अग्रवाल ने ईडी नई दिल्ली, पुलिस मुख्यालय भोपाल, ईओडब्ल्यू आदि को शिकायत की। अब यह मामला पुलिस कमिनर के पास पहुंचा, जहां से आदेश मिलने पर थाना तुकोगंज में इस प्रकरण की जांच जारी है और जल्द ही सभी आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज होने के संकेत हैं।

पंजाब नेशनल बैंक से भी की थी धोखाधड़ी... उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम में डायरेक्टर रहे सोनू पिता बंसीलाल अग्रवाल पूर्व में पंजाब नेशनल बैंक से भी करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी कर चुके हैं। इसके अलावा नकली घी बनाने के मामले में भी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के प्रकरण पंजीबद्ध हुए थे।

पंजाब नेशनल बैंक ने वर्ष 2011 में इनकी सभी संपत्तियां कुर्क कर लीं, जिसके चलते सोनू अग्रवाल, बंसीलाल अग्रवाल और सचिन अग्रवाल दिवालिया हो गए थे और इन सभी को अंबिका अग्रवाल व उनके पिता दिनेश अग्रवाल ने लाखों रुपए की मदद की, ताकि ये दोबारा बिजनेस कर सकें।

कुछ समय के बाद से ही उक्त आरोपियों ने अंबिका की प्रॉपर्टी पर कब्जा करने के प्रयास शुरू कर और दहेज लाने की मांग की। मंसूबे पूरे नहीं हुए तो सभी ने मिलकर अंबिका को घर से निकाल दिया। मामले में अंबिका अग्रवाल ने वर्ष 2023 में इन सभी के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कराया, जो विचाराधीन है।

मिनिस्ट्रीज ऑफ कंपनीज ने जारी किए नोटिस
कंपनी की वर्तमान में नेटवर्थ 50 करोड़ रुपए है और यह मप्र शासन को फर्टिलाइजर सप्लाय भी कर रही है। अंबिका अग्रवाल ने उनके साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज ग्वालियर के समक्ष की, जहां से इस संबंध में जांच के आदेश देने के साथ ही कंपनी के कर्ताधर्ताओं को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

कंपनी के खिलाफ प्रकरण... उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम में केवल फर्जी हस्ताक्षर का मामला ही नहीं, बल्कि इस कंपनी के खिलाफ प्रदेशभर में कई प्रकरण दर्ज हैं। अमानक फर्टिलाइजर बनाने को लेकर प्रकरण विचाराधीन होने के बावजूद विपणन समितियों द्वारा इसी कंपनी से फर्टिलाइजर की खरीदी की जा रही है। पिछले वर्ष इस कंपनी को प्रदेश शासन ने करोड़ों रुपए का भुगतान किया। कंपनी द्वारा जो फैक्ट्री निमराणी में संचालित की जा रही है, उसमें शासन द्वारा निर्धारित मानक एवं उपयुक्त संसाधन नहीं हैं।

लीज का दुरुपयोग... निमराणी में औद्योगिक विकास निगम की भूमि पर संचालित हो रही फैक्ट्री में भी अलग-अलग कंपनियां दर्शाते हुए सभी कंपनियांे के नाम पर सब-लीज पर दे दिया। इस तरह की शिकायत मिलने के बाद खरगोन जिला उद्योग केंद्र ने कंपनी की लीज निरस्त कर दी। वर्तमान में यह प्रकरण भोपाल मंत्रालय में विचाराधीन है। इस मामले में भी अंबिका अग्रवाल ने सारी सूचनाएं मंत्रालय को दी हैं।

कंपनी के डायरेक्टर
1. राजेश उपाध्याय डीन क्रमांक 02266182 (15.12.2011) वर्तमान में प्रमोटर।

2. हरगोविंद यादव डीन 02504828 डायरेक्टर हैं और हस्ताक्षर प्रमाणित किए।

3. सोनू अग्रवाल डीन 00445110 (06.11.2023) वर्तमान में एमडी।

4. आस्था अग्रवाल डीन 03015822 (07.05.2017) तक।

5. महेशचंद्र डीन 05146189 इन्होंने ही हस्ताक्षर प्रमाणित किए।

6. सुरेंद्र कुमार मलिक डीन 08783368 वर्तमान डायरेक्टर।

कंपनी में अब तक ये हुआ
31/03/2010 कंपनी की स्थापना अंबिका अग्रवाल और राजेश उपाध्याय द्वारा।

31/03/2011 कंपनी ने 32 हजार शेयर्स अलॉट किए। 30/03/13 42 हजार शेयर्स अलॉट किए। 01/02/14 ने 1,02,132 शेयर्स अलॉट किए। 13/01/15 58446 शेयर्स अलॉट किए। 06/02/15 26382 शेयर्स अलॉट किए। 12/03/15 43176 शेयर्स अलॉट किए। 22/01/16 36889 शेयर्स अलॉट किए।

