विश्व प्रसिद्ध मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश का मामला: गैंगस्टर पर कोई कार्रवाई नहीं; वजह जान चौंक जाएंगे आप
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
विश्व प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर गैंगस्टर के गर्भगृह में जाकर पूजा-अर्चना करने के बाद से चर्चाओं का विषय बना हुआ है।
मामले ने पकड़ा तूल
बता दें कि, गैंगस्टर सतीश भाऊ 11 फरवरी की शाम अपनी पत्नी के साथ गर्भगृह में प्रवेश करते दिखाई दिया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया और प्रशासन ने जांच के आदेश दिए।
यह है पूरा मामला
गैंगस्टर सतीश भाऊ दर्जनभर साथियों के साथ मंदिर पहुंचा था। शाम करीब 7:41 से 7:45 बजे के बीच वह गर्भगृह में गया और पूजा-अर्चना की। इस दौरान गैंगस्टर ने 19 फरवरी को आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम का निमंत्रण भी दिया।
कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
मामले के सामने आने के बाद कलेक्टर एवं मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष शिवम वर्मा ने जांच के निर्देश दिए। सीसीटीवी फुटेज की जांच में पुष्टि हुई कि ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने चैनल गेट खोला था। जांच में सामने आया कि स्थानीय निवासी आकाश रावत ने गार्ड से बातचीत कर प्रवेश दिलाया।
जांच के बाद यह कार्रवाई की गई
ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड ज्योति वरूण को सेवा से बर्खास्त किया गया।
पूजन कार्य में मौजूद पुजारियों को कड़ी चेतावनी दी गई।
सुरक्षा एजेंसी बालाजी सिक्युरिटी सर्विस पर 21 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
आकाश रावत के खिलाफ बिना अनुमति प्रवेश दिलाने और गार्ड पर दबाव बनाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
गैंगस्टर पर कार्रवाई क्यों नहीं?
मंदिर प्रबंधन का कहना है कि तकनीकी आधार पर सतीश भाऊ के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। प्रबंधक गौरीशंकर मिश्रा के अनुसार, सीसीटीवी जांच में यह सामने आया कि भाऊ ने जबरन प्रवेश नहीं किया, बल्कि सुरक्षा गार्ड द्वारा गेट खोले जाने के बाद सामान्य रूप से अंदर गए।
चूंकि प्रवेश मंदिर के कर्मचारियों द्वारा कराया गया, इसलिए यह साबित नहीं होता कि संबंधित व्यक्ति ने नियमों का उल्लंघन जानबूझकर किया।
गैंगस्टर की पृष्ठभूमि
गैंगस्टर सतीश भाऊ पर शहर के विभिन्न थानों में आर्म्स एक्ट, मारपीट और धमकी सहित कई 13 केस दर्ज है। इतना ही नहीं हाल ही में उसके अपराधों को देखते हुए खजराना थाने में डोजियर भरवाया गया था कि वह कोई अपराध नहीं करेगा।
प्रबंध समिति ने जारी की सूचना
प्रबंध समिति ने सूचना जारी करते हुए कहा कि मंदिर प्रबंध समिति एवं पुजारीगण ने सर्वसम्मति से स्पष्ट किया है कि गर्भगृह में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित है। केवल विशेष परिस्थितियों में अध्यक्ष एवं प्रशासक की पूर्व अनुमति से ही प्रवेश संभव होगा।
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी की जाएगी। शहर की धार्मिक गरिमा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
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