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कॉलेज की लीज निरस्त: सरकारी हुई घोषित; 400 करोड़ की जमीन पर सरकार का कब्जा, 138 साल पुराना अनुदान समाप्त

KHULASA FIRST

संवाददाता

23 जनवरी 2026, 1:33 अपराह्न
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कॉलेज की लीज निरस्त

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
क्रिश्चियन कॉलेज से जुड़ी 1.702 हेक्टेयर बहुमूल्य भूमि को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। कलेक्टर इंदौर द्वारा पारित आदेश में कॉलेज को वर्ष 1887 में दी गई साधारण अनुदान (लीज) को निरस्त करते हुए भूमि को शासकीय घोषित कर दिया गया है। वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 400 करोड़ रुपये आंका जा रहा है।

1887 में सशर्त अनुदान, अब शर्तों का उल्लंघन सिद्ध
प्रकरण क्रमांक 0002/-39/2025-26 के तहत यह मामला न्यायालय कलेक्टर जिला इंदौर के समक्ष प्रस्तुत हुआ। अनुविभागीय अधिकारी जूनी इंदौर की रिपोर्ट के अनुसार ग्राम कस्बा, इंदौर स्थित सर्वे नंबर 407/1669/3, रकबा 1.702 हेक्टेयर (17020 वर्गमीटर) भूमि वर्ष 01 दिसंबर 1887 को क्रिश्चियन मिशनरी को विशेष शर्तों पर प्रदान की गई थी।

अनुदान की शर्तों के अनुसार भूमि का उपयोग केवल विद्यालय एवं महिला अस्पताल के लिए किया जाना था, लेकिन वर्तमान में न तो महिला अस्पताल संचालित है और न ही मिशन अपने मूल स्वरूप में अस्तित्व में है।

मिशन अस्तित्वहीन, कॉलेज अन्य संस्था द्वारा संचालित
जांच में यह भी सामने आया कि यूनाइटेड चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया द्वारा साधारण अनुदान की शर्तों का उल्लंघन किया गया है। कॉलेज सीमित दायरे में फीस आधारित प्रणाली पर मिशन के अलावा अन्य संस्था द्वारा संचालित किया जा रहा है।

प्रिंसिपल डॉ. अमित डेविड द्वारा प्रस्तुत टी.एन.सी.पी. अनुमति से भी यह प्रमाणित हुआ कि संस्था अपने मूल उद्देश्य से भटक चुकी है।

हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत
प्रकरण में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसके विरुद्ध अनावेदक ने माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर में याचिका क्रमांक 43670/2025 दायर की। न्यायालय द्वारा 7 दिवस का समय दिया गया, किंतु संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।

कलेक्टर का स्पष्ट आदेश: भूमि शासन में समाहित
सभी तथ्यों, दस्तावेजों एवं कानूनी प्रावधानों के परीक्षण के बाद कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि उक्त भूमि मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 158 एवं 182, नजूल निर्वर्तन निर्देश 2020 तथा शासन परिपत्रों के तहत शासकीय भूमि है। फलस्वरूप 138 वर्ष पुरानी साधारण अनुदान (लीज) को निरस्त करते हुए भूमि को शासन हित में समाहित कर दिया गया है।

3 दिन में कब्जा लेने के निर्देश
कलेक्टर शिवम वर्मा ने अपर तहसीलदार जूनी इंदौर को निर्देशित किया है कि मौके पर जाकर भूमि का शासन हित में कब्जा लिया जाए और 3 दिवस के भीतर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।

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