02/03/16 10132 शेयर्स अलॉट किए। 30/09/22 बोर्ड मीटिंग में फर्जी हस्ताक्षर महेशचंद्र ने सर्टिफाई किए। 30/09/23 बोर्ड मीटिंग में फर्जी हस्ताक्षर महेशचंद्र ने सर्टिफाई किए। 30/09/24 बोर्ड मीटिंग में फर्जी हस्ताक्षर महेशचंद्र ने सर्टिफाई किए।

ऐसे किया फ्रॉड
आरोपियों की मिलीभगत से प्रमोटर अंबिका अग्रवाल के फर्जी हस्ताक्षर कर डायरेक्टर पद से इस्तीफा कॉरपोरेट मंत्रालय पर अपलोड कर दिया गया। इसके बाद छह वर्षों में बोर्ड मीटिंग्स कर अलग-अलग लोगों को इस कंपनी के शेयर्स अलॉट किए, जबकि यह सभी प्रमोटर को जारी किए जाना चाहिए थे। बोर्ड मीटिंग्स में भी प्रमोटर के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए गए।

यह सभी तथ्य रिकॉर्ड पर हैं। अलग-अलग लोगों को शेयर्स अलॉट किये जाने के कारण प्रमोटर की हिस्सेदारी कंपनी में 50 प्रतिशत से घटकर 2.5 प्रतिशत पर आ गई। कंपनी की वार्षिक मीटिंग्स में प्रमोटर अंबिका अग्रवाल को न तो बुलाया जाता है और न ही इस संबंध में कोई जानकारी दी जा रही है।

यहां कर चुके हैं शिकायतें
1. पुलिस महानिरीक्षक को की शिकायत ट्रांसफर होकर वर्तमान में तुकोगंज पुलिस थाने में विचाराधीन है।

2. कंपनी मामलों के मंत्रालय से नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

मुझे न्याय दिलाया जाए
मैं अंबिका अग्रवाल, मेरे साथ हुए विश्वासघात को दुनिया के सामने रख रही हूं। यह केवल संपत्ति का विवाद नहीं, बल्कि एक महिला के अस्तित्व और उसके बच्चों के भविष्य के लिए न्याय की पुकार है। वर्ष 2010 में मैंने राजेश उपाध्याय के साथ मिलकर उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम प्राइवेट लिमिटेड की नींव रखी थी।

मेरी हिस्सेदारी 50 फीसदी थी। 2011 में उपाध्याय और उनके साथियों ने मेरे फर्जी हस्ताक्षर कर मुझे डायरेक्टर पद से हटा दिया। पिछले 15 वर्षों में सोची-समझी साजिश के तहत मेरी 50 फीसदी हिस्सेदारी को घटाकर मात्र 2.5 फीसदी कर दिया गया।

2025 में जब मैंने कंपनी सेक्रेटरी के माध्यम से ऑनलाइन रिकॉर्ड निकाला, तब इस बड़े घोटाले का खुलासा हुआ, जिसकी शिकायत कॉर्पाेरेट मामलों के मंत्रालय और पुलिस कमिश्नर से की और जांच जारी है।

पारिवारिक प्रताड़ना और दहेज उत्पीड़न
मेरा विवाह 2005 में सचिन अग्रवाल से हुआ था। 2011 में जब मेरे पति, देवर (सोनू अग्रवाल) और ससुर (बंसीलाल अग्रवाल) दिवालिया हुए, तब मेरे पिता ने आर्थिक मदद की, जिसके बदले मुझे प्रताड़ना मिली। कैंसर और कोरोना जैसी बीमारी के दौरान भी मुझे दहेज और प्रॉपर्टी उनके नाम करने के लिए डराया-धमकाया गया।

दो साल पहले मुझे घर से निकाल दिया गया। वर्तमान में मेरे द्वारा दर्ज कराए गए मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। मेरे पति की जबरदस्ती दूसरी शादी करवाने के लिए ससुर इमोशनल ब्लैकमेल कर मुझे अब भी धमका रहे हैं।

सुरक्षा की गुहार... आज मैं अपने तीन बच्चों के साथ न्याय के लिए दर-दर भटक रही हूं। मुझे कंपनी की किसी मीटिंग में नहीं बुलाया जाता और लगातार धमकियां दी जा रही हैं। मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि यदि मुझे या मेरे बच्चों को कुछ भी होता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर राजेश उपाध्याय एवं हरगोविंद यादव, सोनू अग्रवाल (देवर), आस्था अग्रवाल (देवरानी) और बंसीलाल अग्रवाल (ससुर) जिम्मेदार होंगे।

मुझे कानून और न्याय व्यवस्था पर भरोसा है। मैं अपने हक की लड़ाई आखिरी सांस तक लड़ूंगी। मीडिया इस धोखाधड़ी का प्रमुखता से खुलासा करे, यही मेरी प्रार्थना है। -अंबिका अग्रवाल, प्रमोटर, उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम प्रालि

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